नई दिल्ली। देश का सबसे बड़ा बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) इस वक्त दो काम एक साथ कर रहा है। एक तरफ एसबीआई 14,000 लोगों की भर्ती करने जा रहा है, वहीं स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति योजना यानी वीआरएस के तहत 30 हजार से ज्यादा लोगों को नौकरी से निकालने की तैयारी है। हालांकि बैंक का कहना है कि उसके इस कदम को मितव्ययिता के उपाय न समझा जाए। हालांकि एसबीआई के इस कदम से बैंक को सैकड़ों करोड़ रुपये की बचत होगी। वीआरएस स्कीम 1 दिसंबर 2020 से लेकर फरवरी 2021 तक खुली रहेगी।
बिना वीआरएस के भी कम हुए है एसबीआई कर्मचारी
जहां तक आंकड़ों की बात है तो एसबीआई के कर्मचारी पिछले साल ही करीब 8000 कम हुए हैं। बैंक के आंकड़ों के अनुसार मार्च 2020 में बैंक के कुल कर्मचारियों की संख्या 2.49 लाख थी, जो इससे एक साल पहले यानी मार्च 2019 को 2.57 लाख थी। यानी एक साल में वैसे ही एसबीआई के करीब 8000 कर्मचारी कम हुए हैं।
एसबीआई ने पिछले 3 दिनों में दो अलग अलग तरह के काम शुरू किए हैं। एक के तहत पहले बैंक ने वीआरएस लाने की घोषणा की। इसके तहत बैंक को उम्मीद है कि 30,000 से ज्यादा लोग कम किए जा सकेंगे। इसके बाद एसबीआई ने नया काम शुरू किया है कि वह 14,000 लोगों की भर्ती भी करेगा। इस प्रकार अगर दोनों खबरों को एक साथ रखा जाए तो बैंक करीब 16,000 से ज्यादा कर्मचारी को कुल मिलाकर कम करेगा।
इस पूरे काम से फायदा केवल दो लोगों को होगा। सबसे बड़ा फायदा एसबीआई को होगा, जो अपने करीब 16,000 से ज्यादा कर्मचारियों को कम करने में सफल होगा। वहीं दूसरा फायदा उन लोगों को होगा, जिनको पहली बार नौकरी मिलेगी। लेकिन यहां पर ध्यान रखने की बात है कि जरूरी नहीं है कि यह 14000 नए लोग ही भर्ती हों। बैंक जब भर्ती करेगा तो वह लोग भी आवेदन कर सकते हैं, जिन्होंने हाल ही में दूसरी जगह नौकरी शुरू की और एसबीआई की भर्ती परीक्षा में शामिल होने की पात्रता भी रखते हों। ऐसे में एसबीआई नौकरी तो देगा 14,000 लोगों को, लेकिन यह शायद सभी की पहली नौकरी न हो।
एसबीआई की वीआरएस स्कीम के तहत 25 साल की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारी आएंगे। इसके अलावा जिनकी उम्र तय तारीख को 55 साल की हो चुकी हो। यानी एसबीआई के जो कर्मचारी वीआरएस लेंगे, उनका वेतन इस वक्त काफी ज्यादा है। इनकी जगह पर 14,000 नए लोग रखे जाएंगे। जनिको शुरुआती वेतन ही मिलेगा। इस प्रकर हर जाने वाले की जगह नए भर्ती पर बैंक का वेतन बिल करीब आधा हो जाएगा। इस प्रकार हर माह कई करोड़ रुपये की बचत बैंक को वेतन के रूप में होगी।
जानकारी के अनुसार एसबीआई की वीआरएस स्कीम के तहत 11,565 अधिकारी आएंगे और करीब 18,625 कर्मचारी। जानकारों का अंदाजा है कि अगर इन करीब 30 हजार कर्मचारियों में से मात्र 30 फीसदी ही वीआरएस लेने का आप्शन चुनते हैं तो एसबीआई को हर महीने करीब 1,662.86 करोड़ रुपये की बचत वेतन बिल के रूप में होगी।
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