नई दिल्ली, मई 18। यदि आप अपनी वर्किंग लाइफ शुरू कर रहे हैं और अपनी भविष्य की जरूरतों के लिए पैसे बचाना शुरू करना चाहते हैं, तो शुरुआत करने का सबसे अच्छा तरीका अपने बैंक में डिपॉजिट करना है। डिपॉजिट में बचत खाते की तुलना में अधिक ब्याज दर अर्जित करता है, फिर चाहे वो फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) हो या रेकरिंग डिपॉजिट (आरडी)। लेकिन शुरुआती निवेशक जानना चाहते होंगे कि ये दोनों डिपॉजिट कैसे काम करते हैं। इनमें से कहां ज्यादा फायदा है? हम आपको यहां इसी सवाल का जवाब देंगे।
एफडी बचत और निवेश इंसट्रूमेंट हैं जो पैसे जमा करने की अवधि पर एक निश्चित दर से ब्याज दिलाता है। जब अवधि पूरी हो जाती है, तो जमा राशि मैच्योर हो जाती है और आपको ब्याज सहित वापस कर दी जाती है। आपके पास संचयी (क्यूमैलेटिव) या गैर-संचयी (नॉन-क्यूमैलेटिव) एफडी हो सकती है। संचयी ब्याज एफडी में, आपको मैच्योरिटी पर मूलधन और ब्याज मिलता है। गैर-संचयी एफडी में, आपके पास नियमित अंतराल पर, यानी मासिक, तिमाही, आदि पर ब्याज प्राप्त करने का विकल्प होता है।
रेकरिंग डिपॉजिट भी निश्चित ब्याज और निश्चित अवधि वाला मासिक बचत और निवेश ऑप्शन है। एफडी की तरह, आरडी भी आपको पूरे कार्यकाल के लिए वही ब्याज देती हैं, जो पहले से बैंक या फाइनेंस कंपनी ऑफर कर रही होती है। हालांकि, एफडी के विपरीत, आरडी जमाकर्ता को किश्तों में बचत करने की सुविधा मिलती है, यानी आपके बैंक खाते से हर महीने एक निश्चित राशि काट ली जाती है। इसमें एफडी के उलट एक साथ पैसा नहीं जमा कराना होता।
मान लीजिए कि आप एक साथ एफडी में 6 लाख रु का निवेश करते हैं। वहीं कोई अन्य व्यक्ति हर महीने 10000 रु आरडी में जमा कराता है। एफडी और आरडी की अवधि 5 साल है। ऐसे में आरडी कराने वाला व्यक्ति भी कुल 5 साल में टोटल 6 लाख रु का निवेश करेगा। अब आपकी निवेश अवधि और राशि एक समान है। मान लीजिए दोनों को 7 फीसदी सालाना ब्याज मिल रहा है। मगर कैल्कुलेटर के अनुसार आपको एफडी में मैच्योरिटी पर 848867 रु मिलेंगे, जबकि आरडी वाला व्यक्ति केवल 719328 रु प्राप्त करेगा। जाहिर सी बात है एफडी ज्यादा वाली है।
देखिए एफडी में आपने पहले दिन एक बार में मोटी रकम लगा दी। उसी पर आपको सालाना ब्याज मिलेगा। जबकि आरडी में पहले महीने 10000 रु मिले तो उसी पर ब्याज की गणना होगी। इसी तरह आरडी में एक बड़ी तैयार होने में समय लगेगा, जबकि एफडी में आपको शुरुआत से पूरी राशि पर ब्याज मिलेगा। इसलिए एफडी बेहतर है।
आरडी उनके लिए बेहतर है जो एक साथ बड़ी रकम निवेश नहीं कर सकते और म्यूचअल फंड में जोखिम नहीं लेना चाहते। वे आरडी में हर महीने थोड़ी-थोड़ी रकम जमा कर सकते हैं। इससे उनका फ्यूचर सेफ हो सकता है। इमरजेंसी फंड तैयार हो सकता है। यदि आप 5-7 हजार रु हर महीने जमा करें तो 20 साल बाद एक बहुत बड़ा फंड तैयार हो जाएगा।
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