नई दिल्ली, मई 11। बीमा वित्तीय नुकसान या इमरजेंसी से सुरक्षा पाने का एक साधन है। विभिन्न प्रकार की बीमा पॉलिसियाँ होती हैं जिन्हें कोई भी अपनी आवश्यकता के अनुसार खरीद सकता है। जीवन बीमा निगम (एलआईसी) एक सरकारी बीमा कंपनी है जिससे कोई भी बीमा पॉलिसी खरीद सकता है। एक बार जब कोई कंपनी से बीमा पॉलिसी खरीदने का फैसला करता है, तो उस व्यक्ति को एक लाभार्थी को नॉमिनी बनाना होता है जो उस व्यक्ति के साथ कुछ होने पर बेनेफिट प्राप्त करेगा। पॉलिसीधारक के नॉमिनी चुनने के बाद ऐसा कोई सख्त नियम नहीं है कि उसी व्यक्ति को हमेशा के लिए नॉमिनी बना कर रखना होगा। यदि पॉलिसीधारक चाहता है, तो वह किसी भी समय नामित व्यक्ति यानी नॉमिनी को बदल सकता है। आप एलआईसी की पॉलिसी में किस तरह नॉमिनी को बदल सकते हैं हम आपको यहां यही बताएंगे।
नॉमिनी वह व्यक्ति होता है जो बीमाधारक को कुछ होने की स्थिति में लाभ प्राप्त करता है। पॉलिसीधारक द्वारा ही नॉमिनी को नियुक्त किया जाता है और पॉलिसी अवधि के दौरान उसकी मृत्यु के मामले में कोई भी व्यक्ति जिसे पॉलिसीधारक वित्तीय लाभ प्राप्त कराना चाहता है, नॉमिनी बन सकता है। आम तौर पर लोग जीवनसाथी, बच्चों या माता-पिता को नॉमिनी के रूप में नियुक्त करते हैं।
नॉमिनी को पॉलिसी के जारी होने के समय ही शामिल किया जाना चाहिए। पॉलिसी तैयार होने और जारी होने तक यदि कोई नॉमिनी शामिल नहीं किया गया है तो बीमित व्यक्ति बाद में भी इसके लिए अप्लाई कर सकता है। किसी अजनबी को नॉमिनी नहीं बनाया जा सकता क्योंकि इसमें कोई बीमा योग्य हित नहीं है और इसमें नैतिक जोखिम शामिल हो सकते हैं।
अगर नॉमिनी नाबालिग है, तो इस मामले में पॉलिसीधारक की मृत्यु की स्थिति में पैसा प्राप्त करने के लिए एक नियुक्त व्यक्ति (अपॉइंटी) को नियुक्त किया जाना चाहिए। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि एलआईसी पॉलिसी में नॉमिनी व्यक्ति को अभी ऑनलाइन नहीं बदला जा सकता है। ये पूरी प्रक्रिया ऑफलाइन मोड में की जाती है।
पॉलिसी की वैलिडिटी के दौरान पॉलिसीधारक किसी भी समय नॉमिनी को बदल सकता है। नॉमिनी को बदलने के लिए, पॉलिसीधारक को एलआईसी को फॉर्म 3750 में एक नोटिस भेजना होगा, जिसमें उस व्यक्ति की डिटेल का उल्लेख किया गया हो जिसे वह बीमा पॉलिसी के नॉमिनी के रूप में नियुक्त करना चाहता है। कोई भी व्यक्ति मौजूदा नॉमिनी को सूचित किए बिना किसी भी समय लाभार्थी/नॉमिनी को बदल सकता है।
नॉमिनी को बदलते समय, पॉलिसीधारक को फॉर्म 3750, एंडॉर्समेंट के लिए एक पॉलिसी बांड, पॉलिसीधारक और नॉमिनी के बीच संबंध का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। पॉलिसीधारक को सभी दस्तावेज जमा करने होते हैं और एलआईसी बाकी चीजें खुद करती है।
एलआईसी का आईपीओ
एलआईसी का आईपीओ सोमवार को ऑफर पीरियड के आखिरी दिन तक 2.95 गुना सब्सक्राइब हुआ, जिससे सरकार को करीब 21,000 करोड़ रुपये जुटाने में मदद मिलेगी। अब तक, 2021 में पेटीएम के आईपीओ से जुटाई गई राशि 18,300 करोड़ रुपये में सबसे बड़ी थी, इसके बाद कोल इंडिया (2010) लगभग 15,500 करोड़ रुपये और रिलायंस पावर (2008) 11,700 करोड़ रुपये थी। यानी एलआईसी का आईपीओ सबसे बड़ा होगा।
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