नई दिल्ली, जुलाई 27। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) ने बच्चों का आधार बनवाने के प्रोसेस में एक अहम बदलाव किया है। यूआईडीएआई ने मंगलवार को कहा कि बच्चे का जन्म प्रमाण पत्र या अस्पताल से डिस्चार्ज की स्लिप और माता-पिता में से किसी एक के आधार से बच्चे के बाल आधार के लिए आवेदन किया जा सकेगा। बाल आधार आधार कार्ड का एक नीले रंग का वेरिएंट है, जो 5 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए जारी किया जाता है। अब पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए किसी बायोमेट्रिक डिटेल की आवश्यकता नहीं होगी। 5 साल से कम आयु के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक (फिंगरप्रिंट और आई स्कैन) की जरूरत को खत्म कर दिया गया है। पर बच्चे के उम्र पांच साल की होने पर अनिवार्य रूप से बायोमेट्रिक अपडेट की आवश्यकता होगी।
आईडेंटिटी प्रूफ के रूप में उपयोग किए जा सकने वाले दस्तावेज़ों में पासपोर्ट, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस, नरेगा जॉब कार्ड आदि शामिल हैं। वहीं पते के प्रमाण के रूप में इस्तेमाल किए जा सकने वाले दस्तावेजों में पासपोर्ट, बैंक स्टेटमेंट / पासबुक, पोस्ट ऑफिस अकाउंट स्टेटमेंट, राशन कार्ड आदि शामिल हैं।
यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाएं और आधार कार्ड रजिस्ट्रेशन का विकल्प चुनें। जरूरी डिटेल, जैसे बच्चे का नाम और अन्य बायोमेट्रिक जानकारी भरें। फिर आवासीय पता, इलाका, राज्य जैसी डेमोग्राफिक डिटेल दर्ज करें और सबमिट करें। आधार कार्ड के लिए रजिस्ट्रेशन निर्धारित करने के लिए 'अपॉइंटमेंट' विकल्प पर क्लिक करें। करीबी एनरोलमेंट सेंटर चुनें, अपना अपॉइंटमेंट तय करें और आवंटित तिथि पर वहां जाएं।
एनरोलमेंट सेंटर पर पहचान का प्रमाण (पीओआई), पते का प्रमाण (पीओए), रिश्ते का प्रमाण (पीओआर) और जन्म तिथि (डीओबी) दस्तावेज जैसे जरूरी डॉक्यमेंट्स अपने साथ ले जाएं। केंद्र में मौजूद वहां के आधार अधिकारी से सभी दस्तावेजों की जांच कराएं। अगर बच्चा पांच साल से ऊपर का है तो बायोमेट्रिक डाटा लिया जाएगा। पांच साल से कम उम्र के बच्चों के लिए बायोमेट्रिक डेटा की आवश्यकता नहीं होगी, केवल डेमोग्राफिक डेटा और चेहरे की पहचान की आवश्यकता होगी।
इसके बाद माता-पिता को उनके आवेदन के प्रोसेस को ट्रैक करने के लिए एक पावती नंबर (एकनोलेजमेंट नंबर) मिलेगी। उसके बाद 60 दिनों के भीतर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक एसएमएस प्राप्त होगा। बाल आधार कार्ड 90 दिनों के भीतर आपके पास पहुंच जाना चाहिए।
यूआईडीएआई ने हाल ही में एक और सेवा शुरू की है। इसने इंडियन पोस्ट पेमेंट्स बैंक (आईपीपीबी) के साथ भागीदारी की है। आईपीपीबी के मुताबिक वे ग्राहकों के घर पर डाकिया के माध्यम से आधार में रजिस्टर्ड फोन नंबर को अपडेट करेगा। आईपीपीबी यह काम यूआईडीएआई के रजिस्ट्रार के तौर करेगा। आईपीपीबी ने कहा कि यह सर्विस लगभग 650 आईपीपीबी शाखाओं और 146,000 डाकियों और ग्रामीण डाक सेवकों (जीडीएस) के बड़े नेटवर्क के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। इन लोगो को स्मार्ट फोन और बॉयोमीट्रिक डिवाइस दिए गए हैं जो उन्हें आधार कार्डधारक के दरवाजे पर इन सेवा को करने में सक्षम बनाएंगे।
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