नई दिल्ली, अगस्त 25। यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस यानी की यूपीआई ने भारत में भुगतान करने की प्रक्रिया में क्रांती लाई है। यूपीआई ने डीजिटल माध्यम से पेमेंट की प्रक्रीया को हर किसी के लिए सुचारू बना कर भुगतान की प्रक्रिया को आसान बना दिया है। अब भारत के हर कोने में लोग इंटरनेट की मदद से यूपीआई प्लेटफॉर्म का प्रयोग कर के कुछ सेकेंडो में अपने बैंक अकाउंट से पैसे भेज सकते हैं। भारत में गूगल पे, फोनपे, पेटीएम यूपीआई के बड़े प्लेटफॉर्म है।
एकतरफ यूपीआई ने पैसे के लेन-देन की प्रक्रिया को पहले से कहीं ज्यादा सुचारू बना दिया है, तो वहीं यूपीआई के आने के बाद साइबर क्राइम के मामले भी बढ़े है। हाल ही में कई ऐसी घटनाएं सुनने को मिली है जिसमें साइबर क्रिमनलों ने यूपीआई के माध्यम से लोगों को लूटा है। कहीं आप भी इन क्रिमनलों के इस प्रकार के स्कैम में पड़ न जाएं, चलिए आज हम आपको 5 ऐसी बाते बताते हैं, जिन्हें आपको यूपीआई के जरिए ऑनलाइन पेमेंट करते समय ध्यान में रखना चाहिए।
यूपीआई के जरीए फ्रॉड से बचने के लिए आपको 6 या 4 डिजिट का यूपीआई पिन किसी को कभी बताना नहीं है। जीन एप्लिकेशनों में यूपीआई की सुविधा उपलब्ध है वो प्रत्येक ट्रांजेक्शन से पहले पिन दर्ज करने की मांग करते हैं। इसलिए जब भी कोई ग्राहक अपने बैंक अकाउंट को यूपीआई आईडी से कनेक्ट करता है तो आपको एक सिक्रेट पिन सेट करना होता है। जेनेरेट करने के बाद इस पिन का प्रयोग एटीएम पिन के तर्ज पर सेफ पेमेंट शुरू करने के लिए किया जाता है। ऐसे में यह बात जरूर ध्यान रखें की यूपीआई पिन की जानकारी किसी को नहीं देनी है।
आजकल हर किसी के फोन में काफी जरूरी ऐप्स, मेल और अन्य जरूरी दस्तावेज तो रहते ही हैं इसलिए आपको अपने फोन में हमेशा स्क्रीन लॉक लगा के रखना चाहिए। यूपीआई-इनेबल ऐप्लिकेशन सिक्योर ट्रांजेक्शन के लिए ऐप ओपन होने से पहले फोन लॉक स्क्रीन पासवर्ड मांगते हैं। स्क्रीन लॉक चोरी या गलत इस्तेमाल की कंडीशन में फ्रॉड की आशंका को कम करते हैं।
यूपीआई आईडी को करें वेरिफाई
यूपीआई-इनेबल ऐप यूजर्स को यूपीआई आईडी पर पेमेंट करने से पहले दूसरी यूपीआई को वेरिफाई जरूर कर लेना चाहिए। इससे पैसों का गलत जगह ट्रांजेक्शन नहीं होता है।
ज्यादा यूपीआई एप का न करें इस्तेमाल
आपके फोन में इंस्टॉल ढेर सारे यूपीआई ऐप्स का इस्तेमाल गलत हो सकता है। कई सारे यूपीआई ऐप्स का प्रयोग करने से कोई फायदा नहीं होता है। लेकिन ढ़ेर सारे ऐप के होने से गलती होने की पूरी संभावना रहती है। एक यूपीआई से दूसरी यूपीआई में पैसा ट्रांसफर किया जा सकता है। इसलिए कम से कम यूपीआई आईडी का इस्तेमाल करें।
अनवेरीफाइड लिंक पर न करें क्लिक
ईमेल एसएमएस पर मिलने वाले लिंक पर क्लिक करने से ढ़ेरो लोगों के साथ स्कैम हुआ है। अपने फोन या यूपीआई पर आने वाले किसी भी लिंग को क्लिक करन से बचे। इस लिंक इस्तेमाल अक्सर आपके फोन को हैक करने या मनी ट्रांसफर कनरे के लिए किया जाता है। आजकल लिंक भेज कर पैसे चुराने का चलन सबसे ज्यादा है इसलिए आपको अनवेरिफाइड लिंक से दूर रहना चाहिए।
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