नई दिल्ली। मोदी सरकार के साथ चाय और पकौड़ा शब्द काफी नजदीकी के साथ जुड़ा हुआ है। पीएम नरेन्द्र मोदी जहां बचपन में खुद चाय बेच चुके हैं, वहीं पकौड़ा बनाने वालों पर एक बयान को लेकर विपक्षी दल उन पर हमलावर हो चुके हैं। लेकन इन सब की परवाह न करते हुए मोदी सरकार अब चाय और पकौड़ा बेचने जैसा छोटा करोबार करने वालों पर मेहरबारी नजर आ रही है। सरकार ने 10 हजार करोड़ रुपये की एक योजना को कैबिनेट में मंजूरी दे दी है। अब ऐसे छोटे कारोबारी आसानी से और बिना गांरटी के पैसे पा सकेंगे। इसके अलावा अगर ऐसे कारोबारी अपना पैसा समय से देते हैं तो उनको 7 फीसदी ब्याज सब्सिडी भी दी जाएगी।
1 जून यानी सोमवार को सरकार ने पीएम स्ट्रीट वेंडर अत्मानिर्भार निधि (एसवीएननिधि) शुरू करने का ऐलान कर दिया है। इस योजना का लाभ रेहड़ी पटरी वालों और छोटी मोटी दुकान लगाकर आजीविका चलाने वालों को मिलेगा। इस योजना के तहत सरकार ऐसे लोगों को अपना कारोबार शुरू करने के लिए पैसों से मदद करेगी। सरकार ने इसे पीएम स्वनिधि या पीएम स्ट्रीट वेंडर अत्मानिर्भार निधि (एसवीएननिधि) नाम दिया है। इस विशेष क्रेडिट स्कीम के तहत ऐसे करीब 50 लाख स्ट्रीट वेंडर्स कर्ज ले सकेंगे।
कोरोना महामारी की मार ऐसे ही छोटे कारोबारियों पर सबसे ज्यादा पड़ी है। पिछले 2 महीने से भी ज्यादा समय से लॉकडाउन की स्थिति है, जिससे में रोज की दिहाड़ी वाले ऐसे कारोबारी सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। बाजार बंद होने से इनका धंधा लगभग पूरी तरह से चौपट है। ऐसे में पीएम स्वानिधि योजना से पैसे लेकर यह लोग फिर से अपना काम आसानी से शुरू कर सकते हैं।
सड़क किनारे चाय या पकौड़े वाले, ठेले या रेहड़ी-पटरी पर दुकान चलाने वालों को पीएम स्ट्रीट वेंडर अत्मानिर्भार निधि (एसवीएननिधि) योजना के तहत यह कर्ज दिया जाएगा। फल-सब्जी, लॉन्ड्री, सैलून और पान की दुकानें भी इस श्रेणी में शामिल की गई हैं। इन्हें चलाने वाले भी यह लोन ले सकते हैं। अनुमान है कि इस योजना से करीब 50 लाख को फायदा होगा।
पीएम स्ट्रीट वेंडर अत्मानिर्भार निधि (एसवीएननिधि) के तहत हर स्ट्रीट वेंडर 10,000 रुपये तक का लोन ले सकता है। इस राशि को रेहड़ी-पटरी वाले 1 साल के भीतर किस्तों में लौटाना होगा। यह लोन बेहद आसान शर्तों के साथ दिया जाएगा। इस लोन के लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होगी। इस लोन को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को सरकार की तोहफा भी दिया जाएगा। सरकार लोन पूरी तरह से चुक जाने के बाद लिया गया 7 फीसद ब्याज सब्सिडी के तौर पर लोन लेने वाले के बैंक अकाउंट में ट्रांसफर कर देगी। वहीं इस स्कीम के तहत जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है। फिलहाल इस योजना के लिए सरकार ने 5000 करोड़ रुपये की राशि मंजूर की है। इसके लिए कोई कड़ी शर्त नहीं होगी। यह लोन आसान शर्तों के साथ बांटा जाएगा।
-मोबाइल ऐप और वेब पोर्टल आधारित आवेदन प्रक्रिया
-इस लोन के लिए किसी तरह के गारंटी की जरूरत नहीं
-एक साल के लिए 10,000 रुपये तक का कर्ज लेना संभव
-समय पर या उससे पहले कर्ज पटा दिया तो 7 फीसदी ब्याज सब्सिडी दी जाएगी
-पात्र लेनदारों को छमाही आधार पर किया जाएगा सब्सिडी का भुगतान
-पहले लोन के समय पर और जल्द भुगतान की स्थिति में अधिक लोन की पात्रता
-डिजिटल लेनदेन की रसीद या भुगतान पर मासिक कैशबैक की सुविधा भी
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