नई दिल्ली: किसानों को बड़ी राहत देने के लिए सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) शुरू की है। किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के जरिए किसानों को खेती से जुड़ी चीजों के लिए कर्ज मुहैया करवाया जाता है। इन कार्ड के जरिए कर्ज लेना काफी सस्ता होता है। किसान क्रेडिट कार्ड पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के साथ जोड़ा गया है। किसानों का मजबूत बनाने और उन पर कर्ज का बोझ कम करने के लिए सरकार कई अहम कदम उठा रही है। हाल ही में बीते महीने किसानों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऐलान किया था कि देश के 2.5 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) मुहैया कराए जाएंगे। इनके जरिए 2 लाख करोड़ रुपए तक की राशि दी जाएगी। किसानों के लिए लॉन्च हुआ Kisan Rath एप, जानें फायदे
सरकार ने पिछले 2 महीने में ही 25 लाख किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड जारी किए हैं। सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (केसीसी) के जरिए लोन लेना भी किसानों के लिए आसान कर दिया है। लेकिन, आखिर ये किसान क्रेडिट कार्ड है क्या इसे समझना आपके लिए भी जरूरी है। अगर आप किसान हैं और अब तक किसान क्रेडिट कार्ड नहीं लिया है तो इसके बारे में जानकारी जरूर रखें। किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम के जरिए किसानों को खेती से जुड़े काम के लिए कर्ज दिया जाता है। कार्ड के जरिए कर्ज लेना काफी सस्ता हो गया है। किसान क्रेडिट कार्ड पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम के साथ जोड़ा गया है।
सबसे पहले तो आपको बता दें कि किसान क्रेडिट कार्ड बैंक जारी करते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड केंद्र सरकार की कल्याणाकारी योजना है, जिसे साल 1998 में शुरू किया गया था। इस किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत नाबार्ड और रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने मिलकर की थी। वर्तामन में देश के 6.92 करोड़ किसानों के पास किसान कार्ड है। आपको बता दें कि इस किसान कार्ड के जरिए किसानों को एक डेबिट कार्ड दिया जाता है, जिसकी मदद से वो अपनी जरूरत के मुताबिक अपने खाते से पैसे निकाल सकते हैं। सरकार का मकसद किसानों को खेती से जुड़ी चीजों जैसे-खाद, बीज, कीटनाशक इत्यादि की खरीद करने के लिए लिए कर्ज उपलब्ध कराना है। इसके साथ ही दूसरा मकसद, किसानों को साहूकारों से कर्ज लेने की जरूरत न पड़े, जो मनमाने ब्याज की वसूली करते हैं। किसान क्रेडिट कार्ड के तहत लिया जाने वाला कर्ज 2-4 प्रतिशत तक सस्ता होता है, लेकिन इसके लिए लोन को समय पर चुका दिया जाए।
किसान क्रेडिट कार्ड कहां से बनावाएं जा सकते हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया
बैंक ऑफ इंडिया
को-ऑपरेटिव बैंक
क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक
नैशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया
इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया
किसान क्रेडिट कार्ड का फॉर्म डाउनलोड करने के लिए आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in/. या फिर www.argicoop.gov.in जाएं। वेबसाइट में फॉर्मर टैब की दाईं तरफ डाउनलोड किसान क्रेडिट फार्म का विकल्प दिया है। इस फॉर्म में सारी जानकारी सही-सही भरने के बाद जरूरी दस्तावेजों के साथ जमा करना होगा। इस फॉर्म में आपको अपनी जमीन के दस्तावेज, फसल की डिटेल समेत कई जानकारी भरनी होगी। ये बी सत्यापित करना होगा कि आपने कोई दूसरा कार्ड न बनवा रखा हो। इसके साथ ही आप किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक में जाकर भी अप्लाई कर सकते हैं। उसके बाद नजदीकी बैंक में जाकर जमा कर सकते हैं। सरकार ने कार्ड की वैलिडिटी पांच साल रखी है।
लोन देने से पहले बैंक आवेदक किसान का सत्यापन करते हैं।
इसमें देखा जाता है कि वो किसान है भी या नहीं। फिर उसका राजस्व रिकॉर्ड चेक किया जाता है। पहचान के लिए आधार, पैन और फोटो ली जाती है। इसके बाद एक एफीडेविट लिया जाता है कि किसी और बैंक पर तो बकाया नहीं है। सरकार ने किसान क्रेडिट कार्ड बनवाने पर लगने वाली फीस और चार्ज में भी छूट दी है। दरअसल, केसीसी बनवाने में 2 से 5 हजार रुपए तक का खर्च आता है। सरकार के निर्देश पर इंडियन बैंक एसोसिएशन ने एडवाइजरी जारी कर बैंकों से फीस और चार्ज में छूट देने को कहा था।
- खेती-किसानी, मछलीपालन और पशुपालन से जुड़ा कोई भी व्यक्ति किसान क्रेडिट कार्ड लेने का पात्र है।
- किसान अपनी, किसी और की जमीन पर खेती करता हो तो भी इसका लाभ ले सकता है।
- इसके साथ ही न्यूनतम उम्र 18 साल और अधिकतम 75 साल होनी चाहिए।
- किसान की उम्र 60 साल से अधिक है तो एक को-अप्लीकेंट भी लगेगा, जिसकी उम्र 60 से कम हो।
- किसान के फॉर्म भरने के बाद बैंक कर्मचारी देखेगा कि आप इसके लिए योग्य हैं या नहीं।
- बता दें कि पशुपालन और मछलीपालन भी इसके तहत 2 लाख रुपये तक का कर्ज मिल सकेगा।
- अंत में इसके बाद आपको किसान क्रेडिट कार्ड इश्यू हो जाएगा।
- किसान क्रेडिट कार्ड से किसान खेती से जुड़ी जरूरत की चीजें खरीद सकता है और बाद में फसल बेचकर अपना लोन चुका सकता है।
- इसमें 1.60 लाख रुपए तक का लोन लेने के लिए जमीन को बंधक रखने की जरूरत नहीं होती है।
- बिना किसी सिक्योरिटी के लोन मिल जाता है।
- एसबीआई के मुताबिक, सभी केसीसी अकाउंट होल्डर को एटीएम कम डेबिट कार्ड फ्री में जारी किए जाते हैं।
- वहीं 3 लाख रुपए तक के लोन पर सालाना आधार पर 2 प्रतिशत तक ब्याज में राहत का प्रावधान है।
- अच्छी बात यह है कि जल्दी लोन चुकाने पर सालाना ब्याज में 3 प्रतिशत तक की राहत मिल सकती है।
- किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें अलग-अलग बैंकों पर निर्भर करता है। आमतौर पर यह 9-11.50 प्रतिशत तक होता है।
- वहीं खेतों में फसल को कीड़ों के हमले या किसी प्राकृतिक आपदा के चलते नुकसान होने पर फसल का बीमा कवर भी मिलता है। फिलहाल फसल बीमा कराना स्वैच्छिक कर दिया गया है।
- किसान क्रेडिट कार्ड के साथ डेयरी से जुड़ा लोन भी उपलब्ध कराया जाता है।
- किसान क्रेडिट कार्ड में हर साल रिन्यूअल के आधार पर 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ पांच साल तक का किसान क्रेडिट कार्ड बनाया जाता है।
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