नई दिल्ली: कोरोनावायरस महामारी की वजह से बैंकों ने अपने ग्राहकों को राहत दी है। कोरोना के कारण बैंक ने ग्राहकों के लिए कई नियमों में बदलाव किया था, यह नियम अब 1 जुलाई से वापस बदलने जा रहे हैं। जी हां देश में 1 जुलाई से बैंक के कई नियमो में बदलाव किया जा रहा है।
इन नियमों के दायरे में बैंक में लेनदेन से लेकर एटीएम कार्ड की निकासी मिनिमम बैलेंस जैसी कई सुविधाओं में बदलाव होने जा रहा है। इन नियमों में बदलाव के साथ ही बैंक में कई चीजों पर आपको अतिरिक्त शुल्क चुकाना पड़ सकता है। तो बदले हुए नियमों को नहीं जानने से आपको काफी नुकसान हो सकता है। इसलिए चलिए जानते हैं 1 जुलाइ से कौन-कौन सा नियम बदल रहा है।
अगले महीने की पहली तारीख यानी 1 जुलाई से देश भर में एटीएम निकासी में मिलने वाली छूट खत्म हो जाएगी। मौजूदा वक्त में एटीएम से एकबार में 10 हजार रुपए निकालने की छूट है। वहीं, लॉकडाउन के दौरान निकासी पर तीन महीने के लिए चार्ज में छूट दी गई थी। इस अवधि में एटीएम से पैसे निकालने पर कोई चार्ज नहीं लगा है। यह छूट 30 जून तक लागू है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारणण ने छूट की घोषणा करते हुए कहा था कि ये छूट लोगों को लॉकडाउन से राहत देने के लिए दी गई है। जिस अब वापस लिया जाएगा।
देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) ने बचत खाते (सेविंग अकाउंट) पर मिलने वाली ब्याज दर में 0.50 फीसदी की कटौती की है। 1 जुलाई से बैंक के बचत खाते पर अधिकतम 3.25 फीसदी का सालाना ब्याज मिलेगा। पीएनबी के बचत खाते में 50 लाख रुपए तक के बैलेंस पर 3 फीसदी सालाना और 50 लाख से ज्यादा के बैलेंस पर 3.25 फीसदी सालाना की ब्याज दर के हिसाब से ब्याज मिलेगा। मालूम हो कि इससे पहले देश का सबसे बड़े बैंक एसबीआई और कोटक महिंद्रा बैंक ने भी बचत कहते पर मिलने वाले ब्याज में कटौती की थी।
अगले महीने से न्यूनतम राशि की छूट भी खत्म हो जाएगी। 1 जुलाई से बैंक के सेविंग अकाउंट में मिनिमम बैलेंस में छूट का नियम खत्म हो जाएगा। सरकार ने 30 जून तक बचत खाते में मिनिमम मंथली बैलेंस मेंटेन रखने की जरूरत को लॉकडाउन के दौरान खत्म कर दिया था। अगर ग्राहक के बचत खाते में मिनिमम बैलेंस मौजूद नहीं हुआ तो बैंक उससे चार्ज नहीं वसूलेंगे। अभी मेट्रो सिटी, शहरी, अर्ध शहरी और ग्रामीण इलाकों के हिसाब से अलग-अलग बैंकों में बचत खाते में मिनिमम बैलेंस रखने की लिमिट अलग-अलग है।
वहीं अंत में बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी बदलाव के लिए फैसला लिया है। बैंक ने पिछले दिनों ग्राहकों को एसएमएस भेजकर कहा था कि जल्द से जल्द अपना बैंक अकाउंट अपडेट कराने नहीं तो अकाउंट को फ्रीज कर दिया जाएगा। बता दें कि बैंक ऑफ बड़ौदा में पिछले दिनों देना और विजया बैंक का विलय हुआ था। बैंक अपडेशन के लिए आधार, पैन और राशनकार्ड की आवश्यकता है या ऐसा कोई और पहचान जिसमें डेथ ऑफ बर्थ लिखा हो। डॉक्यूमेंट जमा नहीं होने पर अकाउंट फ्रीज हो सकता है।
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