नई दिल्‍ली: सोना आज भारत के लोगों का सबसे पसंदीदा इन्वेस्टमेंट ऑप्शन है। सोने में निवेश काफी तेजी से बढ़ा है। फ‍िर चाहे त्योहारों का मौसम हो या परंपरागत समारोह, प्रत्येक घर में इस पीली धातु की एक खास जगह है। सोना निवेश के लिहाज से भी काफी अच्छा मुनाफा देता रहा है। सोना खरीदना हमेशा से भारतीयों की पसंद रहा है। सोना को गहनों के तौर पर खरीदने के अलावा न‍िवेश का एक मजबूत माध्यम समझा जाता है। महापर्व छठ : करिए डेढ़ किलो तक के सोने-चांदी के सूप से पूजा, जानें कहां मिल रहे ये भी पढ़ें

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आभूषणों के पैटर्न में बदलाव और भारी शुल्क / डिजाइन शुल्क शामिल करने से लोगों ने सोने की बार खरीदने का विकल्प चुना है जो इनमें किसी भी तरह का और कोई शुल्क नहीं ल‍िया जाता हैं। आजकल ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म जैसे फ्लिपकार्ट, अमेज़ॅन पर भी सोने की बार्स बेची जाती हैं। इन बारों की कीमत गहनों और सिक्कों की तुलना में कम होगी। तो ऐसे में अगर आप भी गोल्ड बार्स की खरीदारी करने का प्‍लान बना रहे है तो आपको कुछ बातों का व‍िशेष तौर पर ध्यान देना होगा।

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शुद्धता का रखें ध्यान

सोना बार्स खरीदते वक्‍त उसकी शुद्धता का ध्‍यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आप प्‍योर गोल्‍ड लेना चाहते हैं तो यह 24 कैरेट का होता है। हालांकि आपको ज्‍वैलरी 100 फीसदी प्‍योर गोल्‍ड में नहीं मिलेगी। इसकी वजह है कि सोना बहुत लचीला और सॉफ्ट होता है। इसके चलते 24 कैरट की ज्‍वैलरी नहीं बन पाती है। गोल्‍ड बार या सिक्‍का प्‍योर गोल्‍ड में खरीदा जा सकता है। कैरेट के अलावा शुद्धता के जरिए भी प्‍योरिटी का पता लगाया जा सकता है। शुद्धता के नंबर होते हैं जैसे 916, इसका मतलब है कि क्वाइन 999.9 फीसदी प्‍योर है।

हॉलमार्क की अनदेखी

ज्‍यादातर लोग गोल्ड बार्स खरीदते वक्‍त हॉलमार्क को अनदेखा करते हैं। बीआईएस हॉलमार्क गोल्ड के शुद्ध होने की गांरटी होता है। इसलिए बिना हॉलमार्क वाली गोल्ड बार्स न खरीदें। गोल्‍ड बार्स खरीदते वक्‍त भी जांच लें कि वह बीआईएस सर्फिाइड हो। किसी भी गोल्‍ड आइटम पर पांच चीजें मार्क होती हैं- बीआईएस लोगो, प्‍योरिटी या फाइननेस दर्शाने वाला नंबर जैसे 22 कैरेट या 916, एसेइंग या हॉलमार्किंग सेंटर का लोगो, मार्किंग की साल और ज्‍वैलर्स आइडेंटिफिकेशन नंबर। बीआईएस की ओर से यह घोषणा की जा चुकी है कि वह केवल 22, 18 और 14 कैरेट वाली गोल्‍ड ज्‍वैलरी पर ही हॉल‍मार्किंग करेगा। यह नियम 1 जनवरी 2017 से लागू हो गया है।

कैरेट के हिसाब से कीमत

सोना खरीदते वक्‍त उसकी शुद्धता का ध्‍यान रखना बेहद जरूरी है। अगर आप प्‍योर गोल्‍ड लेना चाहते हैं तो यह 24 कैरेट का होता है। कैरेट के अलावा शुद्धता के जरिए भी प्‍योरिटी का पता लगाया जा सकता है। शुद्धता के नंबर होते हैं जैसे 916, इसका मतलब है कि क्वाइन 999.9 फीसदी प्‍योर है। ध्‍यान रखें कि 22 कैरेट गोल्‍ड 24 कैरेट गोल्‍ड से सस्‍ता होता है। चूंकि ज्‍वैलरी 22 कैरेट गोल्‍ड की होती है, इसलिए इसकी कीमत 24 कैरेट गोल्‍ड के हिसाब से नहीं होगी। इस बात का ध्यान रखें कि प्‍योर गोल्‍ड ज्‍वैलरी बताकर 22 कैरेट ज्‍वैलरी के लिए 24 कैरेट के हिसाब से पैसे न वसूल लिए जाएं। बिल बनवाते वक्त ज्‍वैलर से सोने की शुद्धता और कीमत को बिल पर जरूर लिखवाएं।

गोल्ड बार्स की पैकेजिंग

गोल्‍ड बार्स टेंपर प्रूफ पैकेजिंग में आते हैं। टेंपर प्रूफ पैकेजिंग बार्स की प्‍योरिटी बरकरार रहने को सुनिश्चित करती है। इसलिए गोल्‍ड बार्स खरीदते वक्‍त यह ध्‍यान रखें कि बार्स टेंपर प्रूफ पैकेजिंग वाला ही हो। अगर आप आगे चलकर इसे बेचना चाहते हैं तो आपको भी इसकी यही पैकेजिंग बरकरार रखनी होगी।

रिफाइनरी

यदि आपके द्वारा खरीदी गई सोने की बार्स प्रमुख रिफाइनरी से है तो इसका उच्चतम शुद्धता स्तर होगा। खरीद के समय, पूछताछ करें कि बार कहाँ से परिष्कृत किया गया था। भारत में, दो स्वर्ण रिफाइनरियां मौजूद हैं वे एमएमटीसी पीएएमपी (एमएमटीसी और स्विटजरलैंड की पीएएमपी एसए के बीच एक संयुक्त उद्यम) और बैंगलोर रिफाइनरी हैं।

ज्वैलरी की कीमत इस तरह होती है तय

1 कैरेट सोने का मतलब होता है 1/24 फीसदी गोल्ड, अगर आपके आभूषण 22 कैरेट के हैं तो 22 को 24 से भाग देकर उसे 100 से गुणा करें। (22/24)x100= 91.66 यानी आपके आभूषण में इस्तेमाल सोने की शुद्धता 91.66 फीसदी। टीवी पर दिखने वाला रेट 24 कैरेट सोने का होता है। मान लीजिए सोने का भाव 50000 रुपए है। बाजार में सोना खरीदने पर ध्यान रखें कि ज्वेलरी 22 कैरेट की मिलेगी। मतलब 22 कैरेट सोने का दाम (50000/24)x22= 45,833.33 रुपए होगा। वहीं, ज्वेलर आपको 22 कैरेट सोना 50000 में ही देगा। मतलब आप 22 कैरेट सोना 24 कैरेट सोने के दाम पर खरीद रहे हैं। ऐसे ही 18 कैरेट गोल्ड की कीमत भी तय होगी। (50000/24)x18= 37,500 जबकि ये ही सोना ऑफर के साथ देकर ज्वेलर ठगते हैं।