नई दिल्ली: कोरोना वायरस महामारी और लॉकडाउन के कारण बहुत सी कंपनियों के कारोबार पर बुरा असर पड़ा है। जिस वजह से लोगों की नौकरियों पर भी खतरा मंडरा रहा है। ज्यादातर लोग आज इस चिंता में डूबे हैं कि उनका काम-काज कैसे चलेगा। ऐसे में आर्थिक मंदी की मार जबरदस्त है। तो अगर आप भी खुद के बिजनेस का ऑप्शन देख रहे तो आज ही ये खबर जरुर पढ़ें।
कम बजट में खुद का बिजनेस शुरु करें
जिसमें आप कम पूंजी में अपना खुद का बिजनेस शुरू कर सकते है। जी हां हम बात कर रहें है पोल्ट्री फार्म का बिजनेस की। आपको जानकारी दें कि डब्ल्यूएचओ के गाइडलाइन के मुताबिक़ अभी तक इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कोरोना संक्रमण के कारण चिकन, मांस और अंडा खाने से बचना होगा। मार्केट में चिकन की डिमांड तो हमेशा से ज्यादा रहती है। इस बिजनेस में नुकसान होने के चांस भी ज्यादा नहीं होते क्योंकि लोगों की अंडे और चिकन की डिमांड 12 महीने बनी रहती है। पोल्ट्री फार्म को कृषि क्षेत्र का सबसे तेज़ी से विकास करने वाला विभाग माना जाता है और सरकार विकास को आगे बढ़ाने के लिए प्रोसेसिंग, प्रजनन, पालन और हैचिंग प्रक्रियाओं में निवेश कर रही है।
अगर आप इस बिजनेस को शुरू करना चाहते है तो आपको बता दें कि मुर्गी पालन की शुरुआत करने के लिए सबसे पहले जगह की आवश्यकता होती है। इस बिजनेस के लिए छोटे स्तर पर ज्यादा जगह की जरूरत नहीं होती लेकिन बड़े स्तर पर बिजनेस शुरू करने के लिए बड़ी जगह चाहिए होती है। इस बात का ध्यान रखना होगा कि इसके लिए जगह हमेशा पब्लिक एरिया थोड़ा अलग होना चाहिए। इसमें ज्यादा पानी की जरुरत नहीं पड़ती बस सफाई का विशेष ध्यान देना जरुरी है।
- पोल्ट्री व्यवसाय शुरू करने के लिए कई फाइनेंशियल संस्थानों से बिज़नेस लोन आसानी से लिया जा सकता है। अगर आप छोटे पैमाने पर पोल्ट्री फार्म शुरू करना चाहते हैं तो कम से कम 50,000 रूपये से 1.5 लाख रुपये के बीच खर्च आएगा। लेकिन अगर आप बिजनेस को और अधिक बड़े स्टार पर सेटअप करना का सोच रहें हैं तो लगभग 1.5 लाख रूपये से 3.5 लाख रूपये के बीच खर्च आता है।
- पोल्ट्री फार्मिंग के बिजनेस में दो तरह से कमाई होती है पहला अंडे और दूसरा मांस से।
- इसमें अंडे के उत्पादन की प्रक्रिया और ब्रायलर प्रजनन की प्रक्रिया की जानकारी लेना होता है। इसके लिए सरकार की 'ब्रायलर प्लस' योजना के तहत सभी जानकारी मिल जाती है। इस बिजनेस से दूसरों को रोजगार दिया जा सकता है।
- पोल्ट्री फार्मिंग के लिए किसी भी सरकारी बैंक से लोन लिया जा सकता है।
- भारतीय स्टेट बैंक एसबीआई इस बिजनेस ले के लिए कुल लागत का 75 फीसदी तक लोन देता है।
- इस योजना का नाम 'ब्रायलर प्लस' योजना रखा गया है।
- एसबीआई से 9 लाख रुपये तक का लोन लिया जा सकता है जिसे 5 साल में चुकाना होता है।
- भारतीय स्टेट बैंक में 5,000 मुर्गियों के पोल्ट्री फार्म के लिए 3,00,000 रुपये तक का कर्ज दिया जाता है।
- यहां से आप 9 लाख रुपये तक का कर्ज ले सकते हैं। एसबीआई से लिए लोन को 5 साल में वापस करना होता है। अगर किसी वजह से 5 साल में लोन नहीं चुका पा रहे हैं तो 6 महीने का और समय दिया जाता है।
- इसके साथ ही आपको पहचान प्रमाण पत्र के लिए ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, पैन कार्ड या पासपोर्ट में से किसी एक की जरूरत होती है।
- दो फोटो, एड्रेस प्रूफ, बैंक अकाउंट स्टेटमेंट की फोटो कॉपी और मुर्गी पालन की प्रोजेक्ट रिपोर्ट बैंक में देनी होता है।
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