नई दिल्ली: राशन कार्ड को आधार से लिंक कराने की तारीख आगे बढ़ा दी गई है। लॉकडाउन के बीच गरीब और निचले तबके के लिए तमाम सरकारी सुविधाओं का लाभ लेने का एक अहम जरिया है राशन कार्ड। सरकार लॉकडाउन की सबसे ज्यादा मार झेल रही गरीब जनता को राशन कार्ड के माध्यम में गेहूं, चावल और दाल का वितरण कर रही है। दूसरी तरह सरकार वन नेशन वन राशन कार्ड स्कीम भी चला रही है। इसका मकसद एक ही राशन कार्ड पर देश में कहीं भी जन वितरण प्रणाली (पीडीएस) की दुकान से राशन हासिल करना है।
मालूम हो कि हाल ही में केंद्र सरकार ने राशन कार्ड को आधार से लिंक कराने की डेडलाइन को 30 सितंबर तक बढ़ा दिया है। सरकार की ओर से यह भी कहा गया है कि जब तक उपभोक्ता मामलों का मंत्रालय सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्पष्ट निर्देश नहीं जारी करता, तब तक किसी भी सही लाभार्थी को उसके हिस्से का राशन देने से मना नहीं किया जाएगा। किसी का राशन कार्ड आधार संख्या नहीं जुड़े होने के कारण रद्द नहीं किया जाएगा, न ही लाभार्थी का नाम लिस्ट से काटा जाएगा। इस तरह सरकार द्वारा यह स्पष्टीकरण जारी होने के बाद जिन लोगों के राशन कार्ड, आधार कार्ड से लिंक नहीं हैं, उनके पास 30 सितंबर तक ऐसा करने का वक्त है।
- सबसे पहले आधार जारी करने वाली संस्था यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया (यूआईडीएआई) की आधिकारिक वेबसाइट- uidai.gov.in पर जाएं।
- उसके बाद 'Start Now' ऑप्शन पर क्लिक करें।
- अपनी एड्रेस डिटेल- जिला और राज्य भरें।
- उपलब्ध विकल्पों में से 'Ration Card' बेनिफिट टाइप का चयन करें।
- वहां दिए गए विकल्प राशन कार्ड स्कीम को चुनें।
- अपना राशन कार्ड नंबर, आधार नंबर, ई-मेल एड्रेस और मोबाइल नंबर दर्ज करें।
- आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) भेजा जाएगा। ओटीपी भरें, इसके बाद स्क्रीन पर प्रोसेस पूरा होने का एक नोटिफिकेशन नजर आएगा।
- इसे पोस्ट करें, आपका आवेदन वेरिफाइ हो जाएगा और सफलतापूर्वक वेरिफिकेशन के बाद राशन कार्ड से आधार कार्ड लिंक्ड हो जाएगा।
जानकारी दें कि अभी तक देश में मौजूद 23.5 करोड़ राशन कार्ड में से लगभग 90 फीसदी कार्ड, राशन कार्ड धारकों (परिवार के कम से कम एक सदस्य) के आधार से लिंक हो चुके हैं। जिसमें सभी 80 करोड़ लाभार्थियों में से लगभग 85 फीसदी ने अपने आधार नंबर राशन कार्ड से लिंक करा दिए हैं।
केंद्र सरकार एक जून से 20 राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी सेवा 'वन नेशन-वन राशन कार्ड' को अमल में लाने की तैयारी कर रही है। ये कदम इसलिए उठाया गया है कि ताकि कोरोना वायरस की वजह से लागू देशव्यापी लॉकडाउन के दौरान पलायन करने वाले मजदूरों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रियायती दाम पर अनाज मिल सके। मालूम हो कि यह प्रक्रिया पहले ही, 17 राज्यों/ केंद्रशासित प्रदेशों में पूरी हो चुकी है। जिनमें आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड, त्रिपुरा, बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब हिमाचल प्रदेश और दमन-दीव शामिल हैं।
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