Budget 2024: मोदी सरकार तीसरे कार्यकाल का पहला बजट पेश करने की तैयारी में जुट गई है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अलग-अलग संगठनों और इकोनॉमिस्ट्स के साथ मीटिंग कर रही. प्री-बजट मीटिंग के तहत किसानों से जुड़े अहम फैसला लिया जा सकता है, जिसका ऐलान जुलाई में पेश होने वाले बजट में हो सकता है. फरवरी में पेश अंतरिम बजट हुआ था. अब जुलाई में पूर्णकालिक बजट की तैयारी जोर-शोर से चल रही है.

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एग्री इकोनॉमिस्ट्स और FM की मीटिंग हुई

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की कृषि संगठनों और कृषि अर्थशास्त्रियों के साथ मीटिंग हुई है. मीटिंग में किसानों को मिलने वाली सहायता राशि को 6 हजार रुपए से ज्यादा करने की मांग की गई है. इसके लिए किसानों को सब्सिडी को जमीनके अनुपात में राशि बंटवारे का सुझाव दिया गया है. साथ ही जरूरतमंद किसानों को ये सब्सिडी की रकम डायरेक्ट खाते में भेजने पर भी विचार किया जा सकता है.

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किसानों को सरकारी स्कीम में फायदा देने का सुझाव

ज़ी बिजनेस की रिपोर्ट के मुताबिक बजट की चर्चा में टेनेंट किसानों को भी सरकारी स्कीम का फायदा देने का सुझाव दिया गया है. चुंकि एग्री बिजनेस स्कीम में 2010 से कोई बदलाव नहीं हुआ है. इस पर एक बार फिर से विचार करने को कहा गया है. इसके तहत यूरिया पर सब्सिडी को घटाकर पोटाश समेत अन्य को बदलने पर विचार हो सकता है. इससे पोटाश और अन्य की खपत में बढ़ोतरी हो सकती है. एग्री इकोनॉमिस्ट्स ने वित्त मंत्री ने यूरिया की प्राइस बढ़ाने का सुझाव दिया. साथ ही उसपर सब्सिडी घटाने का सुझाव दिया है.

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GST काउंसिल जैसी व्यवस्था होने की मांग

इकोनॉमिस्ट्स ने सुझाव दिया कि किसानों की इनकम बढ़ाने को लेकर एक GST काउंसिल जैसी व्यवस्था किया जाए. इसके अलावा किसानों को GST क्रेडिट इनपुट का भी लाभ मिलना चाहिए, जिसकी व्यवस्था की जानी चाहिए. मीटिंग में अर्थशास्त्रियों ने कहा कि जुलाई में पेश होने वाले बजट में मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर को बढ़ावा देने के अलावा रोजगार सृजन पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए.