नई दिल्ली, नवंबर 25। शेयर बाजार में निवेश करना दरअसल केवल डीमैट खाता और ट्रेडिंग खाता खोलना नहीं है। बल्कि शेयर बाजार में निवेशकों को निगेटिव परिस्थितियों यानी गिरते बाजार के लिए भी तैयार रहना चाहिए। अधिकतर लोग गिरते बाजार को अक्सर शेयर बाजार में की सबसे खराब स्थिति के रूप में देखते हैं। मगर ऐसा नहीं है गिरते बाजारों के लिए एक और नजरिया है, जिसे इस स्थिति को नए निवेश के लिए एक सही अवसर भी माना जाता है। गिरते बाजार में अपने निवेश का अधिकतम लाभ उठाने के लिए एक एफिशिएंट ट्रेडिंग खाते की आवश्यकता तो होती है। साथ ही आपको धैर्य, रिसर्च और सबसे महत्वपूर्ण मार्केट की जानकारी होना जरूरी है। गिरते बाजार के दौरान सही निवेश करने में आपकी सहायता करने के लिए, यहां कुछ जरूरी टिप्स दिए गए हैं जिन्हें आपको ध्यान में रखना चाहिए।
हमेशा याद रखें कि जिस कंपनी में आप निवेश करना चाहते हैं, उसके फंडामेंटल्स पर रिसर्च करना महत्वपूर्ण होता है। पर जब बाजार विशेष रूप से लगातार गिर रहा हो तो यही रिसर्च अनिवार्य हो जाती है। एक बार जब आप अपनी पसंद के शेयर को चुन लेते हैं, तो कंपनी के मैनेजमेंट, बिजनेस आउटलुक और ओवरऑल वित्तीय प्रदर्शन पर की जानकारी के लिए जरूरी समय और प्रयास करें। एक आसान नियम ये है कि हाई ग्रोथ क्षमता वाली कंपनियों में निवेश को बेहतर माना जाता है।
जब खरीद मूल्य गिरता है तो शेयर खरीदने और कीमत बढ़ने पर उन्हें बेचने की सलाह गिरते बाजार में भी सही होती है। रेगुलर परिस्थितियों में किसी स्टॉक के लिए खरीद मूल्य गिरने का मतलब कई चीजें हो सकता है। कंपनी के फंडामेंटल में गिरावट हो सकती है या बाजार सेंटिमेंट खराब हो सकता है। हालांकि गिरती बाजार स्थितियों के दौरान, ऐसा नहीं हो सकता है। इसलिए अच्छी क्वालिटी वाले शेयरों को ऐसे में गिरावट पर खरीद लें। जब बाजार चढ़ेगा तो आपको फायदा मिलेगा।
जो निवेशक बाजार जोखिम को कम करने को महत्व देते हैं, वे सुरक्षा के मार्जिन या एमओएस की अवधारणा पर बहुत ध्यान रखते हैं। सुरक्षा का मार्जिन अनिवार्य रूप से एक शेयर के बाजार मूल्य और उसके वास्तविक, आंतरिक मूल्य के निवेशक के अनुमान के बीच का अंतर होता है। एक निवेशक के रूप में अपनी जोखिम उठाने की क्षमता के आधार पर, आप अपने हिसाब से सुरक्षा का अपना मार्जिन निर्धारित कर सकते हैं।
जब गिरते बाजार के दौरान चीजें घटित होती हैं, तो बाजार में चल रहे किसी भी ट्रेंड में निवेशक रेस्पोंस करेंगे इसकी संभावना बढ़ जाती है। उदाहरण के लिए, हो सकता है कि आपके करीबी आपको कुछ शेयरों में एंट्री और कुछ में एग्जिट होने के लिए कहें। पर ध्यान रहे कि हर किसी का निवेश पोर्टफोलियो अलग होता है। इसके बजाय सब्र रखने की सलाह दी जाती है और अपने खुद के निवेश सिद्धांतों पर नजर रखें और केवल आवश्यकतानुसार ही खरीदें-बेचें।
जब बाजार में गिरावट चल रही हो तो एक साथ बड़ी रकम न लगाएं। थोड़ा-थोड़ा पैसा चुनिंदा क्वालिटी शेयरों में लगाएं। कम मार्केट कैप वाले स्टॉक्स और पेनी स्टॉक्स से बचें।
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