नई दिल्ली: महामारी के कारण बहुत सी कंपनियों के कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। लोगों की नौकरियों से भी हाथ थोना पड़ा है। कई सेक्टर्स पूरी तरह डूब गए। ज्यादातर लोग आज इस चिंता में डूबे हैं कि उनका काम-काज कैसे चलेगा। लेकिन, कई सेक्टर्स या उद्योग ऐसे हैं, जहां संभावनाओं की कमी नहीं है। पटरी पर लौटती अर्थव्यवस्था के साथ ही ये धंधे भी चमक उठेंगे। जी हां आज हम एक ऐसे धंधे की बात कर रहे हैं, जो छोटी पूंजी में शुरू किया जा सकता है। तो अगर आप भी खुद के बिजनेस का ऑप्शन देख रहे तो आज ही ये खबर जरुर पढ़ें।
बता दें कि कम पैसों में ऐसा कारोबार शुरू करना जिसके प्रॉडक्ट की मांग बाजार में बनी रहे, इसे लेकर मुर्गी पालन (पोल्ट्री फार्मिंग) के कारोबार के बारे में विचार किया जा सकता है। फिलहाल देखा जा रहा है कि चिकन और अंडे की खपत लगातार बढ़ती जा रही है। ऐसे में आपके लिए पोल्ट्री फार्मिंग इंडस्ट्री में बिजनेस करने काफी अच्छा रहेगा। पोल्ट्री फार्मिंग बहुत बड़ी इंडस्ट्री बनती जा रही है। तो अगर आप कम लागत में बड़े मुनाफे का कारोबार शुरू करना चाहते हैं तो यह बेहतर विकल्प है। सरकार इसके लिए सब्सिडी भी देती है। नाबार्ड से 25 फीसदी की सब्सिडी मिलती है। एससी-एसटी और गरीबी रेखा से नीचे वाले शख्स को 33.33 फीसदी सब्सिडी मिलती है।
इस बात का ध्यान देना होगा कि मुर्गीपालन शुरू करने के लिए सबसे पहले आपको जगह का चुनाव करना होगा। यह जगह ऐसी होनी चाहिए जहां प्रदूषण का मुर्गियों पर असर न पड़े। इसके अलावा वहां पानी, रोशनी और साफ हवा की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। आपने जो जगह चुनी है, वहां वाहनों के आने-जाने का बेहतर इंतजाम होना चाहिए। इसके बाद कारोबार शुरू करने के लिए पैसे का इंतजाम कर्ज लेकर किया जा सकता है। कई सरकारी और निजी बैंक यह कर्ज उपलब्ध कराते हैं; जैसे कि एसबीआई, पीएनबी, एचडीएफसी बैंक, आईडीबीआई बैंक इत्यादि।
अगर आप फिलहाल एसबीआई से लोन लेना चाहते है तो बता दें कि भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) वर्तमान और नए फार्मर्स को मुर्गीपालन के लिए शेड बनाने, चारागाह (जिसमें मुर्गियों को खिलाया जाएगा) और अन्य जरूरी चीजों के लिए ब्रायलर स्कीम के तहत कर्ज उपलब्ध कराता है। एसबीआई की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक बैंक पोल्ट्री फॉर्म शुरू करने के लिए जिस जमीन पर मुर्गीपालन शुरू करना है, उसे सिक्योरिटी के तौर पर गिरवी रखकर कर्ज ले सकते हैं। इस जमीन का मूल्य कम से कम कर्ज का 50 फीसदी जरूर कवर करना चाहिए। इसके बाद 25 फीसदी का मार्जिन मिलता है। बैंक लोन चुकाने के लिए पांच साल का समय देती है। हालांकि इस अवधि में अगर पूरा कर्ज नहीं चुका पाते हैं तो छह महीने का अतिरिक्त समय मिलेगा जिसमें शेष राशि हर दो महीने अवधि पर चुकानी होगी।
- अगर आप भी मुर्गीपालन का बिजनेस शुरु करना चाहते है तो एसबीआई से पोल्ट्री फॉर्म शुरू करने के लिए तीन प्रमुख दस्तावेज चाहिए।
- भरा हुआ आवेदन पत्र की जरुरत है।
- पहचान पत्र के तौर पर मतदाता पहचान पत्र, पैन कार्ड, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि।
- पता प्रमाण के लिए मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस इत्यादि।
मुर्गीपालन के लिए बैंक उन लोगों को कर्ज उपलब्ध कराता है जिनके पास इसका प्रशिक्षण हो या पर्याप्त अनुभव हो या जिसके पास मुर्गीपालन शेड बनाने के लिए पर्याप्त जमीन हो। एसबीआई इस समय 10.60 फीसदी सालाना दर से फ्लोटिंग रेट पर कर्ज उपलब्ध कराती है। बैंक से लागत का अधिकतम 75 फीसदी कर्ज मिल सकता है।
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