नई दिल्ली: सुकन्या समृद्धि योजना (एसएसवाई) बेटियों के लिए बहुत अच्छी बचत योजना है। बेटियों की पढ़ाई और विवाह के लिए पैसे जुटाने में काफी मददगार है। बच्चों के भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए तमाम तरह की योजनाएं हैं। यह योजना 10 साल तक की बेटियों के लिए है। तो अगर आप भी पीएनबी में बेटियों के नाम का खाता खोलवाना चाहते है तो ये खबर आपके लिए बेहद जरुरी है। सुकन्या समृद्धि योजना : जान लें इन 5 बदलावों के बारे में
पीएनबी के साथ खोले सुकन्या समृद्धि अकाउंट
पंजाब नेशनल बैंक आपकी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए सुकन्या समृद्धि योजना लेकर आया है। इस योजना के जरिए आप अपनी बेटियों के आने वाले कल को सुरक्षित बना सकते हैं। इस योजना में एक माता-पिता या गार्जियन एक बेटी के नाम पर केवल एक अकाउंट खोल सकते हैं और दो अलग-अलग बेटियों के नाम पर अधिकतम दो अकाउंट खोल सकते हैं। पंजाब नेशनल बैंक ने इस खाते के बारे में ट्वीट करके अपने ग्राहकों को जानकारी दी है।
बता दें कि पीएनबी ने ट्वीट करके बताया कि सुकन्या समृद्धि अकाउंट के जरिए आप अपनी बेटियों के भविष्य को सुरक्षित कर सकते हैं। अधिक जानकारी के लिए, देखें। https://tinyurl.com/y3lwzpms
इसमें मिनिमम डिपॉजिट 250 रुपए करना होता है। इसके अलावा अधिकतम आप 1,50,000 रुपए तक का डिपॉजिट कर सकते हैं। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि अभी एसएसवाई में 7.6 फीसदी की दर से ब्याज दिया जा रहा था जो इनकम टैक्स छूट के साथ है। इससे पहले इसमें 9.2 फीसदी तक ब्याज भी मिला है।
सुकन्या समृद्धि योजना के तहत इस अकाउंट को आप किसी भी बैंक या पोस्ट ऑफिस में जाकर इसके लिए एक फार्म भरने की जरूरत पड़ती है। इसके बाद आपकी बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि योजना का अकाउंट खुल जाता है। इस फार्म के साथ आपको अपनी बेटी की उम्र के प्रमाण के तौर पर उसका बर्थ सार्टिफिकेट देना पड़ता है।
सुकन्या समृद्धि योजना खाता खोलने के बाद यह गर्ल चाइल्ड के 21 साल के होने या 18 साल की उम्र के बाद उसकी शादी होने तक चलाया जा सकता है। यदि हर साल न्यूनतम 250 रुपये जमा नहीं किया जाता है, तो अकाउंट बंद हो जाएगा और उस वर्ष के लिए जमा राशि के लिए आवश्यक न्यूनतम राशि के साथ 50 रुपये प्रति वर्ष के पेनल्टी के साथ रिवाईव किया जा सकता है। अकाउंट खोलने से 15 साल बाद तक रिएक्टिवेशन हो सकता है।
सुकन्या समृद्धि अकाउंट खुलवाने का फॉर्म, बच्ची का जन्म प्रमाणपत्र, जमाकर्ता (माता-पिता या अभिभावक) का पहचान पत्र जैसे पैन कार्ड, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट आदि। जमाकर्ता के पते का प्रमाणपत्र जैसे पासपोर्ट, राशन कार्ड, बिजली बिल, टेलीफोल बिल आदि। पैसे जमा करने के लिए आप नेट-बैंकिंग का इस्तेमाल भी कर सकते हैं। खाता खुल जाने पर जिस पोस्ट ऑफिस या बैंक में आपने खाता खुलवाया है वह आपको एक पासबुक देता है।
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