मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि लोगों ने राजनीतिको धंधा बना रखा था। हमारे लिए यह पैशन है मैं राजनीति में मिशन पर आया हूं, कमीशन पर नहीं। मिशन और कमीशन में सिर्फ क का फर्क है। लोगों को गरीबों को अच्छा इलाज कराने के लिए अच्छे हॉस्पिटल होना चाहिए, उनका जीने का हक है।

Advertisement

जहां अमीर इलाज करा रहा है, वहां गरीब जा ही नहीं सकता है। इसके लिए ही हमने मोहल्ला क्लीनिक की शुरुआत की। दिल्ली में दिक्कतें ज्यादा हैं, जितने मोहल्ला क्लीनिक उन्होंने दिल्ली में किए उतने हमने सिर्फ दो साल में पंजाब में कर दिए। पंजाब में हमने 800 आम आदमी क्लीनिक बना दिए, जहां एक करोड़ से अधिक का फुटफॉल हो चुका है।

Advertisement

हमारे पास हेल्थ डाटा आ रहा है कि कौन से इलाके में कौन सी बीमारी के ज्यादा मरीज आ रहे हैं। हाइपरटेंशन के कितने आ रहे हैं, ब्लड सुगर के कितने आ रहे हैं, बच्चों में कौन सी बीमारी है। जिस इलाके में जितनी बीमारी है वहां पर हम स्पेशलिस्ट डॉक्टर या फिर अस्पताल खोल सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले लोगों ने उम्मीद खो दी थी, लोगों को लगता था कि 50 साल तक की उम्र जी ली तो बहुत है। हमने 26 जनवरी को कहा था कि कोई भी डॉक्टर ऐसी दवा नहीं लिखेगा जो अस्पताल में नहीं मिले। अगर ऐसी कोई दवा लिखता है तो डॉक्टर को बाहर लाने के लिए जाना होगा, मरीज बाहर नहीं जाएगा।

Advertisement

अगर किसी को एक्सरे कराना है और अस्पताल में नहीं हो पाता है तो वो बाहर करा सकता है और उसे इसके लिए पैसा नहीं देना होगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इससे अच्छा पुन:नहीं हो सकता है कि लोगों को बेहतर इलाज मुहैया कराया जाए। ये पंजाब दारा सिंह, मिल्खा सिंह का पंजाब है, हमे अपने लोगों को स्वस्थ्य रखना है। फिर वो फौज जाएं, पुलिस में जाए।