इन्श्योरटेक प्लेटफॉर्म Turtlemint का IPO आज यानी 19 जून से निवेश के लिए खुल गया है। कंपनी इस पब्लिक इश्यू के जरिए अपने डिजिटल विस्तार के लिए नया फंड जुटाना चाहती है। पहले दिन बोली लगाने वाले निवेशक रिटेल और इंस्टीट्यूशनल सेगमेंट में सब्सक्रिप्शन के आंकड़ों पर नजर बनाए हुए हैं। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे बाजार के मौजूदा रुझानों को देखते हुए ही अपनी बिड लगाएं। भारत के तेजी से बढ़ते इंश्योरेंस इकोसिस्टम के लिए यह लॉन्च एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है।

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लाइव सब्सक्रिप्शन डेटा के अनुसार, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) और रिटेल खरीदारों की ओर से सक्रिय भागीदारी देखी जा रही है। आजकल ज्यादातर ब्रोकर्स फंड ब्लॉक करने के लिए यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) मैंडेट का इस्तेमाल करते हैं। आपको डेली कट-ऑफ टाइम से पहले इस रिक्वेस्ट को अप्रूव करना होगा। ध्यान रहे कि हर ब्रोकर का फंड ब्लॉकिंग और मैंडेट प्रोसेसिंग का समय अलग-अलग होता है। अगर आप यह समय सीमा चूक जाते हैं, तो आपका आवेदन रद्द हो सकता है।

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Turtlemint IPO: बिडिंग और UPI कट-ऑफ से जुड़ी जरूरी बातें

आईपीओ अलॉटमेंट की सफलता काफी हद तक सही बैंक डिटेल्स और समय पर मैंडेट अप्रूवल पर निर्भर करती है। क्लोजिंग वाले दिन ज्यादातर बैंक UPI मैंडेट के लिए शाम 5:00 बजे का कट-ऑफ टाइम रखते हैं। रिटेल निवेशक ट्रांजैक्शन को तेज और सुरक्षित बनाने के लिए पॉपुलर ऐप्स का इस्तेमाल कर सकते हैं। यह भी सुनिश्चित करें कि आपके बैंक खाते में पूरे लॉट साइज के बराबर पर्याप्त बैलेंस हो, ताकि बिजी ऑवर्स के दौरान होने वाली तकनीकी दिक्कतों से बचा जा सके।

ब्रोकर का नामUPI कट-ऑफ टाइमएप्लीकेशन टिप
Zerodha5:00 PMफास्ट मैंडेट के लिए BHIM ऐप का इस्तेमाल करें
Groww4:30 PMऐप नोटिफिकेशन चेक करते रहें
Angel One5:00 PMचेक करें कि PAN और बैंक रिकॉर्ड मैच हो रहे हों

अलॉटमेंट मिलने की संभावना इस बात पर निर्भर करती है कि संबंधित कैटेगरी में कुल कितना सब्सक्रिप्शन हुआ है। अगर रिटेल हिस्सा ओवरसब्सक्राइब होता है, तो विजेताओं का फैसला लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाता है। नए निवेशकों को बड़ा निवेश करने से पहले इसके जोखिमों को अच्छी तरह समझ लेना चाहिए। लिस्टिंग के दिन बाजार का उतार-चढ़ाव मुनाफे पर बड़ा असर डाल सकता है। लंबी अवधि के वित्तीय स्वास्थ्य के लिए पोर्टफोलियो को डायवर्सिफाई करना ही सबसे बेहतर रणनीति है।

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लॉन्ग टर्म रिटर्न और Turtlemint IPO के लिए क्या हो स्ट्रैटेजी?

नए निवेशकों के लिए इक्विटी रिटर्न की तुलना फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से करना बहुत जरूरी है। जहां FD में सुरक्षा मिलती है, वहीं इक्विटी निवेश में ग्रोथ की संभावना कहीं ज्यादा होती है। ऐतिहासिक रूप से देखा जाए तो भारतीय बाजारों ने लंबी अवधि में पारंपरिक बचत योजनाओं के मुकाबले बेहतर रिटर्न दिया है। हालांकि, स्थापित ब्लू-चिप शेयरों की तुलना में IPO में शॉर्ट-टर्म रिस्क अधिक होता है। बाजार के उतार-चढ़ाव को मैनेज करने के लिए पोर्टफोलियो में संतुलन बनाए रखना जरूरी है।

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निवेश का प्रकार5 साल का रिटर्न15 साल का रिटर्नजोखिम का स्तर
बैंक FD7%7.5%कम
इक्विटी / IPO12%15-18%ज्यादा

बेहतर अनुभव के लिए सही प्लानिंग और समय से बिडिंग करना फायदेमंद रहता है। मार्केट सेंटीमेंट को समझने के लिए दिनभर सब्सक्रिप्शन स्टेटस को ट्रैक करते रहें। अपने UPI ऐप को तैयार रखें ताकि मैंडेट रिक्वेस्ट आते ही उसे तुरंत अप्रूव किया जा सके। इस बिजी आईपीओ सीजन में एक अनुशासित दृष्टिकोण ही आपको सफल बना सकता है। समय में किसी भी आखिरी मिनट के बदलाव के लिए एक्सचेंज के आधिकारिक नोटिफिकेशन पर नजर रखें।