महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस शनिवार को मुंबई में दुनिया के सबसे बड़े आभूषण शो में से एक IIJS सिग्नेचर और IGJME 2024 का फीता काटकर उद्घाटन किया। इस दौरान देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि महाराष्ट्र ने एक समृद्ध रत्न और आभूषण पारिस्थितिकी तंत्र का मार्ग प्रशस्त किया है।

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इस भव्य कार्यक्रम में आज बॉम्बे प्रदर्शनी केंद्र पर सॉलिटेयर इंटरनेशनल IIJS सिग्नेचर स्पेशल एडिशन और रत्न एवं आभूषण उद्योग पर मानक संचालन प्रक्रिया पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया। इस अवसर पर मंत्री उदय सामंत, जीजेईपीसी के अध्यक्ष विपुल शाह और अन्य लोग मौजूद रहे।

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बता दें कि रत्न एवं आभूषण उद्योग मुंबई से संबंधित है। भारतीय निर्यात में मुंबई का हिस्सा लगभग 72 प्रतिशत है। आज हमारा निर्यात 37 बिलियन डॉलर है। पीएम नरेंद्र मोदी इसे 2030 तक 75 बिलियन डॉलर तक ले जाने की उम्मीद रखते हैं।

देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि अगर भारत को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना है तो हमें महाराष्ट्र को 1 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाना होगा। यह केवल जीजेईपीसी जैसे संगठनों की मदद और पहल से संभव है, जिन्होंने घरेलू व्यापार, निर्यात को सुविधाजनक बनाने और भारत को सबसे बड़े अंतर्राष्ट्रीय खिलाड़ियों में से एक बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

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उन्होंने कहा कि हमारे पास जल्द ही महापे में रत्न और आभूषण पार्क होगा। जिसके लिए महाराष्ट्र सरकार ने जीजेईपीसी के साथ सहयोग किया है।भारत डायमंड बोर्स जैसे संस्थान भी मुंबई में मौजूद हैं, जो एक बहुत ही अनोखे पारिस्थितिकी तंत्र का प्रतीक है।

मुंबई का यह जेम्स एंड ज्वैलरी पार्क, एक प्रमुख निर्यातक के रूप में अपना नाम बनाए रखेगा और जेम्स एंड ज्वैलरी के क्षेत्र में भारत के लिए एक रिकॉर्ड बनाएगा। भारत प्राचीन काल से ही रत्न एवं आभूषण के इस वैश्विक व्यापार का हिस्सा रहा है। लोगों के लिए रत्न एवं आभूषण सिर्फ आर्थिक निवेश नहीं बल्कि भावनात्मक निवेश भी हैं। इसीलिए जब भी कोई देश समृद्ध होता है, तो अर्थव्यवस्था का विस्तार होता है।