नई दिल्ली। अगले वित्त वर्ष से इनकम टैक्स की एक नई व्यवस्था शुरू होने जा रही है। मोदी सरकार की वित्त मंत्री निर्मला सीमारमण ने देश के 70 साल के इतिहास में ऐसा पहली बार किया है। अब सरकार का इरादा निवेश करके इनकम टैक्स बचाने की परंपरा को बंद करने की तरफ कदम बढ़ा दिया है। इसी के साथ इस बजट में सरकार ने कुल मिलाकर 70 रिबेट को खत्म करने का फैसला किया है। कुछ इसी तर्ज पर सरकार ने पिछले साल कार्पोरेट टैक्स घटाया था। हालांकि जो लोग इसी साल इनकम टैक्स के दायरे में आ रहे हैं या जिन्होंने अभी तक कोई बड़ा निवेश नहीं किया है, उनके लिए नई टैक्स व्यवस्था फायदेमंद भी रह सकती है।

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जानिए नुकसान या फायदा

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने मौजूदा छूट छोड़ने पर की शर्त रखी है। यह एक कड़ी शर्त है। नए टैक्स सिस्टम में इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी, 80डी के तहत मिलने वाले सभी छूट के फायदे खत्म हो जाएंगे।

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ये मिलते हैं अभी फायदे

अभी 80सी के तहत अभी तक एलआईसी या बीमा, पीपीएफ, एनएससी, यूलिप, ट्यूशन फीस, टैक्स सेविंग म्यूचुअल फंड, पेंशन फंड, होम लोन, बैंकों में टर्म डिपॉजिट, पोस्ट ऑफिस में 5 साल के डिपॉजिट और सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश करके जो टैक्स छूट का फायदा लेते थे, वह खत्म हो जाएंगे। 80डी के तहत हेल्थ इंश्योरेंस पर भी टैक्स छूट छोड़ना होगी।

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ये फायदा भी चला जाएगा

टैक्सपेयर्स को प्रॉपर्टी बेचकर या शेयर बेचकर नुकसान होता है, तो उसे अगले साल कैरी फॉरवर्ड कर सकता है। यानी अगले साल हुई आमदनी से उस नुकसान को घटाकर टैक्सेबल आमदनी जोड़ी जाती थी। नए टैक्स सिस्टम में यह फायदा भी खत्म हो जाएगा।

किसे होगा नए टैक्स सिस्टम से फायदा

नई इनकम टैक्स व्यवस्था का फायदा सिर्फ उन लोगों को होगा, जिन्होंने किसी भी तरह का कोई निवेश नहीं किया है। यह लोग नए सिरे से अपनी इनकम टैक्स प्लानिंग कर सकते हैं।

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