नई दिल्ली: मौजूदा हालातों को अगर हम देखते हुए बात करें तो जैसे-जैसे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इजाफा हो रहा हैं, वैसे ही गाड़ी के माइलेज को लेकर लोगों की बैचेनी बढ़ने लगती है। फुर्सत के पल में लोग इंटरनेट पर कार माइलेज को बढ़ाने के लिए टिप्स और ट्रिक्स खोजने का सिलसिला शुरू कर देते है। आज के समय में लोग कारों का इस्तेमाल रोजाना करते हैं। वहीं कारों को लंबे समय तक इस्तेमाल और सही सलामत रखने के लिए इनका मेंटनेंस भी रखना पड़ता है। ऐसे में कई बार ऐसा होता है कि आपको लगता है कि आपकी कार कम माइलेज दे रही है। तो चलिए यहां हम उन कारणों को बताने जा रहे हैं, जिनकी वजह से कार कम माइलेज दे सकती है।
1. इंजन में हो सकती है गड़बड़ी
यह सबसे कम ही मामलों में होता है कि किसी कार का माइलेज इंजन की गड़बड़ी से कम होता है। हालांकि इस बात का ध्यान रखना बेहद जरूरी है कि आपके इंजन की समय-समय पर सर्विसिंग होनी चाहिए।
2. गलत इंजन ऑयल का इस्तेमाल
इंजन ऑयल की भी अहम भूमिका, कारों के इंजन को स्वस्थ रखने के लिए उनका इंजन ऑयल अहम रोल निभाता है। लेकिन कुछ लोग सर्विसिंग कॉस्ट को कम करने के लिए सस्ते इंजन ऑयल का इस्तेमाल कर लेते हैं। इससे माइलेज तो कम होती ही है, इंजन पर भी बुरा असर पड़ता है।
3. एयर कंडीशन के ज्यादा इस्तेमाल
आप इस बात से बखुबी अवगत होंगे कि कार में एयर कंडीशन का इस्तेमाल लोग बहुत ज्यादा करते हैं, पूरे सफर के दौरान कार के एसी को फुल रखने पर बहुत ज्यादा माइलेज कम हो जाता है। माइलेज को बढ़ाने के लिए एसी को लो-स्पीड पर इस्तेमाल किया जा सकता है।
4. खराब मेंटेनेंस
ध्यान देने वाली बात ये कि कार खरीदने भर ही केवल नहीं होगा, नियमित तौर पर मेंटेनेंस भी बेहद जरूरी है। कारों के माइलेज के कम होने का एक कारण इसका खराब मेंटेनेंस भी हो सकता है। सर्विसिंग में एक लंबे अंतराल से भी माइलेज कम हो जाता है। इसके अलावा अगर आप अपनी कार से छोटी ट्रिप ले रहे हैं, तब भी आपका माइलेज कम हो जाता है।
5. खराब ईंधन का उपयोग
जैसा कि कार के लिए ईंधन एक बहुत जरूरी चीज होती है। लेकिन फिर भी बहुत से लोग कुछ पैसे बचाने के लिए सस्ते ईंधन का इस्तेमाल करते हैं, लेकिन ध्यान देने वाली बात यह है कि इससे उनकी कार का माइलेज काफी कम हो जाता है।
6. टायर का खराब होना
अगर आप कारों में घिसे हुए टायर का इस्तेमाल कर रहे हैं तो इसके चलते भी आपकी कार का माइलेज कम हो सकता है। इसके अलावा अगर आपके टायरों में हवा कम है तो इससे भी आपकी कार का माइलेज कम हो जाता है।
7. कार को गलत गियर में चलाना
इस बात का खास ध्यान दें कि मैन्युअल कार मालिकों को ज्यादा रखना पड़ता है। अगर आप निचले गियर पर ज्यादा देर तक कार को चलाते हैं तो इससे भी कार का माइलेज कम हो जाता है। ऐसे ही हायर गियर पर भी कार का माइलेज कम हो जाता है।
8. ज्यादा ओवर लोडिंग
कार में ज्यादा लोडिंग करने से भी आपकी कार का माइलेज कम हो जाता है। इस बात का खास ध्यान रखना चाहिए कि आपको कार में उतनी ही सवारी और लगेज रखना चाहिए, जितना उसके लिए मानक तय किया गया है।
रेनो क्विड
एंट्री लेवल में रेनो क्विड शानदार ऑप्शन है। इस कार की कीमत 2.92 लाख रुपये से शुरू होती है। इसका माइलेज 22 किलोमीटर प्रति लीटर है।
मारुति सुजुकी ऑल्टो
देश की सबसे बड़ी कार निर्माता कंपनी मारुति सुजुकी की ऑल्टो भी कम बजट में सस्ती कार के लिहाज से अच्छा ऑप्शन साबित हो सकती है। ऑल्टो की शुरुआती कीमत 2.94 लाख रुपये है। अगर इसके माइलेज की बात करें तो ये 22.05 किलोमीटर प्रति लीटर तक माइलेज देती है।
मारुति सुजुकी वैगनआर
मारुति सुजुकी की एक और कार इस लिस्ट में शामिल है। वैगनआर की कीमत 4.45 लाख रुपये है। ये कार 1-लीटर और 1.2-लीटर पेट्रोल इंजन ऑप्शन में उपलब्ध है।
मारुति सुजुकी एस प्रेसो
ऑल्टो और वैगनआर के अलावा मारुति सुजुकी एस प्रेसो भी कम बजट में अच्छी डील वाली कार साबित हो सकती है। मारुति की इस माइक्रो एसयूवी की शुरुआती कीमत 3.70 लाख रुपये है। इसके STD और LXi वेरिएंट में 21.4 किलोमीटर और VXi, VXI+ वेरिएंट में 21.7 किलोमीटर प्रति लीटर का माइलेज मिलता है।
दैटसन रेडी गो
अगर आपका बजट बहुत कम है तो आपके लिए दैटसन रेडी गो बेस्ट ऑप्शन है। इसके साथ ही ये शानदार माइलेज भी देती है। दैटसन के इस मॉडल की शुरुआती कीमत 2.83 लाख रुपये है। यह कार 799cc और 999cc इंजन ऑप्शन में अवेलेबल है। ये कार 22 किलोमीटर प्रति लीटर तक का माइलेज देती है।
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