नई दिल्ली: आपका खाता भी अगर एसबीआई में है तो यह खबर जरूर पढ़ लें। देश के सबसे बड़े बैंक एसबीआई ने अपने ग्राहकों को एक और बड़ा झटका दिया है। बैंक ने एफडी की ब्याज दरों में कटौती करने के बाद अब आरडी की ब्याज दरों में भी बदलाव किया है। अब आरडी यानी रिकरिंग डिपॉजिट के ब्याज पर भी ग्राहकों को कम मुनाफ़ा मिलेगा। एसबीआई आरडी खाताधारकों को अब 0.15 फीसदी कम ब्याज मिलेगा। जानकारी दें कि नई दरें बैंक ने लागू कर दी है। अब 1 से 10 साल की अवधि वाले आरडी खाते पर ब्याज दरें 6.25 फीसदी से घटकर 6.10 फीसदी पर आ गई हैं। आपको बता दें कि इससे पहले 10 जनवरी को एसबीआई ने 1 साल से लेकर 10 साल में मैच्योर होने वाले लॉन्ग टर्म डिपॉजिट्स पर एफडी की दरों में भी 0.15 की कटौती करने का ऐलान किया।
- 1 साल से 2 तक के लिए ब्याज दरें 6.10 फीसदी है।
- 2-3 साल के लिए ब्याज दरें 6.10 फीसदी है।
- 3-5 साल के लिए ब्याज दरें 6.10 फीसदी है।
- 5-10 साल के लिए ब्याज दरें 6.10 फीसदी है।
- एसबीआई नेट-बैंकिंग में लॉग-इन करने के बाद फिक्स्ड डिपॉजिट के तहत 'ई-आरडी (आरडी) / ई-एसबीआई फ्लेक्सी डिपॉजिट' पर क्लिक करें।
- बैंक में अगर एक से ज्यादा खाते हैं तो सभी दिखेंगे। आप इस खाते में से एक खाता चुनें, जिससे आरडी अकाउंट को लिंक करना है। मासिक किस्त और अवधि चुनें। अवधि से ब्याज दर तय होगी।
- यह अक्सर फिक्स्ड डिपॉजिट दर जितनी होती है। वरिष्ठ नागरिकों को अतिरिक्त ब्याज मिल सकता है। यदि पात्र हैं तो सीनियर सिटीजन ऑप्शन पर क्लिक करें।
- मैच्योरिटी की रकम को सेविंग अकाउंट में पाने के लिए विकल्प को चुनें या मैच्योरिटी की रकम को फिक्स्ड डिपॉजिट में तब्दील करें। तमाम शर्तों को पढ़ने के बाद 'टर्म्स एंड कंडीशंस' सेक्शन पर क्लिक करें।
- अगले पेज पर नाम, होल्डिंग का तरीका और नॉमिनेशन के बारे में फील्ड दिखेंगी। कन्फर्म बटन पर क्लिक करने पर ई-आरडी बन जाएगा। रेफरेंस नंबर और आरडी खाता नंबर आपको मिलेंगे।
- आप चाहें तो ई-आरडी ब्योरे को देख, प्रिंट और डाउनलोड कर सकते हैं। इसके अलावा यदि आप कोई स्टैंडिंग इंस्ट्रक्शन (एसआई) देना चाहते हैं तो इसे ऑनलाइन कर सकते हैं।
- बता दें कि इस स्कीम में आप मैच्योरिटी से पहले भी निकासी कर सकते हैं। अकाउंट खोलने के एक साल के बाद आप कुल निवेश का 50 फीसदी हिस्सा निकाल सकते हैं। यह ब्याज की रकम के साथ लम सम रकम होगा, जिसे आप एक साल के बाद किसी भी समय में निकाल सकते हैं।
- जब किसी के पास छोटी अवधि के लक्ष्यों की खातिर बचत करने के लिए एकमुश्त रकम नहीं होती है, तो आरडी मददगार साबित होता है।
- यह हर महीने कुछ राशि बचत करने में मदद करता है। वहीं सुनिश्चित रिटर्न की चाहत रखने वाले जो निवेशक बिल्कुल भी जोखिम नहीं ले सकते हैं, उनके लिए आरडी अच्छा विकल्प है।
- इसमें एक साल के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए निवेश किया जा सकता है। इस अवधि खत्म होने पर मैच्योरिटी की रकम व्यक्ति को वापस दी जाती है।
- एसबीआई आरडी में निवेश की मूल रकम और उस पर कमाया गया ब्याज शामिल होता है। इस तरह के भी रेकरिंग डिपॉजिट हैं जिनमें अलग-अलग राशि जमा की जा सकती है। लेकिन, ज्यादातर मामलों में हर महीने एक निश्चित राशि जमा की जाती है।
एसबीआई आरडी खाताधारकों को हर महीने कम से 100 रुपये जमा करना जरूरी होता है। हालांकि, बैंकों के तुलना में पोस्ट ऑफिस में आरडी पर अधिक ब्याज मिल रहा है। मौजूदा वक्त में, एसबीआई आरडी पर 6.10 फीसदी की दर से ब्याज दे रहा। वहीं, पोस्ट ऑफिस में आरडी पर 7.20 फीसदी की दर से ब्याज मिल रहा है।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान