Non-taxable Income: अक्सर लोग घर बैठे-बैठे साइड बिजनेस करते हैं या फिर बचत से उन्हें ब्याज भी अच्छा मिलता है तो ऐसे में उनके मन में यह ख्याल आता है कि इसके लिए टैक्स देना होगा या नहीं।

Advertisement

अगर आप भी सैलरी के अलावा कई अन्य तरीकों से भी कमाई करते हैं तो ये खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। कुछ ऐसे इनकम सोर्स होते हैं जिनपर कोई टैक्स नहीं लगता है।

Advertisement

जानिए क्या है नॉन-टैक्सेबल इनकम

कोई भी इनकम जो आयकर के अधीन नहीं है उसे नॉन टैक्सेबल इनकम कहा जाता है। ये इनकम किसी व्यक्ति की टैक्स लायबिलिटी की गणना से पूरी तरह बाहर रखी जाती है। चलिए आपको ऐसी 10 इनकम के बारे में बताते हैं जिसमें एक भी रुपये का टैक्स नहीं देना पड़ता है।

1. जीवन बीमा क्लेम या मैच्योरिटी

Advertisement

अगर आपने जीवन बीमा पॉलिसी खरीद रखी है तो आपकी तरफ से इसका दावा करते वक्त या इसकी मैच्योरिटी पर मिलने वाली रकम पूरी तरह से नॉन टैक्सेबल इनकम होती है यानी आपको इसपर कोई भी टैक्स नहीं देना होगा।

नियमों के अनुसार आपकी जीवन बीमा पॉलिसी का सालाना प्रीमियम उसके सम अस्योर्ड के 10% से अधिक न हो और अगर जीवन बीमा पॉलिसी में प्रीमियम इससे अधिक है तो आपको अतिरिक्त रकम पर इनकम टैक्स देना होगा।

Advertisement

वहीं, अगर आपने जीवन बीमा पॉलिसी अपने परिवार के किसी विकलांग या गंभीर बीमारी से ग्रस्त व्यक्ति के लिए ली है तो प्रीमियम की रकम सम अस्योर्ड का 15% तक हो सकती है।

2.गिफ्ट्स पर नहीं लगता इनकम टैक्स

इनकम टैक्‍स के नियमों के अनुसार अगर आपको एक वित्त वर्ष में 50 हजार रुपेय से अधिक कीमत के गिफ्ट मिले हैं तो इस पर आपको टैक्‍स देना होगा।

Advertisement

गिफ्ट पर लगने वाला इनकम टैक्स किसी एक गिफ्ट पर नहीं लगता है, बल्कि यह एक वित्त वर्ष में मिले कुल गिफ्ट्स पर लगता है।

इनकम टैक्स के नियमों की बात करें तो इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 56 (ii) के मुताबिक रिश्तेदारों से मिलने वाली प्रॉपर्टी, ज्वैलरी या पैसे पर टैक्स नहीं लगता है। हालांकि, गैर-रिश्तेदारों से मिलने वाले गिफ्ट्स पर सिर्फ 50,000 रुपये की सीमा के साथ छूट मिलती है।

Advertisement

अविभाजित हिन्दू परिवार( एचयूएफ) से मिली रकम या विरासत के रूप में हुई आमदनी को इनकम टैक्स कानून के सेक्शन 10(2) के तहत इसे आयकर के दायरे से बाहर रखा गया है।

3. कृषि संबंधित इनकम

अगर आपके पास कृषि भूमि है और आप खेती या उससे जुड़ी गतिविधियों से कमाई कर रहे हैं तो आपको उस आय पर किसी तरह का इनकम टैक्स नहीं देना पडे़गा। कृषि भूमि के लिए खरीदी और बिक्री से होने वाली आय भी नॉन टैक्सेबल होती है।

4. ग्रेच्युटी

आपको बता दें कि सरकारी कर्मचारी की मृत्यु या रिटायरमेंट के बाद मिलने वाली ग्रेच्युटी पूरी तरह से टैक्स फ्री होती है।

प्राइवेट सेक्टर के कर्मचारियों को भी 10 लाख रुपये तक की राशि पर ग्रेच्युटी पर टैक्स रिलीफ का लाभ मिलता है। आयकर अधिनियम के अनुसार, ग्रेच्युटी पर टैक्स कटौती अन्य सीमाओं पर भी निर्भर करती है।

5. इन इनकम पर भी देना होता टैक्स

इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 10(15) के अनुसार, कुछ ऐसी योजनाएं भी हैं जिनपर पर ब्याज से होने वाली कमाई पूरी तरह से टैक्स फ्री है।

इनमें सुकन्या समृद्धि योजना, लोकल अथॉरिटी और इन्फ्रास्ट्रक्चर बॉन्ड, गोल्ड डिपॉजिट बॉन्ड, पर मिलने वाला ब्याज पर कोई टैक्स नहीं लगता है।