Budget 2024: शेयर बाजार में जून सीरीज के दौरान जोरदार एक्शन दिखा. केंद्रीय बजट से पहले बाजारों में हलचल है. खासकर सरकारी क्षेत्र की कंपनियां फोकस में हैं. क्योंकि बजट में इनको लेकर उम्मीदें हैं. इसके तहत संभावना जताई जा रही है कि सरकार चुनिंदा सरकारी कंपनियों को लेकर बड़े ऐलान कर सकती है. इन कंपनियों में IRFC, NFL, RCF समेत मझगांव डॉकयार्ड जैसे नाम शामिल हैं.

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इन सरकारी कंपनियों में होगी हिस्सा बिक्री

केंद्र सरकार चालू वित्त वर्ष यानी FY25 में ऑफर फॉर सेल (OFS) के जरिए चुनिंदा सेक्टर की कंपनियों में हिस्सेदारी बेच सकती है. इसके तहत रेलवे, फर्टिलाइजर और डिफेंस सेक्टर की चुनिंदा सरकारी कंपनियों में स्टेक सेल कर सकती है. इसके अलावा मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड में भी हिस्सा बिक्री हो सकती है. मनीकंट्रोल की एक रिपोर्ट के मुताबिक केंद्र सरकार FY2025 में भारतीय रेलवे रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC), नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड (NFL) और नेशनल केमिकल्स एंड फर्टिलाइजर्स लिमिटेड (RCF) में छोटी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही.

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OFS में सरकार घटाएगी हिस्सेदारी

सरकारी सूत्रों के मुताबिक सरकार OFS पर फोकस जारी रखेगी. क्योंकि रणनीतिक बिक्री कई चरणों में है. इसके तहत मौजूदा साल में भी कुछ ऑफर फॉर सेल होंगे, जिसमें IRFC समेत NFL और RCF में शामिल हैं. सरकार इन कंपनियों में छोटी हिस्सेदारी OFS के जरिए बेच सकती है. इसके तहत FY25 के लिए तय डिसइनवेस्टमेंट टारगेट को पूरा किया जाएगा, जोकि 50000 करोड़ रुपए का है. विनिवेश को लेकर बजट से पहले मीटिंग होने वाले हैं. इसमें टोटल कैपिटल रिसीट में एसेट मोनेटाइजेशन, विनिवेश और अन्य पर चर्चा हो सकती है.

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IRFC में सरकार बेचेगी हिस्सेदारी

रिपोर्ट्स के मुताबिक केंद्र सरकार भारतीय रेलवे रेलवे फाइनेंस कॉरपोरेशन (IRFC) में करीब 11.36 फीसदी हिस्सा बेचने पर विचार कर सकती है. इतनी हिस्सेदारी के बेचने से केंद्र सरकार को करीब 7,600 करोड़ रुपए मिलेंगे. फिलहाल IRFC में सरकार की कुल हिस्सेदारी 86.36 फीसदी है.

IRFC में हिस्सा बिक्री का मुख्य लक्ष्य मार्केट रेगुलेटर SEBI की मिनिमम पब्लिक शेयर होल्डिंग के नियम को पूरा करना भी है, जिसके तहत 11.36 फीसदी हिस्सेदारी की बिक्री हो सकता है. SEBI के नियम के मुताबिक स्टॉक मार्केट में लिस्टेड कंपनियों में कम से कम 25 फीसदी पब्लिक ओनरशिप होना अनिवार्य है. IRFC का शेयर पिछले 6 महीने में 80 फीसदी से ज्यादा उछल चुका है. शेयर ने 1 साल की अवधि में 430% से ज्यादा का रिटर्न दिया है.