नई दिल्ली: कोरोनावायरस की वजह से देश में आर्थिक गतिविधियां ठप पड़ गई हैं। लगभग 70 दिन चले लॉकडाउन की वजह से पूरी अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान हुआ है। देशभर में फैले कोरोना वायरस के बीच सरकार ने आम जनता को राहत देने के लिए कई फाइनेंशियल कामकाज की डेडलाइन को 31 मार्च से बढ़ाकर 30 जून कर दिया था, जिससे आम लोगों को घर से बहार नहीं निकलना पड़े। इसके साथ ही लोग बिना पेनाल्टी दिए अपने कामकाज को आसानी से निपटा लें। इस दौरान सरकार ने आईटीआर, पैन आधार लिंकिंग, टैक्स सेविग्स जैसे कुछ कामों की डेडलाइन को आगे बढ़ा दिया था। तो आप 30 जून से पहले अपने इस तरह के सभी अधूरे कामकाज को पूरा कर लें।
सरकार ने पैन को आधार से जोड़ने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 30 जून कर दी थी। पहले यह 31 मार्च थी। अब अगर 30 जून डेडलाइन के अंदर आधार के साथ पैन लिंक नहीं किया गया तो यह मान्य नहीं रह जाएगा। आप ऐसा कोई फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन नहीं कर पाएंगे, जहां पैन जरूरी होगा।
पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस और रूरल पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस के लिए प्रीमियम भुगतान पीरियड को 30 जून 2020 तक बढ़ाया गया है। सभी पीएलआई और आरपीएलआई पॉलिसी धारकों को राहत देने के लिए डायरेक्टोरेट ऑफ पोस्टल लाइफ इंश्योरेंस, डिपार्टमेंट ऑफ पोस्ट, संचार मंत्रालय ने मार्च 2020, अप्रैल 2020 और मई 2020 के बकाया प्रीमियम के भुगतान की अवधि को 30 जून 2020 तक बढ़ाने का फैसला किया।
सरकार फरवरी और अप्रैल 2020 के बीच रिटायर हुए कर्मचारियों के लिए सीनियर सिटीजन सेविंग स्कीम अकाउंट में निवेश करने की आखिरी तारीख 30 जून 2020 तक बढ़ा चुकी है। योजना के नियमों के मुताबिक, 55-60 साल आयु के रिटायर लोग एससीएसएस स्कीम में सेवानिवृत्ति लाभ मिलने के एक महीने के भीतर निवेश कर सकते हैं।
सरकार ने वित्त वर्ष 2019-20 के लिए एडवांस टैक्स के भुगतान की तारीख को बढ़ाकर 30 जून 2020 कर दिया है। इसलिए जो टैक्सपेयर्स अडवांस टैक्स के ब्रैकेट में आते हैं, उन्हें सुझाव है कि वे 30 जून से पहले टैक्स जमा कर दें, जिससे टैक्स लायबिलिटी पर कोई ब्याज न हो।
सरकार ने पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि (एसएसवाई) अकाउंटहोल्डर्स को राहत दी और दोनों अकाउंट के प्रावधानों में ढील देते हुए फैसला किया कि जो लोग पीपीएफ और सुकन्या समृद्धि अकाउंट में लॉकडाउन के चलते वित्त वर्ष 2019-20 के लिए मिनिमम डिपॉजिट नहीं कर पाए हैं, वे अब 30 जून 2020 तक ऐसा कर सकते हैं।
बात करें आटीआर की तो अब करदाताओं वित्त वर्ष 2018-19 के लिए लेट आईटीआर 30 जून तक दाखिल कर सकते हैं। इसके अलावा, अगर पहले आईटीआर फाइल कर चुके हैं तो उसमें करेक्शन करने का यानी रिवाइज आईटीआर भरने का भी मौका मिलेगा।
सरकार ने 30 जून तक बचत खाते में मिनिमम मंथली बैलेंस मेंटेन रखने की जरूरत को भी खत्म किया हुआ है। अगर ग्राहक के बचत खाते में मिनिमम बैलेंस मौजूद नहीं हुआ तो बैंक उससे चार्ज नहीं वसूलेंगे।
सरकार ने जमा किए जा चुके फॉर्म 15जी और फॉर्म 15एच की वैधता को बढ़ाकर 30 जून 2020 किया है। सीबीडीटी ने तय किया है कि वित्त वर्ष 2019-20 में जमा किए गए फॉर्म 15G/15H 30 जून 2020 तक मान्य रहेंगे और बैंक/फाइनैंशल इंस्टीट्यूशन निवेशकों की ब्याज आय पर जून आखिर तक टैक्स नहीं काटेंगे।
पेंशन फंड रेग्युलेटरी ऐंड डिवेलपमेंट अथॉरिटी (पीएफआरडीए) ने अटल पेंशन योजना (एपीवाई) के लिए ऑटो डेबिट फैसिलिटी को 30 जून 2020 तक के लिए रोक दिया है। यानी जो लोग एपीवाई में निवेश कर रहे हैं, उनके सेविंग्स अकाउंट से अपने आप इस स्कीम के लिए योगदान का पैसा नहीं कटेगा।
जिन लोगों का पीपीएफ अकाउंट 31 मार्च को मैच्योर हुआ है, जिसमें एक साल का एक्सटेंशन भी शामिल है, वे लोग अगर अपने पीपीएफ अकाउंट को आगे एक्सटेंड करना चाहते हैं, लेकिन लॉकडाउन के कारण ऐसा मार्च 2020 तक नहीं कर पाए हैं, तो उनके पास अकाउंट एक्सटेंड कराने के लिए फॉर्म जमा करने का मौका 30 जून 2020 तक रहेगा।
30 जून तक किसी भी बैंक के डेबिट/एटीएम कार्ड से किसी भी बैंक एटीएम से नकद निकासी पर कोई चार्ज नहीं लगेगा। अभी दूसरे बैंकों के एटीएम से एक निश्चित संख्या में फ्री नकद निकासी की जा सकती है। उस संख्या के खत्म होने के बाद ट्रांजेक्शन करने पर चार्ज देना होता है।
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