नई दिल्ली: जिस तरह बड़ों के लिए सेविंग अकाउंट होते हैं ठीक उसी तरह बच्चों के लिए भी कई सेविंग अकाउंट होते हैं। जहां पर आप अपने बच्चों के भविष्य के लिए कुछ बचत करके रख सकते हैं।
आप अपने बच्चों के लिए बैंक में अकाउंट खोल सकते हैं। इसके कई फायदे हैं। इससे आपको बच्चों के लिए बड़ा फंड तैयार करने में मदद मिलती है। इसके साथ ही बच्चों को पैसे के महत्व के बारे में बताना भी आसान हो जाता है। बच्चे में वित्तीय अनुशासन बनाने के लिए भी बैंक अकाउंट महत्वपूर्ण है। बैंक में बच्चों के लिए खोले जाने वाले खाते को 'माइनर अकाउंट' कहा जाता है। माइनर का मतलब ऐसे व्यक्ति से है, जिसकी उम्र 18 साल से कम है।
एसबीआई में बच्चों के लिए दो तरह के हैं खाते
इसी कड़ी में देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने नाबालिगों के लिए बैंक खातों पर कई आकर्षक योजनाओं का ऐलान किया है। बैंक ने पहला कदम और पहली उड़ान के नाम से ऑफर किए जाने वाले खातों को खुलवाने की ऑनलाइन सुविधा भी दी है। एसबीआई ने अपनी वेबसाइट पर नाबालिगों के लिए दो बचत खाते पेश किए हैं। इसके साथ ही उनको नेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी सुविधाएं भी मिलती हैं। बता दें कि बैंक की वेबसाइट पर उपलब्ध जानकारी के अनुसार दोनों खातों में पैसा निकालने की रोजाना लिमिट भी तय की गई है, ताकि वो अनावश्यक पैसा खर्च न करें।
- मासिक औसत बैलेंस की आवश्यकता नहीं होती है। खाते में अधिकतम 10 लाख रुपये जमा करने की सुविधा, इसके साथ ही दोनों खातों में चेक बुक की सुविधा मिलेगी है।
- फोटो युक्त एटीएम सह डेबिट कार्ड दिया जाएगा, जिसमें रोजाना 5 हजार रुपये का ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। मोबाइल बैंकिंग की सुविधा में 2 हजार रुपये तक का बिल पेमेंट कर सकते हैं।
- ऑटो स्वीप की सुविधा जिसमें कम से कम 20 हजार रुपये की सीमा होगी। पहला कदम खाते में पेरेंट या फिर गार्जियन ओवर ड्रॉफ्ट की सुविधा मिलेगी।
- इसके अलावा बच्चे एक आरडी खाता भी खोल सकते हैं, जिसके लिए किसी तरह का कोई चार्ज नहीं लगेगा।
- माता-पिता या अभिवावक की आकस्मिक मौत पर फ्री एजुकेशन बीमा की सुविधा।
- एटीएम माता-पिता के परमीशन पर ही जारी होते हैं। इसके साथ ही मुफ्त में नेटबैकिंग की सुविधा मिलती है।
- मोबाइल बैकिंग की सुविधा से घर बैठे आप अपने बच्चे का खाता ट्रैक कर सकते हैं।
- इन सब से आपके बच्चों में वितीय अनुशासन पैदा होता है।
पहला कदम के तहत निजी चेकबुक, जिसमें 10 चेक होंगे, अभिभावक की निगरानी में बच्चे के नाम पर जारी की जायेगी। वहीं पहली उड़ान के तहत 10 चेक वाली निजी चेकबुक जारी की जाएगी, यदि नाबालिग यूनिफॉर्मली हस्ताक्षर कर सकता हो। बता दें कि पहला कदम और पहली उड़ान खातों दोनों के लिए नॉमिनेशन सुविधा भी उपलब्ध है। इसके अलावा इन खातों को खाता संख्या बदले बिना किसी भी एसबीआई शाखा में ट्रांसफर किया जा सकता है।
ट्रांजेक्शंस पर रखें नजर
अगर आप भी अपने बच्चों में अच्छी आदतें डालना चाहतें हैं तो पैरेंट्स को बच्चों की ट्रांजेक्शंस पर नियमित रूप से नजर रखनी चाहिए। जिससे ये सुनिश्चित किया जा सके कि वे पैसा सही तरीके से खर्च कर रहे हैं। बच्चों को खुद से बैंक एकाउंट खोलने और मैनेज करने की छूट देने से उन्हें बैंकिंग की दुनिया से परिचित कराया जा सकता है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान