नई दिल्ली: इस प्रतिस्पर्धा के युग में हर व्यक्ति अपनी कमाई को बढ़ाना चाहता हैं, इसके लिए वो कई तरह के कार्य करता हैं। जिनमे डबल सिफ्ट में काम और कई प्रोजेक्ट से जुड़े काम शामिल है। लेकिन बावजूद इसके भी अंत में पैसें की कमी आ जाती हैं। ऐसे में हमें फाइनेंशियल प्लानिंग करने की जरूरत है।
आप हर महीने कुछ बचत कर के अपने पैसों को तमाम जगह निवेश कर सकते है। इसके अलावा आप कुछ जरूरी पॉलिसी भी ले सकते है ताकि आप अपना और अपने परिवार का भविष्य सुरक्षित बनाने में कामयाब हो सके। तो अगर आपने भी फाइनेंशियल प्लानिंग नहीं की है तो ये खबर जरुर पढ़ें। इसके अलावा आपको ये भी बता दें कि अगर आपने पॉलिसी ली है और उसमें कुछ सुधार करना चाहते है तो भी ये खबर आपके लिए बड़े काम की है।
जब कभी भी बात निवेश की आती है तो हमें सबसे पहले ये देखना चाहिए कि मिलने वाला रिटर्न कंपाउंडिंग है या नहीं। बता दें कि कंपाउंडिंग निवेश में आपको ब्याज पर भी ब्याज मिलता है। यानी अगर आपको पहले साल में 1 लाख के निवेश पर 10 फीसदी यानी 10 हजार का ब्याज मिला है, तो कंपाउंडिंग के तहत अगले साल आपको 1.10 लाख पर 10 फीसदी ब्याज यानी 11 हजार का ब्याज मिलेगा। कंपाउंडिंग में मूल धन पर मिला ब्याज मूल धन में जुड़ता चला जाता है और हर साल उस ब्याज पर भी ब्याज मिलता है।
अगर आप निवेश का सोच भी रहे है तो आपको इस बात की जानकारी दें कि कभी भी सारे पैसे एक जगह निवेश ना करें। फिर चाहें वह बैंक ही क्यों ना हो। बैंक में भी पैसे डूब जाते हैं, ये तो पिछले कुछ सालों में देखा ही गया है। ऐसे में अपने कुछ पैसे अलग-अलग बैंकों में रखें, कुछ पैसे अन्य निवेश के विकल्पों में लगाएं। अगर आप में रिस्क उठाने की क्षमता है तो आप म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार में भी निवेश कर सकते हैं।
गौर करने वाली बात ये है कि आप लॉन्ग टर्म में कुछ निवेश जरूर करें वो भी अपने रिटायरमेंट को ध्यान में रखकर। ध्यान रखिए कि आप जितना जल्दी निवेश करना शुरू कर देंगे, आपको भविष्य में रिटायरमेंट को वक्त उतना ही अधिक फायदा होगा। ऐसा इसलिए क्योंकि अधिक समय तक निवेश करने से एक तो अधिक पैसे जमा होंगे, दूसरा कंपाउंडिंग की ताकत के चलते आपके पैसे भी आपके लिए कमाई करेंगे।
सरकारी हो या प्राइवेट, नौकरी में उतार-चढ़ाव आता रहता है। ऐसे में कभी भी सिर्फ अपनी नौकरी पर ही निर्भर ना रहें। कमाई के एक से अधिक जरिए रखें। अगर आपकी कंपनी में नौकरी के साथ कोई दूसरी बिजनेस करना नियमों का उल्लंघन नहीं है तो कोई साइड बिजनेस जरूरत करें। अगर ऐसा नहीं भी है तो म्यूचुअल फंड और शेयर बाजार आदि में निवेश करे के अपने पैसों को बढ़ाते रहें। अगर एक ही इनकम स्रोर्स पर आप निर्भर रहेंगे तो इमरजेंसी में दिक्कत हो सकती है।
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