PM Vishwakarma Yojana: विश्वकर्मा जयंती हर साल देशभर में बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाई जाती है। यह दिन उन कारीगरों और शिल्पकारों के लिए बेहद खास होता है जो अपनी कला और मेहनत से समाज के लिए जरूरतबंद चीजें बनाते हैं। साल 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसी मौके पर पीएम विश्वकर्मा योजना की शुरुआत की थी। आज यह योजना लाखों कारीगरों और दस्तकारों के लिए रोजगार और आत्मनिर्भरता का बड़ा जरिया बन चुकी है।

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लाखों लोगों ने लिया फायदा

सरकार की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले दो सालों में करीब 30 लाख कारीगरों और शिल्पकारों ने इस योजना में रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें से लगभग 26 लाख लोगों की स्किल वेरिफिकेशन पूरी हो चुकी है। वहीं, करीब 22.67 लाख यानी 86% लाभार्थियों ने बेसिक ट्रेनिंग भी सफलतापूर्वक पूरी कर ली है।

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कौन लोग कर सकते हैं आवेदन?

यह योजना खासकर उन लोगों के लिए है जो परंपरागत कौशल रखते हैं। इसमें कुल 18 ट्रेड्स शामिल किए गए हैं। सुनार, लोहार, नाई, चर्मकार, बढ़ई, राजमिस्त्री आदि जैसे व्यवसाय से जुड़े लोग इस योजना में फायदा उठा सकते हैं।

क्या-क्या मिलती हैं सुविधाएं?

योजना का उद्देश्य सिर्फ आर्थिक मदद देना नहीं है, बल्कि कारीगरों को आधुनिक तकनीक और बाजार से जोड़ना भी है। इसके तहत बेसिक और एडवांस स्किल ट्रेनिंग दी जाती है। 15,000 रुपए का टूलकिट इंसेंटिव मिलता है। बिना गारंटी लोन उपलब्ध कराया जाता है। डिजिटल भुगतान पर विशेष इनसेंटिव दिए जाते हैं। ब्रांड प्रमोशन और मार्केट लिंकज का अवसर भी मिलता है। इन सुविधाओं की मदद से कारीगर अपनी प्रोडक्टिविटी और काम की क्वालिटी दोनों बेहतर कर पा रहे हैं।

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ट्रेनिंग के दौरान भी मिलेगा पैसा

लाभार्थियों को ट्रेनिंग देने के लिए मास्टर ट्रेनरों की मदद ली जाती है। इस दौरान उन्हें 500 रुपए प्रतिदिन स्टाइपेंड दिया जाता है। साथ ही उन्हें पीएम विश्वकर्मा आईडी कार्ड और सर्टिफिकेट भी प्रदान किया जाता है।

दो चरणों में लोन की सुविधा

कारीगर अपने कारोबार को शुरू या बढ़ाने के लिए इस योजना से लोन ले सकते हैं। पहले चरण में 1 लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है। कारोबार के विस्तार के लिए दूसरे चरण में 2 लाख रुपए तक का लोन मिल सकता है। यह लोन मात्र 5% ब्याज दर पर मिलता है, जिससे छोटे कारीगरों के लिए यह एक बड़ा सहारा बनता है।

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कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

योजना से जुड़ने के लिए कारीगर को नजदीकी कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) पर जाना होता है। वहां CSC एजेंट आधार और बायोमेट्रिक डिटेल्स के जरिए रजिस्ट्रेशन पूरा करते हैं।

पीएम विश्वकर्मा योजना देश के परंपरागत कारीगरों के जीवन में सकारात्मक बदलाव ला रही है। आधुनिक ट्रेनिंग, औजार, आसान लोन और बाजार से जुड़ने के मौके इस योजना को खास बनाते हैं। आने वाले समय में यह योजना न केवल लाखों लोगों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करेगी बल्कि भारत की पारंपरिक कला और कौशल को भी नई पहचान दिलाएगी।