नई दिल्ली: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेन्द्र सिंह धोनी की तरह अगर आप भी मटर की खेती करना चाहते है तो आपके लिए अच्छी खबर है। धोनी क्रिकेट के साथ-साथ किसानी में भी अपनी छाप छोड़ रहे हैं। टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने क्रिकेट जगत में अपने नाम कई रिकॉर्ड दर्ज कराए हैं। इसी तरह अब थोनी खेती में भी अपनी पहचान बना रहे है। Mahendra Singh Dhoni : क्रिकेटर से सीधे बने किसान, जानिए मुनाफे का गणित
देश में इस समय मटर की खेती को लेकर खूब चर्चा हो रही है। इसी वजह से धोनी का मटर की खेती के प्रति प्रेम है। धोनी की बात करें तो उन्हें सब्जियों में सबसे ज्यादा मटर खाना पसंद है। यही कारण है कि उन्होंने अपने फार्म हाउस में बड़े पैमाने पर मटर की खेती शुरू कर दी है। बता दें कि देश के कई हिस्सों में मटर की खेती होती है और मटर की कई किस्म भी उगाए जाते हैं। तो चलिए हम आपको अपनी खबर के जरिए बताते है कि मटर की खेती देश के किन-किन राज्यों में होती है और यह क्यों फायदे का सौदा बनता जा रहा है। अच्छी बात तो ये है कि इससे आपको काफी कमाई भी होगी।
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि भारत में सितंबर महीने में मटर की बुआई शुरू हो जाती है और नवंबर के दूसरे सप्ताह में मटर की फसल आ जाती है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों में मटर की शुरुआती कीमत 60 से लेकर 80 रुपये किलो तक होती है। हाल के वर्षों में मटर की खेती कई किसानों की जिंदगी को बदल कर रख दिया है। उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और झारखंड जैसे राज्यों में मटर की खेती बड़े पैमाने पर शुरू हो गई है।
बात करें इस बिजनेस के नुकसान की तो मटर की खेती की करने वाले किसानों को सबसे ज्यादा नुकसान फसल में लगने वाले रोग और कीट से होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए वैज्ञानिकों ने मटर की कई किस्में विकसित किया है, जो रोग प्रतिरोधी होने के साथ-साथ सस्ती भी है। वैज्ञानिकों ने मटर की नई किस्म पंत मटर-399 विकसित की है, जो मटर की अन्य किस्में एचएफपी-530 और पंत मटर-74 से विकसित किया गया है। पंत मटर-399 की खासियत है कि ये फफूंदी, रतुआ, रस्ट, चूर्णील जैसे बीमारियों की प्रतिरोधी है। भारत की बात करें तो में तकरीबन 5,415 हजार टन मटर का उत्पादन होता है। मटर की खेती करने वाले देश के प्रमुख राज्यों में उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, झारखंड, और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्य शामिल हैं। खासतौर पर पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मटर की खेती खूब होती है। उत्तर प्रदेश में ही तकरीबन देश का आधा मटर का उत्पादन होता है।
पंजाब के होशियारपुर का चब्बेवाल मटर देश में काफी चर्चित है। पूरे देश में मटर की फसल सबसे पहले यहीं तैयार होती है। मीठे स्वाद के कारण देश के तमाम राज्यों में चब्बेवाल के मटर की मांग खूब है। दिल्ली-एनसीआर में ज्यादातर पश्चिमी उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा के मटर मिलते हैं। कुछ साल पहले तक आर्थिक तंगी से जूझने वाले यहां के हजारों किसान परिवारों के जीवन में मटर ने समृद्धि ला दी है। इस इलाके के 100 गांवों में इस समय मटर की खेती हो रही है और हजारों किसान मटर की खेती से आत्मनिर्भर हो चुके हैं। एशिया की एकमात्र मटर मंडी भी होशियारपुर में है। कुलमिलाकर मटर की खेती के लिए अधिक पानी नहीं चाहिए। 27 से 30 डिग्री तापमान में मटर की फसल अच्छी होती है। हाल के वर्षों में मटर की खेती मुनाफे का सौदा बनता जा रहा है। आने वाले सालों में मटर की खेती को लेकर किसान और जागरूक हो सकते हैं।
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