भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने जून की पॉलिसी मीटिंग में रेपो रेट को 6.5% पर बरकरार रखा है। आम परिवारों के लिए अपनी फाइनेंशियल प्लानिंग को दोबारा परखने का यह एक बेहतरीन मौका है। ब्याज दरों में गिरावट का दौर शुरू होने से पहले कर्जदारों और बचत करने वालों को तुरंत एक्शन लेना चाहिए। RBI के इस फैसले का सीधा असर आपकी EMI और निवेश पर मिलने वाले रिटर्न पर पड़ेगा।

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होम लोन लेने वालों को फिलहाल अपनी EMI कम होने की उम्मीद नहीं करनी चाहिए। अगर आपका मौजूदा इंटरेस्ट स्प्रेड 2% से ज्यादा है, तो आज ही किसी सस्ते बैंक में लोन रिफाइनेंस (ट्रांसफर) करने पर विचार करें। अपने मूलधन (Principal) का सिर्फ 5% हिस्सा समय से पहले चुकाने (Prepay) से आप भविष्य में लाखों रुपये का ब्याज बचा सकते हैं। ज्यादातर कर्जदारों के लिए ब्याज दरों में कटौती अभी कुछ महीने दूर हो सकती है, इसलिए कर्ज का बोझ कम करने के लिए अभी से कदम उठाएं।

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होम लोन: रिफाइनेंस और प्री-पेमेंट की सही स्ट्रैटेजी

फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में निवेश करने वालों को मौजूदा ऊंची ब्याज दरों का फायदा तुरंत उठा लेना चाहिए। बैंक जल्द ही अपने मार्जिन को मैनेज करने के लिए लंबी अवधि की FD पर दरें घटाना शुरू कर सकते हैं। बेहतर रिटर्न और कैश फ्लो के लिए 'लैडरिंग स्ट्रैटेजी' अपनाएं। इसमें अपनी सरप्लस रकम को तीन अलग-अलग अवधियों (Tenures) में बांट दें। इससे भविष्य में होने वाली रेट कटौती से आपका पोर्टफोलियो सुरक्षित रहेगा और आपको रेगुलर फंड्स भी मिलते रहेंगे।

अवधिऔसत FD दरमैच्योरिटी राशि (₹1 लाख पर)
5 साल7.25%₹1,42,890
10 साल7.00%₹1,96,715
15 साल6.75%₹2,66,580

इक्विटी SIP में निवेश करने वालों को अपनी मंथली किश्तें बिना किसी बदलाव के जारी रखनी चाहिए। RBI के ऐलान के बाद बाजार में जो स्थिरता दिख रही है, वह लंबी अवधि के निवेश के लिए काफी अच्छी है। वहीं, डेट फंड निवेशकों के लिए मीडियम-ड्यूरेशन फंड्स में जाना एक स्मार्ट मूव हो सकता है। जब भी केंद्रीय बैंक दरों को घटाने का फैसला करेगा, इन फंड्स को सबसे ज्यादा फायदा होगा। इस हफ्ते अपने एसेट एलोकेशन पर पैनी नजर रखें।

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निवेशकों के लिए FD और SIP ग्रोथ का मास्टर प्लान

सोमवार के लिए आपकी 'एक्शन चेकलिस्ट' तैयार है। सबसे पहले अपने मौजूदा लोन की ब्याज दरों का ऑडिट करें। बाजार के बेस्ट ऑफर्स से इसकी तुलना करें और जरूरत पड़ने पर तुरंत रिफाइनेंस का फैसला लें। अपने बैंक स्टेटमेंट चेक करें कि कहीं पैसा बिना किसी काम के तो नहीं पड़ा है। उस पैसे को हाई-यील्ड FD या SIP में लगाएं ताकि आपकी वेल्थ लगातार बढ़ती रहे। अपनी बचत और फाइनेंशियल हेल्थ को बेहतर बनाने के लिए एक्टिव रहें।