नयी दिल्ली। भारत में बड़ी तादाद युवाओं की है और युवाओं को अपने फाइनेंस को समझना और कुशलता से उसका प्रबंधन करना बहुत जरूरी है। आज के समय में लोग म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार या ऐसे ही किसी जोखिम वाले ऑप्शन में पैसा लगाते हैं। बहुत से निवेशक तो अपना सारा पैसा एक ही जगह लगा देते हैं। जबकि निवेश के मामले में जो बुनियादी चीजें ध्यान रखने वाली हैं उनमें एक है डायवर्सिफिकेशन। यानी अपने पैसे को एक नहीं बल्कि थोड़ा-थोड़ा बांट के कई ऑप्शंस में निवेश करना। डाइफर्सिफिकेशन पर ध्यान न देने वाले निवेशक अकसर एक दमदार और टिकाऊ निवेश ऑप्शन को भी भूल जाते हैं और वो है गोल्ड। अगर गोल्ड का पिछले एक साल का ही रिटर्न देखा जाए तो ये 37 फीसदी ऊपर रहा है। साथ ही अर्थव्यवस्था में मंदी और कोरोना जैसे किसी संकट के समय गोल्ड और भी बेहतर ऑप्शन है। यहां हम आपको उन कारणों के बारे में बताएंगे जिनकी वजह से किसी निवेशक का गोल्ड में निवेश करना बेहद जरूरी है।
जैसा कि बताया गया कि गोल्ड आपके निवेश पोर्टफोलियो में डायवर्सिफिकेशन लाता है। गोल्ड अपने आप में एक अलग निवेश वर्ग है और गोल्ड में निवेश हमारे मौजूदा पोर्टफोलियो में विविधता लाने में मदद करता है। डायवर्सिफिकेशन निवेश का एक मूल मंत्र है। हमेशा एक आदर्श पोर्टफोलियो उसे माना जाएगा जिसमें कई जगहों पर पैसा लगाया गया हो। आम तौर पर एक्सपर्ट्स 15-20 फीसदी पैसा गोल्ड में लगाने की सलाह देते हैं।
कोरोना जैसे किसी संकट के समय गोल्ड की चमक और बढ़ती है। दरअसल किसी बड़े संकट के समय निवेशक इक्विटी जैसी जगहों से पैसा निकाल कर गोल्ड में लगाते हैं, जिससे गोल्ड की मांग बढ़ती है और इसकी कीमतों में इजाफा होता है। कोरोना के समय बिल्कुल ऐसा ही देखने को मिला है। ऐतिहासिक रूप से भी गोल्ड ने ऐसे ज्यादातर मौकों पर अच्छा परफॉर्मेंस किया है।
गोल्ड को भारतीय संस्कृति का हिस्सा माना जाता है। खास कर शादी जैसे शुभ अवसरों पर सोने की बहुत अहमियत होती है। ऐसे समय आने पर लोग आने वाली पीढ़ियों को अपना सोना सौंपते हैं। इसके अलावा बेटियों की शादी के लिए पहले से ही गहने डिजाइन करके रखे जाते हैं। कई ज्वेलर ऐसी स्कीम भी चलाते हैं, जिसमें थोड़ा थोड़ा पैसा जमा कर लंबे समय में एक निश्चित अवधि के बाद पैसों के बदले सोना हासिल कर सकते हैं। बच्चों के लिए जमा करने के लिए सोने में निवेश अच्छा विकल्प है।
अधिकांश जोखिम वाली एसेट्स महंगाई के समय बहुत अच्छा प्रदर्शन नहीं करती हैं मगर ऐसे वक्त पर गोल्ड, एक कमोडिटी होने के नाते, की कीमतों में मुद्रास्फीति के साथ ही होती है। इसलिए मुद्रास्फीति के खिलाफ गोल्ड एक बहुत अच्छा कवच माना जाता है।
पिछली पीढ़ियों की तुलना में आज का युवा अधिक तकनीक से लगाव रखता है। इंटरनेट से अच्छी तरह वाकिफ होने के कारण आज के युवाओं के पास नए और गैर-पारंपरिक उपकरणों में निवेश करने का विकल्प है। गोल्ड के मामले में सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड्स और गोल्ड ईटीएफ जैसे ऑप्शन मौजूद हैं, जो आसानी से ऑनलाइन खरीदे और बेचे जा सकते हैं। ये फिजिकल गोल्ड के मुकाबले ज्यादा लिक्विड (बेच कर जल्दी पैसा हासिल करने वाला ऑप्शन) और सुरक्षित हैं। इनमें धोखाधड़ी की गुंजाइश नहीं।
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