नई दिल्ली: मौजूदा हालातों को देखते हुए निवेशक बेहतर निवेश के ठिकने की तलाश में जुए हुए हैं। अगर आप भी किसी बेहतर जगह में निवेश की करने की सोच रहे हैं, तो ये खबर आपके लिए है। सरकार फिलहाल बहुत सारी सेविंग और पेंशन स्कीम्स चला रही हैं, जिनमें निवेश कर आप निश्चित रिटर्न पा सकते हैं।
नहीं होता पैसा डूबने का जोखिम
अच्छी बात तो ये है कि सरकार द्वारा जारी किए जाने के कारण ये स्कीम रिस्क फ्री होते हैं, यानी इनमें निवेशकों का पैसा डूबने का जोखिम नहीं होता है। सरकार की ओर से जारी निवेश योजनाओं में पब्लिक प्रोविडेंट फंड, सुकन्या समृद्धि योजना, अटल पेंशन योजना, गवर्मेंट सिक्योरिटीज, सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड, नेशनल सेविंग्स सर्टिफिकेट जैसी कई योजनाएं हैं। इनमें निवेश करके आप टैक्स भी बचा सकते हैं। ये सारी स्कीम सबसे अधिक लोकप्रिय गारंटीड और सुरक्षित निवेश विकल्पों में से है। इन निवेश योजनाओं में ग्राहक का निवेश सुरक्षित रहता है।
पब्लिक प्रोविडेंट फंड (पीपीएफ) भारत में उपलब्ध सबसे लोकप्रिय लॉन्ग टर्म डेब्ट निवेश प्रोडक्ट्स में से एक है। पीपीएफ का एक सबसे बड़ा फायदा यह है कि यह गारंटीड टैक्स-फ्री रिटर्न देता है, जो आपको एनपीएस, म्यूचुअल फंड जैसे अन्य लॉन्ग टर्म निवेश साधनों में नहीं मिलता है। पीपीएफ में हर साल 1.5 लाख रुपए तक के निवेश पर इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 80सी के तहत टैक्स छूट है। पीपीएफ में कमाई गई ब्याज और मेच्योरिटी की राशि दोनों पर टैक्स छूट मिलती है। सब्सक्राइबर्स पीपीएफ अकाउंट पर उपयुक्त ब्याज दर पर लोन ले सकते हैं।
बेटियों के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने खास यह योजना शुरु किया है। इस योजना के तहत किए गए निवेश पर इनकम टैक्स के सेक्शन 80सी के तहत छूट मिलती है। सुकन्या समृद्धि योजना में मात्र 250 रुपये से अकाउंट खोला जा सकता है। यानी अगर आप रोजाना 1 रुपये भी बचाते हैं तो भी आप इस स्कीम का लाभ ले सकते हैं। इसमें 7.6 फीसदी की दर से ब्याज दिया जा रहा है। इसमें बेटी की उच्च शिक्षा के खर्च के लिए 50 फीसदी तक रकम निकाली जा सकती है।
पीएम जीवन ज्योति बीमा योजना सरकार का एक टर्म इंश्योरेंस प्लान है। टर्म प्लान का मतलब यह होता है कि पॉलिसीधारक की मौत होने पर ही बीमा कंपनी इंश्योरेंस की रकम का भुगतान करती है। अगर पॉलिसीधारक जीवन ज्योति बीमा योजना का समय पूरा होने के बाद भी ठीक-ठाक रहता है, तो उसे कोई लाभ नहीं मिलता है। इस स्कीम की सबसे बड़ी खासियत है कि इसकी वैलिडिटी एक साल की होती है।
सरकार सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के जरिए आपके लिए अच्छा मौका लेकर आई है। फिजिकल गोल्ड खरीदने के बदले आप सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड में निवेश कर सकते हैं। इसके कई फायदे हैं। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड के इश्यू प्राइस पर हर साल 2.50 फीसदी का निश्चित ब्याज मिलता है। यह पैसा हर 6 महीने में अपने आप आपके बैंक अकाउंट में ट्रांसफर हो जाता है। फिजिकल गोल्ड और गोल्ड ईटीएफ पर आपको इस तरह का फायदा नहीं मिलता है। सॉवरेन गोल्ड बॉन्ड का मैच्योरिटी पीरियड 8 साल का है। लेकिन निवेशक अगर चाहें तो 5 साल के बाद इससे बाहर निकल सकते हैं।
गवर्नमेंट सिक्योरिटीज बाजर में उपलब्ध सबसे सुरक्षित निवेश विकल्प हैं। ये केन्द्र या राज्य सरकार द्वारा जारी किया जाता है या सपोर्ट किया जाता है। लेकिन कम जोखिमों के कारण, गवर्नमेंट सिक्योरिटीज से रिटर्न कम मिलता है। गवर्नमेंट सिक्योरिटीज में कैश मैनेजमेंट बिल्स (सीएमबी), ट्रेजरी बिल्स (टी-बिल्स), डेटेड गवर्नमेंट सिक्योरिटीज, तथा राज्य विकास ऋण (एसडीएल) शामिल हैं। केन्द्र सरकार द्वारा मनी मार्केट इंस्ट्रुमेंट के रूप में टी-बिल्स को शॉर्ट टर्म के लिए जारी किया जाता है जिसकी मैच्योरिटी अवधि 1 वर्ष से कम (आमतौर पर 91 दिन, 182 दिन, और 364) दिन होती है।
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