नई दिल्ली, जून 19। आज के समय में लगभग हर कोई सेविंग्स अकाउंट या बचत खाता रखता है। बचत खाता बैंक खाता है, जिसमें लोग पैसा जमा कर के आराम से सेफ रख सकते हैं। इसमें पैसे रखने के साथ साथ पैसों के लेन-देन की सुविधा भी मिलती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि सेविंग्स अकाउंट के और भी कई फायदे मिलते हैं। यहां हम आपको बताएंगे सेविंग्स अकाउंट के 5 खास फीचर्स, जिनके बारे में आपको जरूर पता होना चाहिए।
सेविंग्स अकाउंट के बारे में इस बात की जानकारी हर किसी को होगी। आप किसी से इस खाते में पैसे ले भी सकते है और भेज भी सकते हैं। सेविंग्स अकाउंट में लोगों के पैसे सेफ रहते हैं। आप किसी भी तरह का भुगतान सेविंग्स अकाउंट के जरिए कर सकते हैं। आप सरकारी सब्सिडी भी इसमें प्राप्त कर सकते हैं। इतना ही नहीं यदि आपके रेगुलर मासिल भुगतान हैं तो ड्यू डेट पर ऑटो-डेब्ट की भी सुविधा मिल सकती है।
सेविंग्स अकाउंट पर आपको एक डेबिट कार्ड, चेक और इंटरनेट बैंकिंग की सुविधा मिलेगी। इन भी चीजों के जरिए आप ट्रांजेक्शन कर सकते हैं। अब तो बैंकों के मोबाइल ऐप भी हैं जिनके जरिए सेंविग्स अकाउंट का इस्तेमाल करके भुगतान किया जा सकता है। आप ऐप पर ही कितनी ट्रांजेक्शन की गयीं, कितने भुगतान और कहां-कहां से पैसा आया, इसकी पूरी जानकारी हासिल कर सकते हैं।
सेविंग्स अकाउंट अलग-अलग तरह के होते हैं। इसी आधार पर आपको अकाउंट में कुछ न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है। पर अब कुछ सेविंग्स अकाउंट ऐसे भी हैं, जिनमें न्यूनतम बैलेंस रखने की टेंशन नहीं होती। वैसे जिन सेविंग्स अकाउंट में न्यूनतम बैलेंस रखना जरूरी होता है, तो यदि उसमें न्यूनतम बैलेंस ना हो तो जुर्माना देना पड़ सकता है।
सेविंग्स अकाउंट में पैसे रखने पर आपको सबसे बड़ा फायदा मिलता है ब्याज का। ब्याज राशि हर तिमाही, छमाही और सालाना आधार पर मिलती है। अलग-अलग बैंकों में अलग-अलग ब्याज दर होती है और ये विभिन्न अवधि के लिए अलग मिलता है। इस समय ब्याज दरे 4-5 फीसदी के करीब हैं। मगर कई छोटे बैंक ऐसे भी हैं, जो आपको 6 फीसदी तक रिटर्न दिला सकते हैं। यानी आप फिक्स्ड डिपॉजिट से अधिक ब्याज पा सकते हैं। पर बचत बैंक खाते का एक नुकसान यह है कि बैंक द्वारा दी जाने वाली ब्याज दरें परिवर्तनशील होती हैं। इसका मतलब है कि बैंक को ब्याज दर में बदलाव करने का अधिकार है। हालांकि परिवर्तन आम तौर पर न्यूनतम होते हैं, यह संभव है कि बचत खाते की ब्याज दर कुछ महीनों में बदली जाए।
बचत खाते नकद में डील करते हैं, जिसका अर्थ है कि आपको अपने पैसे के एक्सेस के लिए किसी तरह के जटिल कदम उठाने के बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है। वहीं बचत खाते जीरो बैलेंस या 1000 रु तक में शुरू किए जा सकते हैं। प्राइवेट बैंक कम से कम 10000 में खाता खोलने की अनुमति देते हैं। आप सरकारी बैंकों में कम पैसों में बचत खाता शुरू कर सकते हैं।
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