नयी दिल्ली। सुकन्या समृद्धि योजना के निश्चित रूप से बालिकाओं के लिए कुछ प्रमुख फायदे और लाभ हैं। यहां निवेश पर अच्छी ब्याज दर मिलती है। इससे माता-पिता को बेटी के भविष्य के लिए निवेश करने के लिए प्रोत्साहन मिलता है। मगर यदि आप भी अपनी बेटी के लिए सुकन्या समृद्धि योजना में निवेश शुरू करने की योजना बना रहे हैं तो ऐसा करने पहले इस योजना के कुछ नुकसानों के बारे में जान लीजिए। इस योजना की शुरुआत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 जनवरी 2015 को बेटी बचाओ, बेटी पढाओ अभियान के तहत की थी। इस समय योजना में 7.6 फीसदी की ब्याज दर ऑफर की जा रही है। अब जानते हैं कि सुकन्या समृद्धि योजना के नुकसानों के बारे में।
यह खाता छोटी अवधि के निवेशकों के लिए मददगार नहीं है। बेटी के 21 साल का होने के बाद ही आप जमा किया गया पैसा निकाल सकते हैं। जबकि म्यूचुअल फंड और एफडी जैसे विकल्पो में ऐसा नहीं होता। एफडी में आप अपनी मर्जी से 7 से 10 साल तक की अवधि चुन सकते हैं। म्यूचुअल फंड में भी कुछ स्कीमों में लॉक-इन पीरियड होता है। मगर ये बहुत लंबा नहीं होता। लॉक-इन अवधि का मतलब है कि आप इस अवधि में निवेश राशि नहीं निकाल सकते।
7.6 फीसदी की ब्याज दर काफी अच्छी है। मगर जानकार कहते हैं कि इक्विटी के मुकाबले ये बहुत कम है। इक्विटी मार्केट (शेयर मार्केट) या इक्विटी म्यूचुअल फंड से इससे कहीं बेहतर रिटर्न कुछ ही महीनों में दे सकते हैं। बल्कि कुछ योजनाएं तो ऐसी हैं जो बहुत जल्द आपका पैसा डबल भी कर सकती हैं। इसलिए रिटर्न के मामले में सुकन्या समृद्धि योजना पीछे है।
आप सुकन्या समृद्धि योजना के तहत अपनी अधिकतम दो ही बेटियों का खाता खुलवा सकते हैं। हालांकि यदि किसी को जुड़वां बेटियां हों तो फिर वे एसएसवाई खाता तीन बच्चियों के लिए खुलवा सकते हैं। यदि आपके पास पहले से एक बेटी है और बाद में जुड़वां बेटियां पैदा हों तो भी तीनों बेटियों के लिए योजना के तहतत खाता खोलने की अनुमति मिलेगी। मगर म्यूचुअल फंड या एफडी में आपके सामने ऐसी कोई लिमिट नहीं होती।
रिटर्न के मामले में एक और नुकसान है और वो ये कि हर तीन महीनों में सुकन्या समृद्धि योजना की ब्याज दर की समीक्षा की जाती है। समीक्षा के बाद ब्याज दर में बदलाव भी किया जा सकता है। यानी ब्याज दर बढ़ाई भी जा सकती है और घटाई भी। इस योजना में पूरे साल एक ही ब्याज दर रहती है। अगर किसी ने जनवरी से मार्च 2021 की तिमाही में ये खाता खोला तो उसे निवेश अवधि के दौरान 7.6 प्रतिशत ब्याज दर मिलता रहेगा।
सुकन्या समृद्धि योजना में कम से कम 250 रु सालाना जमा करने होते हैं। अधिकतम जमा राशि 1.5 लाख रु है। 250 रु के बाद आप 50 रु की गुणा में 1.50 लाख रु तक निवेश कर सकते हैं। यदि आप गलती से किसी वित्तीय वर्ष में 1.5 लाख रुपये से अधिक जमा करते हैं तो जमा की गई अतिरिक्त राशि कोई ब्याज नहीं मिलेगा। मगर एफडी, म्यूचुअल फंड आदि में आप जितना चाहे उतना निवेश कर सकते हैं।
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