नई दिल्ली, मार्च 19। आज के समय में गर्मी से बचने के लिए एयर कंडीशनर (एसी) एक आवश्यकता बन गए हैं। मगर इन्हें खरीदना मुश्किल हो सकता है, क्योंकि इनकी बहुत अधिक हो सकती है। बाजार में कई एसी मॉडल मौजूद हैं। हर मॉडल के अपने कुछ फीचर्स होते हैं, जिनमें 'सिक्स सेंस कूलिंग', 'फोर-वे ऑटो स्विंग' आदि शामिल हैं। मगर लोग इन तकनीकों पर फोकस नहीं करते हैं। उन्हें चाहिए एसी कमरे को कुशलता से ठंडा करे, सस्ता हो और अधिक बिजली की खपत न करे। अगर आप एसी में इन क्वालिटीज की तलाश कर रहे हैं तो इन्वर्टर एयर कंडीशनर आपके लिए बेहतर हो सकता है। ये आपकी काफी बचत भी करा सकता है। आइए जानते हैं कैसे।
ज्यादातर लोग केवल दो तरह के एसी के बारे में जानते हैं। इनमें स्प्लिट और विंडो एसी शामिल हैं। विंडो एसी वो होते हैं जिन्हें आपकी खिड़की पर लगाया जाता है। वहीं स्प्लिट दो जगह होता है। इसका एक हिस्सा छत या बाहर की तरफ दीवार पर होगा, जबकि कूलिंग करने वाला हिस्सा कमरे में होगा। मजे की बात यह है कि इन्वर्टर और नॉन-इन्वर्टर एसी स्प्लिट और विंडो दोनों तरह के एसी मॉडल हो सकते हैं।
इन्वर्टर एसी का असल काम बहुत अधिक बिजली की खपत किए बिना कमरे को बेहतर तरीके से ठंडा करना है। इसीलिए इन एसी को एनर्जी सेविंग एसी भी माना जाता है। टेक्नोलॉजी की मदद से कंप्रेसर को विभिन्न क्षमताओं पर चलाने की सुविधा मिलती है और यह काम ऑटोमैटिक रूप से होता है। आसान शब्दों में कहें तो एसी कमरे के तापमान के आधार पर कूलिंग या फैन स्पीड को अपने आप एडजस्ट करता है।
उदाहरण के लिए यदि कोई 1.5 टन का इन्वर्टर एसी खरीदे, तो डिवाइस 0.5 टन और 1.5 टन कूलिंग क्षमता के बीच काम करने में सक्षम होगा। नॉन-इन्वर्टर एसी कंप्रेसर पर कोई कंट्रोल प्रदान नहीं करते हैं और मोटर पूरी गति से चलती है। जब कमरे का तापमान जरूरी तापमान तक पहुंच जाता है तो बंद हो जाता है। यह बेवजह ऑन-ऑफ प्रोसेस अधिक शोर पैदा करती है और अधिक बिजली की खपत करती है।
अच्छी बात यह है कि आपको हमेशा अधिक बिजली बचाने वाले उपकरणों की तलाश करनी चाहिए, क्योंकि ये न केवल पर्यावरण के अनुकूल होते हैं, बल्कि बिजली के बिल में पैसे बचाने में भी आपकी मदद करेंगे। अगर आपका बजट कम है, तो नॉन-इन्वर्टर चुनना बेहतर होगा। मगर यदि आपका बजट कम हो तो भी कोशिश करें कि इंवर्टर एसी खरीदें। चाहे ईएमआई पर खरीद लें।
मगर एक स्थिति है जब ग्राहकों के लिए नॉन-इन्वर्टर एसी भी फायदेमंद हो सकता है। दरअसल यदि आप 120 वर्ग फुट बड़े कमरे के लिए एसी खरीद रहे हैं और उसे दिन में तीन-चार घंटे से ज्यादा धूप नहीं मिलती है, तो नॉन-इन्वर्टर एसी एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। क्योंकि तब बिल और मैंटेनेंस खर्च कम रहेगा। तो इंवर्टर एसी पर ज्यादा पैसे खरीदने की जरूरत नहीं है।
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