नई दिल्ली: नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) और अटल पेंशन योजना निवेशकों के लिए अच्छी खबर है। एनपीएस और एपीवाई के लिए अब आप ई-केवाईसी करा सकेंगे। अब अकाउंट ऑनलाइन डिजिटल तरीके से खुल सकेगा। पेंशन फंड रेगुलेटरी एंड डेवपलमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने बताया है कि उसे एनपीएस और एपीवाई के लिए ई-केवाईसी सर्विसेज शुरू करने के लिए रेवेन्यू डिपार्टमेंट से मंजूरी मिल गई है।
अकाउंट खोलना हो जाएगा और आसान
पीएफआरडीए ने बताया कि ऑनलाइन ई-केवाईसी से एनपीएस सब्सक्राइबर्स के लिए अकाउंट खोलना और आसान हो जाएगा। आपको बता दें कि एनपीएस और अटल पेंशन योजना पीएफआरडीए की दो फ्लैगशिप योजनाएं हैं। एनपीएस संगठित क्षेत्र के लोगों के लिए होता है, जबकि अटल पेंशन योजना का फायदा असंगठित क्षेत्र के लोगों को होता है।
पीएफआरडीए के मुताबिक एंट्री टू एग्जिट (E2E) किट सब्सक्राइबर्स को दी जाती है। पीएफआरडीए ने स्कीम में आने और बाहर जाने तक एनपीएस सब्सक्राइबर्स की यात्रा को पूरी तरह से बदल दिया है। एन्यूटी समेत कई सर्विसेज बिल्कुल आसान और पेपरलेस हो गई हैं। पीएफआरडीए ने बताया कि उसने कई सेवाएं डिजिटल कर दी हैं, जैसे ओटीपी आधारित ऑथेंटिकेशन, पेपरलेस ऑन बोर्डिंग, ई-साइन आधारित ऑथेंटिकेशन और वीडियो कस्टमर आइडेंटिफिकेशन जिससे दूर बैठ लोगों को स्कीम से जुड़ने की सुविधा मिलती है।
अटल पेंशन योजना लोगों के बीच बहुत कम समय में तेजी से पसंद की जाने लगी है। इस योजना को काफी अच्छा रिस्पांस मिल रहा है। चालू कारोबारी साल के दौरान अब तक 40 लाख से ज्यादा लोगों ने इसमें रजिस्ट्रेशन कराया है। पेंशन निधि नियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) के आंकड़ों की मानें तो अटल पेंशन योजना में कुल अंशधारकों की संख्या 2.63 करोड़ को पार कर चुकी है। वहीं सरकार की इस पेंशन योजना के तहत 18 साल से लेकर 40 साल की उम्र तक के व्यक्ति शामिल हो सकते हैं। इसमें अंशदान करने वालों को 60 साल की उम्र के बाद तय पेंशन रकम या अंशधारक की मृत्यु के बाद उसके जीवनसाथी को उतनी ही गारंटीड पेंशन मिलती है। इसके अलावा अंशधारक के 60 साल का होने तक कुल जमा पेंशन फंड नॉमिनी को वापस करने की भी व्यवस्था है। एपीवाई के दो फायदे हैं, पहला पेंशन और दूसरा इनकम टैक्स में छूट। यह स्कीम 60 साल की उम्र से लोगों को 1000 से 5000 रुपये तक की मिनिमम गारंटीड मंथली पेंशन देती है। इस योजना में आप जितनी कम उम्र में जुड़ेंगे, आपको फायदा उतना ही ज्यादा होगा।
देश में रिटायरमेंट फंड के लिए एनपीएस काफी लोकप्रिय विकल्प है। एनपीएस में 18 से 60 साल तक की उम्र के लोग निवेश कर सकते हैं। देश के करीब सभी सरकारी और निजी बैंकों में जाकर इस योजना के तहत खाता खुलवाया जा सकता है। आपकी जानकारी के लिए बता दें कि एनपीएस म्युचुअल फंड की तरह ही मैनेज होता है। यहां तीन तरह से- इक्विटी, कॉरपोरेट बॉन्ड और गवर्नमेंट सिक्यूरिटीज में निवेश होता है। एनपीएस स्कीम सरकारी और निजी दोनों क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए है। अपने नौकरी दौरान निवेशक हर महीने कुछ राशि जमा करते है। निवेशक रिटायरमेंट के बाद तैयार हुए फंड से एक हिस्सा निकाल सकते हैं और बाकी रकम से नियमित आय के लिए एन्यूटी लेना होता है। एनपीएस के टियर 1 खाते में निवेश से इनकम टैक्स लाभ भी मिलता है।
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