नई दिल्ली: भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) सबसे ज्यादा भरोसेमंद संस्था है। इसे देश भर में सबसे ज्यादा लोकप्रियता हासिल है। इसकी वजह यह है कि इसकी पॉलिसी में निवेश हर लिहाज से सुरक्षित होता है। सरकारी संस्था होने की वजह से यहां पैसा डूब नहीं सकता। LIC : 80 साल की उम्र में भी ले सकते हैं मोटी पेंशन, जानें योजना
एलआईसी पॉलिसी में निवेश करना लोगों की पहली पसंद है। इसकी पॉलिसी में निवेश करने से एक्सीडेंट से लेकर किसी तरह के खतरे में जहां बीमा की सुविधा मिलती है। वहीं मेच्योरिटी पर रिटर्न भी अच्छा-खासा मिलता है। यही वजह है कि देश में ज्यादातर परिवारों ने लाइफ इन्श्योरेंस की कोई न कोई पॉलिसी जरूर ले रखी है। बता दें कि बीते दिन, एलआईसी ने एक नई पॉलिसी लॉन्च की है। यह पॉलिसी काफी फायदे वाली है। तो चलिए आपको इस पॉलिसी की खासियत के बारे में बता दें।
भारतीय जीवन बीमा निगम नई पॉलिसी लेकर आया है। यह एलआईसी की जीवन अक्षय-7 (प्लान नंबर 857) है। यह एक एकल प्रीमियम, नॉन-लिंक्ड, नॉन-पार्टिसिपेटिंग और व्यक्तिगत तत्काल एन्युटी स्कीम है। यह कल यानी 25 अगस्त 2020 से प्रभावी होगी। एकमुश्त राशि के भुगतान पर शेयरधारकों के पास एन्युटी के 10 उपलब्ध विकल्पों में से किसी एक को चुनने का विकल्प होता है। पॉलिसी के आरंभ में एन्युटी की दरों की गारंटी दी जाती है और एन्युटी पाने वाले को उम्र भर एन्युटी का भुगतान किया जाता है। इस प्लान को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से खरीदा जा सकता है।
इस प्लान के लिए न्यूनतम खरीद मूल्य एक लाख रुपये (न्यूनतम वार्षिकी मानदंड के अनुसार) है। इस पॉलिसी में वार्षिक, अर्धवार्षिक, त्रैमासिक और मासिक एन्युटी के प्रकार उपलब्ध हैं। न्यूनतम एन्युटी 12000 रुपये सालाना है। यहां अधिकतम खरीद मूल्य की कोई सीमा नहीं है। इसके साथ ही पांच लाख से अधिक के खरीद मूल्य के लिए एन्युटी दर में वृद्धि के रूप में इंसेंटिव उपलब्ध है।
यह प्लान खरीद मूल्य की वापसी के साथ जीवन के लिए तत्काल एन्युटी के विकल्प को छोड़कर 30 वर्ष से 85 वर्ष तक की आयु के लिए उपलब्ध है। पहले वाली स्थिति में यह सौ साल तक के लिए है। वहीं दिव्यांगजन (विकलांग आश्रित) को फायदा पहुंचाने के लिए भी योजना खरीदी जा सकती है।
इस पॉ़लिसी में एक ही परिवार के दो वंशजों, एक ही परिवार के वंशजों (दादा-दादी, माता-पिता, बच्चे, नाती-पोते), पति-पत्नी या भाई-बहन के बीच ज्वाइंट लाइफ एन्युटी ली जा सकती है। पॉलिसी जारी होने के तीन महीने बाद या फ्री-लुक अवधि की समाप्ति के बाद (जो भी बाद में) कभी भी लोन सुविधा उपलब्ध होगी।
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