अयोध्या में भगवान राम का भव्य मंदिर का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। 22 जनवरी को प्राण प्रतिष्ठा के भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। इसके बाद से लाखों की संख्या में श्रद्धालु यहां राम लला के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। प्रदेश में विकास की अविरल धारा सतत बह रही है। प्रदेश सरकार अयोध्या में एक के बाद एक योजनाओं की शुरुआत कर रही है।

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अयोध्या में सौर ऊर्जा से राम लला की नगरी को जगमग किया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में अयोध्याधाम को देश की पहली सोलर सिटी के रुप में विकसित किया जा रहा है। इसके लिए कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मौजूदा समय में अवधपुरी में सौर ऊर्जा से 2500 सोलर स्ट्रीट लाइट, 500 स्मार्ट सोलर स्ट्रीट लाइट, 40 सोलर ट्री को संचालित किया जा रहा है। इसके साथ ही श्रद्धालुओं और पर्यटकों की सुविधा के लिए सोलर बोट की व्यवस्था भी की गई है।

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गौर करने वाली बात है देशभर में एक करोड़ घरों में सोलर पैनल लगाए जा रहे हैं। प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना की शुरुआत 22 फरवरी को अयोध्या में प्राण प्रतिष्ठा के कार्यक्रम के दौरान की गई है। खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना का अवलोकन किया। पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर ट्वीट करके लिखा था, सूर्यवंशी भगवान श्री राम के आलोक से विश्व के सभी भक्तगण सदैव ऊर्जा प्राप्त करते हैं।

अयोध्या में प्राण-प्रतिष्ठा के शुभ अवसर पर मेरा ये संकल्प और प्रशस्त हुआ कि भारतवासियों के घर की छत पर उनका अपना सोलर रूफ टॉप सिस्टम हो। अयोध्या से लौटने के बाद मैंने पहला निर्णय लिया है कि हमारी सरकार 1 करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर लगाने के लक्ष्य के साथ "प्रधानमंत्री सूर्योदय योजना" प्रारंभ करेगी। इससे गरीब और मध्यम वर्ग का बिजली बिल तो कम होगा ही, साथ ही भारत ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर भी बनेगा।