इंश्योरेंस प्लान लोगों के बीच धीरे-धीरे फेमस होता जा रहा है. बीतें कई सालों में लोगों की रूचि इंश्योरेंस प्लान में बढ़ने लगी है. लाइफ इंश्योरेंस में आपको एक ऐसा विकल्प देता है, जिसमें आपको भारी टैक्स छूट मिलती है. यूलिप एक ऐसी लाइफ इंश्योरेंस प्रोडक्ट है, जहां आपको मैच्योरिटी बेनिफिट में भारी टैक्स छूट मिलती है. यूलिप के जरिए आपको सालाना 2.5 लाख प्रीमियम पर टैक्स मुफ्त है. लेकिन अगर आपका अमाउंट 2.5 लाख से ज्यादा होता है, तो आपको कैपिटल गेन टैक्स देना पड़ता है.

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क्या है यूलिप?

यूलिप को यूनिट लिंक इंश्योरेंस प्लान (United Linked Insurance Plan) भी कहा जाता है. यूलिप के तहत आपका बीमा तो कवर होता ही है और इसके साथ ही आप निवेश का फायदा भी उठा सकते हैं. यूलिप बीमा के तहत आप डबल फायदा उठा सकते हैं. बीमा कंपनी यूलिप में निवेशकों की प्रीमियम का एक हिस्सा उनके बीमा कवर के लिए रखती है. वही बाकि का हिस्सा मार्केट में निवेश के रूप में लगाती है. इन पैसों का इस्तेमाल बीमा कंपनी इक्विटी या डेट फंड खरीदने के लिए करती है.

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इस बारे में मिली जानकारी के मुताबिक यूलिप में रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती है. क्योंकि इस बीमा स्कीम का पैसा इक्विटी, डेट या मनी मार्केट में लगाया जाता है. यूलिप में आपको म्यूचुअल फंड की तरह यूनिट्स मिल जाती है. इसके अलावा आपको यूलिप के तहत अच्छा रिटर्न भी मिल सकता है. यूलिप बीमा में रिटर्न मार्केट के उतार-चढ़ाव पर निर्भर करता है.

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इसमें खास बात ये है कि बीमा होल्डर खुद से यह तय कर सकते है कि उन्हें कितना पैसा मार्केट में लगाकर निवेश करना है. अगर आप बेहतर रिटर्न चाहते हैं, तो आप अधिकतर हिस्सा मार्केट में निवेश के लिए लगा सकते हैं. लेकिन यह बात ध्यान रखे की इसमें कोई गारंटी रिटर्न नहीं होता.

हालांकि अगर आप लंबे समय यानी 10 से 15 साल तक अगर इसमें निवेश करते है, तो इसमें बेहतर रिटर्न मिल जाता है.

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यूलिप में क्या फायदें मिलते हैं?

यूलिप बीमा को ईईई यानी एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट-एग्जेंप्ट ) कैटेगरी में रखा जाता है. इसका मतलब ये हुआ कि इस स्कीम में आपको न जमा करने पर, न मिलने वाले रिटर्न पर और न ही निकासी पर कोई भी टैक्स नहीं देना होता है. इसके अलावा अगर आप यूलिप में 5 साल के लिए पैसे निवेश करते है, तो आपको मैच्योरिटी अमाउंट पर सेक्शन 10(10D) के तहत आपको टैक्स में छूट मिल जाती है.

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अगर सीधा सीधा कहा जाए तो यूलिप के जरिए जो पैसा आपने इक्विटी और डेट फंड के जरिए कमाया है, उसमें आपको कोई टैक्स नहीं देना पड़ेगा. लेकिन इसमें भी एक सीमा है.

फरवरी 2021 में यूलिप को लेकर नए नियम आए थे. इन नए नियम के अनुसार अगर कोई व्यक्ति फरवरी 2021 के बाद यूलिप खरीदते है, तो आपको 2.5 लाख रुपये सालाना प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है. क्योंकि यूलिप का लॉग इन पीरियड 5 साल का है. तो आपको कुल राशि में कैपिटल गेन टैक्स देना होगा.

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इसके अलावा जब आप यूलिप बीमा लेते है, उस वक्त आपको पोर्टफोलियो में क्या क्या शामिल करना है, यह ऑप्शन दिया जाता है. मतलब आप पोर्टफोलियों के हिसाब से लार्जकैप, मिडकैप, स्मॉलकैप या बैलेंस्ड फंड को अपने पोर्टफोलियों में शामिल कर सकते हैं.

क्या क्या लगेंगे चार्जिस?

जब आप पॉलिसी से सरेंडर करते है या आपकी यूलिप पॉलिसी की अवधि पूरी हो जाती है, तो आपको कई तरह के चार्ज देने पड़ते है. आपको इन चार्जिस के बाद कितना पैसा मिलेगा, इसे एक उदाहरण की मदद से समझते हैं.

मान लीजिए आपने जब यूलिप के माध्यम से स्टॉक में पैसा लगाया था, तो उस वक्त एक यूनिट की वैल्यू 50 रुपये थी और आपने ऐसे 1000 यूनिट्स ली. यानी आपने कुल 50 हजार रुपये निवेश किए थे. अब 10 साल बाद आप यह पैसा यूलिप से निकालना चाहते है. इस समय उस एनएवी की वैल्यू 100 रुपये हो गई है. यानी आपको 1 लाख रुपये मिलने चाहिए.

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