नई दिल्ली, सितंबर 29। ग्रीन एनर्जी की बढ़ती आवश्यकता, इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग और सेलफोन के उपयोग चलते एक वस्तु की मांग बहुत अधिक होने वाली है, और वह है चांदी। सोने के उलट चांदी की कीमत इसकी मांग से प्रेरित होती है। सोने को आम तौर पर महंगाई के खिलाफ बचाव और सेफ निवेश का ठिकाना माना जाता है। इसलिए चांदी की बढ़ती मांग के साथ, कई एसेट मैनेजमेंट कंपनियां (एएमसी) अब सिल्वर एक्सचेंज ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) लॉन्च कर रही हैं। यहां हम आपको बताएंगे कि कैसे ये निवेश का एक अच्छा ऑप्शन है। साथ ही जानेंगे कि कैसे आप इसमें निवेश कर सकते हैं।
एक औसत सेल फोन में 0.3 ग्राम चांदी होती है और एक इलेक्ट्रिक वाहन के उत्पादन के दौरान 25-30 ग्राम चांदी की आवश्यकता होती है। एक औसत सोलर पैनल को 20 ग्राम चांदी की जरूरत होती है। चांदी का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक्स, ब्रेज़िंग, आभूषण और टेबलवेयर में भी किया जाता है। इस बढ़ी हुई उपयोगिता ने ही चांदी को निवेशकों की पसंद बना दिया है।
अमेरिका और जर्मनी के बाद, सबसे बड़े फिजिकल चांदी निवेश होल्डिंग्स के मामले में भारत तीसरे स्थान पर है। भारत टॉप 20 चांदी उत्पादक देशों में भी शामिल है। इससे देश की एएमसी एक निवेश उपकरण, सिल्वर ईटीएफ, लॉन्च करने के लिए प्रेरित हुईं। किसी धातु का मूल्य, चाहे वह सोना, चांदी, हीरा या प्लेटिनम हो, उसकी शुद्धता से निर्धारित होता है, जिसा पता लगाना मुश्किल है। इसलिए निवेशक ईटीएफ में निवेश करके बिना होल्डिंग के ही इससे पैसा बना रहे हैं।
पिछले साल, भारत में पांच बड़े म्यूचुअल फंड (आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी, निप्पॉन इंडिया एएमसी, आदित्य बिड़ला सन लाइफ एएमसी, डीएसपी म्यूचुअल फंड और एचडीएफसी एएमसी) ने सिल्वर ईटीएफ लॉन्च करने की अपनी योजना का ऐलान किया। जनवरी 2021 में, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल एएमसी ने भारत की पहली सिल्वर ईटीएफ योजना शुरू की, जो भारत में पहला सिल्वर-आधारित फंड है। मॉर्निंगस्टार इंडिया के इस साल उपलब्ध कराए गए आंकड़ों के अनुसार, फंड ने जुलाई के अंत तक सिल्वर ईटीएफ से 1,400 करोड़ रुपये जुटा कर लिए हैं।
भारत में सिल्वर ईटीएफ में निवेश म्यूचुअल फंड मैनेजर्स, पर्सनल फाइनेंस एडवाइजर्स और म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म के जरिए किया जा सकता है। आको आधार और पैन के साथ प्लेटफॉर्म पर अपना केवाईसी कराना होगा। आधार और पैन दोनों को लिंक कर लें। बता दें कि ग्रो, ज़ेरोधा, अपस्टॉक्स और पेटीएम मनी जैसी ऐप का इस्तेमाल निवेश के लिए किया जा सकता है। आप म्यूचुअल फंड सलाहकार या चार्टर्ड एकाउंटेंट से संपर्क कर सकते हैं। प्रत्येक म्यूचुअल हाउस ईटीएफ के ऑफर को पढ़ना आवश्यक है क्योंकि उनकी रणनीति और चार्ज अलग होते हैं। म्यूचुअल फंड हाउस के फंड मैनेजर बदलते रहते हैं। इसलिए उस पर भी नजर रखें।
सिल्वर ईटीएफ की रेंज उस म्यूचुअल फंड हाउस के अनुसार अलग-अलग होती है, जिससे वह संबंध रखता है। चांदी आधारित ईटीएफ को भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) से हरी झंडी मिली है। सेबी की ओर से पिछले साल 25 नवंबर को फंड मैनेजरों और निवेशकों के लिए गाइडलाइन जारी की गई थी।
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