PM Krishi Sinchai Yojana Kya Hai: भारत सरकार किसानों के लिए लगभग हर जरूरी सुविधा मुहैया कराने की कोशिश कर रही है। किसानों के लिए सबसे जरूरी चीज पानी होता है। क्योंकि अगर पानी नहीं होगा तो फैसले उगाना किसान के लिए नामुमकिन हो जाएगा। हमेशा बारिश का सहारा लेना किसानों के लिए भी मुमकिन नहीं होता है। इसके अलावा कई ऐसी फैसलें भी होती हैं, जो उस टाइम पर उगाई जाती है, जिस दौरान कम बारिश होती है।
ऐसे में किसानों के लिए फसलों की सिंचाई सबसे ज्यादा जरूरी काम होता है। खासकर धान और गेहूं उगाने में काफी पानी का इस्तेमाल होता है। किसी बात को ध्यान में रखकर भारत सरकार द्वारा प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना की शुरुआत की गई है। आइए इसके बारे में जानते हैं।
भारत सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत देश के किसानों को सिंचाई उपकरण खरीदने के लिए सब्सिडी दी जाती है। यह सब्सिडी किस को उन स्कीम पर भी मिलेगी जिसके तहत वह पानी की बचत करते हुए कम मेहनत और कम खर्च में खेत की सिचांई कर सकें। इसके लिए प्रधानमंत्री के द्वारा 5000 करोड़ रुपए की धनराशि निर्धारित की गई है।
इसे 2015 में भारत सरकार के द्वारा शुरू किया गया था। सरकार का उद्देश्य इस योजना के जरिए देश के हर किसान के खेत में पानी पहुंचाना है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि सरकार के द्वारा इस योजना के तहत हर जिले के खेतों में पानी पहुंचाने का प्लान है। सरकार का उद्देश्य स्प्रिंकल और ड्रिप इरीगेशन तकनीक का इस्तेमाल करके से पानी की मात्रा में 30 से 40 प्रतिशत तक अधिक खेतों की सिंचाई करने का लक्ष्य रखा है।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि इस योजना के तहत जो भी किसान माइक्रो इरिगेशन तकनीक का इस्तेमाल करते हैं उन्हें सरकार की तरफ से सब्सिडी भी दी जाती है। इसके अलावा बिहार जैसे राज्य भी ड्रिप और स्प्रिंकल इरिगेशन को बढ़ावा देने के लिए इस पर जबरदस्त सब्सिडी दे रहे हैं।
इस योजना के तहत किसानों को खेतों में छोटे तालाब बनाने की ट्रेनिंग दी जाती है। इसके अलावा कम पानी में ज्यादा से ज्यादा फसलों की सिंचाई की ट्रेनिंग भी दी जाती है।
इस योजना के तहत अगर आप सिंचाई उपकरण खरीदना चाहते हैं, तो आपको सरकार के द्वारा 80 से 90 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाता है।
साल 2023 में शुरू की गई कि योजना से सरकार के द्वारा सिंचाई का दायरा बढ़ाने की कोशिश की जा रही है जिससे उत्पादन बढ़ेगा और इसका फायदा सीधे तौर पर भारत की अर्थव्यवस्था और किसानों को मिलेगा।
इस योजना के तहत केंद्र सरकार के द्वारा सिंचाई उपकरण खरीदने पर 75 प्रतिशत का अनुदान दिया जाता है और 25 प्रतिशत राज्य सरकार के द्वारा वहन किया जाता है।
सरकार का आंकड़ा है कि इन इरिगेशन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करने के बाद सिंचाई के लिए इस्तेमाल होने वाले पानी का खर्च आधा होगा। इसके साथ ही 30 से 40 प्रतिशत तक का प्रोडक्शन बढ़ जाएगा।
जानकारी के लिए बताते चलें कि इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानो के पास कृषि योग्य भूमि होनी चाहिए।
इस योजना के पात्र लाभार्थी देश के सभी वर्ग के किसान होंगे।
इस योजना के तहत सेल्फ हेल्प ग्रुप्स, ट्रस्ट, सहकारी समिति, इंकॉर्पोरेटेड कंपनियां, उत्पादक कृषकों के समूहों के सदस्यो और अन्य पात्रता प्राप्त संस्थानों के सदस्यों को भी लाभ प्रदान किया जायेगा।
प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना में आवेदन करने के लिए आपके पास कुछ दस्तावेज भी होने चाहिए।
इसके लिए आपके पास आधार कार्ड, पहचान पत्र, जमीन का कागज, जमीन की जमाबंदी, पासपोर्ट साइज फोटो, बैंक अकाउंट पासबुक और मोबाइल नंबर देना होगा।
आपकी जानकारी के लिए बता दे की इस योजना में आवेदन करना है तो, आप अपने राज्य की कृषि विभाग की वेबसाइट पर जाकर इस योजना के लिए अप्लाई कर सकते हैं और उसके बारे में सभी जानकारी ले सकते हैं।
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