नई द‍िल्‍ली: कोरोनावायरस के खतरे को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 21 दिन के लॉकडाउन का ऐलान किया है। इस ऐलान के बाद भारतीय रेलवे ने भी कोरोना वायरस के बढ़ते खतरे को ध्यान में रखते हुए 14 अप्रैल तक सभी यात्री ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। जबक‍ि इससे पहले यह सेवा 31 मार्च 2020 तक के लिए स्थगित की गई थी। रेलवे ने यात्रियों से अपील करते हुए कहा है कि जिन यात्रियों ने ई टिकट बुक किया है वो अपना टिकट कैंसिल न करें नहीं तो उन्हें नुकसान हो सकता है। आपको बता दें कि आप अपनी ट्रेन के कैंसिलेशन की जानकारी नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम से ले सकते हैं।

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ट्रेन टिकट कैंसल कराने पर होगा ज्‍यादा नुकसान

रेलवे की वेबसाइट के जरिए अगले तीन महीनों की यात्रा के लिए टिकट बुक किया जा सकता है। ट्रेन कैंसिल होने पर रेलवे किसी तरह का कैंसिलेशन चार्ज नहीं काटता है। वहीं आईआरसीटीसी के प्रवक्ता सिद्धार्थ सिंह का कहना है कि ट्रेन कैंसिल होने पर ई टिकट को ऑटोमैटिक तरीके से कैंसिल कर दिया जाता है। यात्रियों को ऑटोमैटिक तरीके से पूरा रिफंड दिया जाता है। रिफंड की राशि यात्रियों के खाते में ट्रांसफर कर दी जाती है। अगर कोई यात्री अपना टिकट कैंसिल कराया है तो टिकट कैंसिल करने पर कैंसिलेशन चार्ज काटे जा सकते हैं। ऐसे में यात्री को नुकसान हो सकता है। ऐसे में यात्रियों को रेलवे की ओर से सलाह दी गई है कि वो अपना ई टिकट कैंसिल न करें।

14 अप्रैल तक ​कैंसिल रहेंगी पैसेंजर ट्रेन

भारतीय रेलवे ने कोरोना वायरस के खतरे को ध्यान में रखते हुए 14 अप्रैल तक सभी यात्री ट्रेनों को कैंसिल कर दिया है। लेकिन इस बीच देश भर में आवश्यक वस्तुओं को पहुंचाने के लिए मालगाड़ियों को चलाया जा रहा है। माल गाड़ियों को चलाने के लिए रेल कर्मचारियों को ऑफिस पहुंचने में हो रही दिक्कत को ध्यान में रखते हुए रेलवे के दिल्ली मंडल ने वर्कमैन स्पेशल ट्रेनें चलाने का ऐलान किया है। इन ट्रेनों में सिर्फ रेल कर्मचारी ही यात्रा कर सकेंगे।

यात्रियों को 21 जून तक मिलेगा रिफंड

दूसरी ओर इस बात की भी जानकारी दें कि रेलवे ने यह भी कहा है कि रद्द की गई सभी ट्रेनों की टिकटों का पूर्ण रिफंड 21.06.2020 तक प्राप्‍त किया जा सकता है। आईआरसीटीसी ने लोगों से कहा है कि वह उन टिकटों को रद्द नहीं करें जो उन्होंने ऑनलाइन उस ट्रेन के लिए बुक कराई थी जो रद्द हो चुकी है। उसने यह भरोसा दिया है कि पूरी राशि का रिफंड अपने आप भी वापस मिल जाएगा। वहीं पहले रेलवे ने 21 जून तक काउंटर टिकटों को रद्द कराने के लिए समयावधि को बढ़ाकर तीन महीने कर दिया था। आईआरसीटीसी ने कहा कि यूजर के स्तर पर रद्द करने की कोई आवश्यकता नहीं है। अगर व्यक्ति अपनी टिकट को रद्द करता है, तो इस बात की संभावना है कि उसे कम रिफंड मिल सकता है। इसलिए मुसाफिरों को सलाह दी जाती है कि रेलवे ने जिन ट्रेनों को रद्द किया है, वे उनके लिए ई-टिकट को खुद से रद्द न करें। इस बात की भी जानकारी दी गयी है कि रिफंड की राशि अपने आप यूजर ने जिस अकाउंट के इस्तेमाल से ई-टिकट बुक की हैं, उसमें डाल दी जाएगी। वहीं बयान में कहा गया है कि ट्रेन के रद्द होने पर रेलवे कोई चार्ज की कटौती नहीं करेगा।