नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी की वजह से देश में डिजिटल भुगतान का चलन तेजी से बढ़ रहा है। दरअसल, कोरोना से बचने के लिए लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी जा रही है। यही कारण है कि आज-कल डिजिटल लेनदेन ही एक बड़ा सहारा बना हुआ है। इस कड़ी में यस बैंक ने यूडीएमए टेक्नोलॉजीज के साथ मिलकर स्मार्टफोन और फीचर फोन यूजर्स के लिए डिजिटल वॉलेट ऐप युवा पे लॉन्च किया है। इसके जरिए ग्राहक मोबाइल से बिना इंटरनेट के भी पैसों का लेनदेन काफी आसानी से कर सकेंगे। अच्छी बात तो यह है कि इसे फीचर और स्मार्टफोन दोनों यूजर ही इस्तेमाल कर सकेंगे।
यस बैंक मिनिमम केवाईसी नियमों के तहत जारी डिजिटल वॉलेट भारत बिल भुगतान के माध्यम से बिल भुगतान की पेशकश करेगा और ग्राहकों को यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) की सुविधा प्रदान करेगा। इस ऐप के जरिए ग्राहक यूटिलिटी बिल जैसे नगर निगम बिल, हाउस टैक्स, वाटर टैक्स, बिजली बिल, एलपीजी, डीटीएच रिचार्ज, मोबाइल बिल, लाइसेंस फीस, इंश्योरेंस रिन्युअल, फास्टैग रिचार्ज, ईएमआई पेमेंट्स का भुगतान कर सकते हैं।
इसके अलावा ऐप के जरिए रिटेल आउटलेट्स पर भुगतान किया जा सकता है। युवा पे पर फंड ट्रांसफर, अकाउंट बैलेंस चेक, रिचार्ज या टॉप अप, बिल भुगतान और रिवॉर्ड प्लेटफॉर्म के लिए बैंकिंग ऐप के रूप में दोगुना हो जाएगा। यस बैंक के इस डिजिटल वॉलेट का इस्तेमाल फीचर और स्मार्टफोन दोनों तरह के यूजर कर सकेंगे। स्मार्टफोन यूजर्स को ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग शुरू करने के लिए वॉलेट एक्टिवेट करने के बाद 24 महीनों के भीतर एक बायोमेट्रिक आधारित केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करने की आवश्यकता होगी। जबकि फीचर फोन यूजर्स को पहले नजदीकी युवा मित्र के जरिए केवाईसी करानी होगी।
जानकारी के मुताबिक, यह ऐप चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में सुविधा उपलब्ध कराएगा। पहले चरण में कर्नाटक के 238 गांवों की 158 ग्राम पंचायतों के लोग इस ऐप के जरिए भुगतान कर सकेंगे। वहीं दूसरे चरण में 29 हजार गावों की 6200 ग्राम पंचायतों में यह ऐप सुविधा उपलब्ध कराएगा। इससे करीब 1.2 करोड़ लोग लाभान्वित होंगे। मिनिमम केवाईसी के साथ इस ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है।
स्मार्टफोन यूजर्स एंड्रॉयड प्ले स्टोर से युवा पे मोबाइल एप्लिकेशन डाउनलोड कर सकते हैं। इसके बाद न्यूनतम केवाईसी आवश्यकताओं को पूरा करें और फिर वे अपने वॉलेट में पैसे जोड़ सकते हैं। बता दें कि आरबीआई के दिशानिर्देशों के मुताबिक, उपयोगकर्ता का वॉलेट एक्टिवेट होने के बाद 24 महीनों के भीतर बायोमेट्रिक आधारित केवाईसी प्रक्रिया को पूरा करना होगा। वहीं अगर इंटरनेट कनेक्शन उपलब्ध है, तो यूजर ऑनलाइन सेवाओं का उपयोग शुरू कर सकते हैं। इंटरनेट कनेक्शन नहीं होने की स्थिति में पेमेंट रिक्वेस्ट एन्क्रिप्टेड एसएमएस में परिवर्तित हो जाती है और लेनदेन ऑफलाइन मोड में पूरा हो जाता है।
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