हाल ही में जिस तरह से 2023 की वार्षिक शिक्षा स्टेटस रिपोर्ट सामने आई है उसमे चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। इस रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में 14-18 वर्ष की आयु के 64 फीसदी बच्चों को यह तक नहीं पता है कि वह किस डिवीजन में पास हुए हैं। तकरीबन 46 फीसदी छात्र एक भी वाक्य सही से नहीं पढ़ पाते हैं।
14 से 18 वर्ष की आयु के सिर्फ 55.5 फीसदी छात्र ही कक्षा दो की पुस्तकों को पढ़ पाते हैं। वहीं सिर्फ 35.9 फीसदी छात्र गणित में भाग दे पाते है। सिर्फ 53.6 फीसदी छात्र अंग्रेजी के वाक्य को ढंग से पढ़ पाते हैं। यही नहीं गणित में जोड़-घटाना भी बहुत ही कम बच्चे कर पाते हैं।
इसके अलावा शिक्षकों और छात्रों के बीच समन्वय का अभाव भी इसकी एक बड़ी वजह है। शुरुआती स्तर पर छात्रों से उम्मीद होती है कि वह ठीक से सीखने की कोशिश करेंगे। लेकिन ऐसा नहीं कर पाने की वजह से इन छात्रों को उच्च प्राथमिक विद्यालयों में वाक्य पढ़ने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्हें गणित में काफी दिक्कतें होती हैं।
एक शिक्षक का कहना है कि दंड नहीं होने की वजह से छात्रों में डर खत्म हो गया है। इसके अलावा छात्रों और शिक्षकों के बीच समन्वय का अभाव है। इन वजहों से छात्रों का स्तर गिर रहा है और वह पिछड़ रहे हैं।
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