नई दिल्ली: कोरोना के चलते बहुत सारे बिजनेस ठप हो गए हैं। करोड़ों लोगों पर इस वायरस की वजह से काफी बड़ी आर्थिक चोट पहुंची है। दूसरी ओर कई कंपनियों ने कर्मचारियों को नौकरी से भी निकाल दिया है। जिसका सीधा असर लोगों के घरेलू बजट पर पड़ रहा है। कोरोना में आप कोई बिजनेस शुरू करना चाहते है तो यह खबर जरूर पढें।
जी हां आप मदर डेयरी का कारोबार शुरू कर सकते है। कोरोना काल में भले ही दुनियाभर के तमाम काम ठप पड़ गए थे, लेकिन दूध और दूध से बने उत्पादों की मांग, कीमत और सप्लाई वगैरह में कहीं कोई कमी नहीं आई। उधर, सरकार ने भी पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं शुरू की हुई हैं। लोग इन योजनाओं का फायदा उठाकर डेयरी का काम शुरू कर सकते हैं।
डेयरी एक ऐसा काम है जो छोटी सी जमा-पूंजी से लेकर कितनी भी ज्यादा रकम लगाकर शुरू किया जा सकता है। आप दो गाय या भैंस से भी दूध का काम शुरू कर सकते हैं। यहां हम डेयरी उद्योग से जुड़ी योजनाओं की जानकारी दे रहे हैं। केंद्र सरकार ने डेयरी इंटरप्रेन्योर डेवलपमेंट स्कीम चलाई हुई है। इस योजना के तहत पशुपालन करने वाले व्यक्ति को कुल प्रोजेक्ट लागत पर 33.33 फीसदी तक की सब्सिडी मुहैया कराई जाती है। इस योजना के लिए राष्ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक नाबार्ड कर्ज में छूट मुहैया कराता है। डीईडीएस स्कीम में 10 भैंस की डेयरी के लिए 7 लाख रुपये तक का कर्ज मुहैया कराया जाता है। सामान्य वर्ग के लोगों के लिए सब्सिडी 25 प्रतिशत तक है। किसी भी वर्ग की महिला के लिए सब्सिडी की दर 33.33 फीसदी ही होगी।
अगर आप खुद का डेयरी प्लांट खोलना चाहते हैं तो प्लांट की कुल लागत का कम से कम 10 फीसदी पैसा अपनी ओर से लगाना होगा। यह बात भी ध्यान में रखनी होगी कि डीईडीएस के तहत लगने वाली डेयरी लोन मंजूर होने के 9 महीने के भीतर शुरू हो जानी चाहिए। इससे ज्यादा समय लगने पर सब्सिडी का फायदा नहीं मिलेगा। इस योजना के तहत दी जाने वाली सब्सिडी बैक एंडेड सब्सिडी होगी। इसका मतलब यह है कि जिस बैंक से लोन लिया गया है ‘NABARD' सब्सिडी की रकम उसी बैंक को जारी करेगा।
- सबसे पहले डेयरी को रजिस्टर्ड करवाएं।
- डेयरी प्लांट के लिए एक साफ और विस्तार से प्रोजेक्ट तैयार करें।
- इसमें डेयरी का स्थान, पशुओं की संख्या, लागत आदि के बारे में सभी जानकारी होनी चाहिए।
- अब इस प्रोजेक्ट को लेकर नाबार्ड द्वारा अधिकृत बैंक में जाएं और लोन के लिए आवेदन करें।
- वहीं इस योजना के तहत बैंक आपको डेयरी प्लांट शेड बनाने के लिए, गाय-भैंस का दूध निकलने की मशीनों के लिए, चारा व कुट्टी काटने की मशीन पर, दुधारू पशुओं की खरीद पर या डेयरी के किसी और सामान की खरीद के लिए दिया जाता है।
- मालूम हो कि मदर डेयरी फ्रेंचाइजी के लिए आइडी प्रूफ के तौर पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आइडी कार्ड देना होगा।
- इसके साथ ही एड्रेस प्रूफ के लिए राशन कार्ड, इलेक्ट्रिसिटी बिल की कॉपी देनी होगी।
- बैंक अकाउंट डीटेल्स
- फोटोग्राफ, ई-मेल आइडी, फोन नंबर
- प्रॉपर्टी के डॉक्यूमेंट्स भी जरूरी हैं
- लीज एग्रीमेंट
- एनओसी सर्टिफिकेट
- मदर डेयरी फ्रेंचाइजी में निवेश करने वालों के लिए मदर डेयरी डिस्ट्रीब्यूटरशिप मार्जिन काफी महत्वपूर्ण है। पहले साल में निवेश पर 30 फीसदी रिटर्न की उम्मीद की जा सकती है। हालांकि, निवेश की रकम निकलने में लगभग 2 साल लगेंगे। मदर डेयरी में निवेश करने पर हर महीने लगभग 44,000 रुपए का फायदा हो सकता है।
- इस योजना के तहत एक आदमी को केवल एक बार ही लोन मिल सकता है।
- आपकी डेयरी के 500 मीटर के दायरे में दूसरी डेयरी नहीं होनी चाहिए।
- डेयरी प्लांट शुरू करने और इस पर लोन के लिए ज्यादा जानकारी नाबार्ड की वेबासाइट www.nabard.org से हासिल की जा सकती है।
ज्यादातर कंपनियां अपना नेटवर्क बढ़ाना चाहती हैं। इसके लिए वह हर जगह खुद काम न करके फ्रेंचाइज ऑफर करती हैं। नाम कंपनी का होता है बिजनेस कोई भी कर सकता है। इसके बदले कंपनी कुछ कमीशन या फीस लेती है। मदर डेयरी ने देश में करीब 2500 आउटलेट्स खोल रखे हैं। मिल्क बूथ फ्रेंचाइज मॉडल में कई तरह के डेयरी प्रोडक्ट बेच सकते हैं। मदर डेयरी आइसक्रीम फ्रेंचाइजी लेने वाला सिर्फ एक आइसक्रीम पार्लर खोल सकता है। बता दें कि इसमें बहुत ज्यादा इन्वेस्टमेंट नही करनी पड़ती है।
आपको इस बात की भी जानकारी दें कि अगर आप मदर डेयरी की फ्रेंचाइजी लेना चाहते है तो आपको अच्छी इन्वेस्टमेंट करनी पड़ेगी। ये इन्वेस्टमेंट आपकी जगह और लोकेशन के हिसाब से भी ज्यादा या कम हो सकती है। अगर आपके पास पहले से जमीन है तो कुछ पैसे बच जाएंगे। अगर नहीं तो इन्वेस्टमेंट ज्यादा हो सकता है। यह बहुत बड़ा और फेमस ब्रांड है तो कम से 5 से 10 लाख रुपए की इन्वेस्टमेंट करनी पड़ती है। इसमें ब्रांड फीस के तौर पर 50,000 रुपए अलग से देने होंगे। हालांकि, कंपनी किसी तरह की रॉयल्टी फीस नहीं लेती। वहीं अगर कोई मल्टीपल प्रोडक्ट यूनिट खोलना चाहता है, तो निवेश 1 या 2 करोड़ रुपए तक जा सकता है। यह रिटेल आउटलेट की जगह और शहर के हिसाब से भी ज्यादा हो सकता है। इसके अलावा, कंपनी प्रोमोशन में मदद करती है, दूध वेंडिंग मशीन स्थापित करती है।
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