नई दिल्ली: देश में बड़ी तेज़ी के साथ डिजिटलीकरण हो रहा है। मोबाइल फ़ोन पर अब उत्पाद ख़रीद की सुविधा उपलब्ध हो गयी है। देश के टियर 2 और 3 शहरों में लोंगों के वस्तुओं की खरीद के लिए सुगमता से उपलब्ध उपभोक्ता ऋण का उपयोग करने से किश्तों पर वस्तुएं खरीदने का चलन तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह दावा एआई आधारित उपभोक्ता ऋण प्रदान करने वाले प्लेटफॉर्म जेस्टमनी ने अपने जारी एक रिपोर्ट में दी है।
बता दें रिपोर्ट में दावा किया गया है कि वर्ष 2019 में ईएमआई वित्तपोषण में 125 फीसदी से अधिक की वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं टियर 2 तथा 3 शहरों के न्यू-टू-क्रेडिट ग्राहकों में 2000 फीसदी की वृद्धि के बल पर डिजिटल ईएमआई अर्थव्यवस्था का एक बड़ा हिस्सा बन गया है। ईएमआई वित्तपोषण ने पिछले कुछ वर्षों में ई-कॉमर्स कंपनियां अमेजन, फ्लिपकार्ट, मिंत्रा, पेटीएम, मेकमायट्रिप, डेकेथलॉन की ऑनलाइन बिक्री में काफी वृद्धि की है। जबकि वर्ष 2019 में टियर-1 शहरों में 84 फीसदी, जबकि टियर-2 शहरों में 140 फीसदी और टियर-3 शहरों में 145 फीसदी की वृद्धि हुई है।
जेस्टमनी की सीईओ का कहना है कि आज के समय में कैश का प्रभुत्व कम हो रहा है और ईएमआई अपनाने को लेकर खासा उत्साह है, जिससे नई टेक आधारित कंपनियों के लिए एक सुदृढ़ वित्तीय इकोसिस्टम का विकास हो रहा है। ऐसे में यह पता चलता है कि लोग अब अपने बचत के भरोसे न रहकर इस विकल्प पर भी भरोसा कर रहे हैं और अपनी जरूरत के अनुसार खर्च करने में सक्षम हो रहे हैं।
इस बात का भी जिक्र किया गया है कि भारत नकदी अर्थव्यवस्था वाला देश रहा है, लेकिन डिजिटल भुगतान और सुगमता से उपलब्ध वित्त तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। भारत में ई-कॉमर्स के विकास के साथ, वस्तुओं की एक विशाल श्रृंखला जनता के लिए उपलब्ध है। स्मार्टफोन, कंप्यूटर, परिधान, किराना, उपकरण, यात्रा टिकट और यहां तक कि होटल के कमरे और किराए पर घर आदि उपलब्ध है। विभिन्न ब्रांड भारतीय बाजार में आकर्षक ऑफर के साथ उत्पाद और सेवाएं दे रहे हैं, जो धीमी अर्थव्यवस्था या मंदी के बावजूद उपभोक्ताओं को अधिक खर्च करने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आपको इस बात से भी अवगत करा दें कि भारत के सबसे बड़े फैशन और परिधान ई-कॉमर्स संगठनों में से एक मिंत्रा, खरीदारों को डिजिटल ईएमआई विकल्प प्रदान करता है, जिसमें नो-कॉस्ट ईएमआई भी शामिल है जिससे ग्राहकों को अपने मासिक वित्त को छेड़े बिना, प्रीमियम उत्पादों पर व्यय करने का प्रोत्साहन मिलता है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि जबकि पहले लोग बचत को प्राथमिकता देते थे लेकिन आज उपभोक्ता पहले खरीद और बाद में भुगतान करने के लिए तैयार हैं। डिजिटल ईएमआई की मदद से, उपभोक्ता उन उत्पादों को खरीद रहे हैं जो उनकी पहुंच से बाहर थे। ईएमआई योजना के साथ चुकाने से जो उन्हें सबसे अच्छा लगता है, वे आसानी से अपने वित्त का प्रबंधन कर सकते हैं और अपनी आकांक्षाओं के साथ समझौता नहीं कर सकते हैं। इतना ही नहीं भारतीय उपभोक्ता ऐसे उत्पादों को भी ले पा रहे हैं, जिन्हें एकमुश्त में लेना मुश्किल था और अब वे उसी के लिए सस्ती किस्तों में दो या तीन बार में भुगतान कर रहे हैं।
More Articles
- भारी बारिश का अलर्ट: बाढ़ में डूबी कार को स्टार्ट न करें, क्लेम पाने का सही तरीका जानें
- Manipal Health IPO: ₹9,275 करोड़ का बड़ा दांव, क्या आपको अप्लाई करना चाहिए?
- ITR फाइल करने का आज आखिरी मौका: क्या आज के बाद लगेगा जुर्माना? जानें बचने का तरीका
- US Fed का फैसला आज रात: क्या भारतीय बाजार में आएगी बड़ी हलचल? जानें ट्रेडर्स के लिए खास रणनीति
- GST QRMP स्कीम: PMT-06 पेमेंट में 35% चालान चुनें या सेल्फ-असेसमेंट? ब्याज से बचने का पूरा गणित
- ITR फाइलिंग की डेडलाइन: 31 जुलाई से पहले निपटा लें ये जरूरी काम, वरना होगा नुकसान