नयी दिल्ली। इस साल कोरोना के कारण लगाए गए लॉकडाउन के बीच अप्रैल में कार कंपनियों की सेल्स शून्य रही थी। मगर इसके बाद धीरे-धीरे कार कंपनियों की सेल्स बढ़ी। इसमें मारुति सहित बाकी कार कंपनियों की तरफ से पेश किए गए डिस्काउंट और फाइनेंस स्कीम ने भी अहम भूमिका निभाई। इन दोनों ऑप्शंस ने ग्राहकों को आकर्षित किया। अभी भी डिस्काउंट और कई फाइनेंस स्कीम चल रही हैं। डिस्काउंट तो फिर भी ठीक है, पर क्या ये फाइनेंस स्कीम आपके लिए ठीक हैं? इससे आप पर काफी बोझ बढ़ सकता है। एक ऐसे समय जब सैलेरी कम हुई हो और नौकरी पर तलवार लटकी हो तो ऐसी स्कीमों से ज्यादा बेहतर है। आइए जानते आपको किस तरह नुकसान हो सकता है।
मारुति और हुंडई सहित कई कंपनियों ने ईएमआई टालने सहित कई स्कीम पेश की थीं। स्टेप-अप ईएमआई या बैलून टाइप लोन रीपेमेंट योजनाएं एक सामान्य योजना की तुलना में अधिक महंगी होती हैं क्योंकि इनमें कुल ब्याज का बोझ ज्यादा हो जाता है। यदि आप कुल लागत पर बचत करना चाहते हैं तो आप कम अवधि वाले कार लोन का विकल्प चुन सकते हैं क्योंकि लॉन्गटर्म लोन की तुलना में इस ऑप्शन में ब्याज का बोझ कम होगा। ज्यादा लंबी अवधि यानी ज्यादा ब्याज कम अवधि यानी कम ब्याज।
यदि आप 'अब खरीदें, बाद में भुगतान करें' (Buy Now Pay Later) जैसी योजना को चुनते हैं तो आपकी ईएमआई शुरू होने से पहले के शुरुआती महीनों में भी ब्याज जमा होता रहेगा। इसके अलावा यदि आप 'ईएमआई हॉलिडे' समाप्त होने पर भुगतान शुरू करने में विफल रहते हैं तो आपका क्रेडिट स्कोर प्रभावित होगा। आज के समय में लोन के लिए सबसे जरूरी चीज बेहतर क्रेडिट स्कोर ही है। ऐसी स्कीम से बेहतर है कंपनियों की तरफ से दिया जाने वाले डिस्काउंट का फायदा उठाएं। उसमें आपको बचत भी होगी।
आरबीआई द्वारा रेपो दर को 4 प्रतिशत तक घटाए जाने के बाद बैंकों ने भी उधार दरों तेजी से कमी की। इसका मतलब है कि नियमित ऑटो लोन इस समय आकर्षक हैं और कम से कम 2020 के अंत तक सस्ते ही रहेंगे क्योंकि केंद्रीय बैंक भारत में आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए दरों को कम रखेगा। दूसरी बात यदि आपके पास एक अच्छा क्रेडिट स्कोर है तो आप एक बेहतर कार लोन डील के लिए बैंक या वित्तीय कंपनी के साथ मोलभाव भी कर सकते हैं। इसके अलावा ब्रांड्स द्वारा दी जाने वाली कार फाइनेंसिंग योजनाएं केवल कुछ मॉडलों के लिए ही हैं। इसके बजाय आप नियमित लोन पर अपनी पसंद का मॉडल चुन सकते हैं।
ऐसी योजनाओं का उपयोग करके भुगतान टालना करना एक अच्छा विचार नहीं हो सकता है, विशेष रूप से तब जब फ्यूचर अनिश्चित है। अभी महामारी की स्थिति बरकरार है और कोई नहीं जानता कि हालात कब तक और कितने खराब रहेंगे। आपकी सैलेरी कटौती या नौकरी ही छिन सकती है। दूसरी बात आपको एक फायदे की बात बता दें कि इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने पर लोन पर आपको धारा 80 ईईबी के तहत 1,50,000 रुपये तक के ब्याज भुगतान पर छूट मिल सकती है।
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