नई दिल्ली। किसानों को हर 4 माह में 2000 रुपये देने वाली पीएम किसान स्कीम का पैसा 30 नवंबर 2020 के पहले ही किसानों के बैंक खाते में पहुंच जाएगा। यह पैसा कररीब 11 करोड़ किसानों के बैंक खाते में जाएगा। लेकिन वहीं करोड़ों किसानों को यह पैसा नहीं मिल पाएगा। मोदी सरकार की यह किसानों के लिए छठवी किस्त होगी। इन 6 किस्तों के रूप में किसानों के बैंक खाते में 12000 रुपये डाला जा चुका है। लेकिन अभी भी करोड़ों किसान ऐसे हैं, जिनके बैंक खाते में यह पैसा नहीं आ रहा है। अगर आप भी ऐसे ही किसान हैं तो आइये जानते हैं कि क्या करें कि आपको पैसे मिलने शुरू हो जाएं।
मोदी सरकार इसी महीने पीएम किसान की 7वीं किस्त देने की तैयारी में है। वहीं अब तक करोड़ों किसानों के खातों में छठी किस्त भी नहीं पहुंची है। ऐसे किसानों में सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश के हैं। अगर पीएम किसान स्कीम में आवेदन के बाद भी आपको पैसे नहीं मिल रहे हैं, तो सबसे पहले अपने पीएम किसान के रिकॉर्ड को चेक करें। इसके लिए अपने मोबाइल का इस्तेमाल करना होगा। आप सबसे पहले पीएम किसान ऐप अपने मोबाइल पर डाउनलोड कर लें। इसके बाद आगे बताए तरीके से अपने रिकॉर्ड को दुरुस्त करें।
पीएम किसान योजना की ऑफिशियल वेबसाइट है। सबसे पहले आपको उस पर जाना होगा। इस ऑफिशियल वेबसाइट का पता है
यहां पर जाकर सबसे पहले फार्मर कॉर्नर को क्लिक करें। यहां पर एडिट आधार डिटेल के ऑप्शन को क्लिक करें। यहां पर आप अपना आधार दर्ज करें। इसके बाद एक कैप्चा कोड डालकर इसे सबमिट करे दें।
अगर आपका केवल नाम गलत है यानी आपके आवेदन पत्र और आपके आधार में यह अलग है, तो इसे ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं। वहीं अगर अन्य कोई गलती है तो अपको अपने लेखपाल या कृषि विभाग ऑफिस से संपर्क करना होगा।
पीएम किसान में फंड ट्रांसफर ऑर्डर जनरेट होने के बाद भी भुगतान फेल होने के कई कारण हैं। इसकी सबसे बड़ी वजह है आवेदन में लिखा गया आपका नाम और आधार में दिया गया नाम। अगर यह एक सा नहीं है तो पेमेंट फेल हो जाता है। ऐसा इसलिए होता है कि यह आपके बैंक अकाउंट से मेल नहीं खाता है। इसके अलावा अगर आधार नंबर सही नहीं डाला है या बैंक का आईएफएससी कोड डालने में गलती की है तो भी पेमेंट फेल होता है।
पीएम किसान वेबसाइट पर दी जानकारी के अनुसार पेमेंट फेल होने के सबसे ज्यादा मामले महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के हैं। पीएम किसान का पैसा न मिलने का दूसरा बड़ा कारण बैंक खाते में अस्थायी रोक या जो खाता नंबर दिया है, उसका बैंक में न होना है। कई बार यह भी हो रहा है कि बैंक पीएफएमएस यानी सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली में रजिस्टर्ड नहीं होता है। पीएम किसान की किस्त न मिलने की एक बड़ी वजह यह भी कि नेशनल पेमेंट कारपोरेशन ऑफ इंडिया में आधार सीडिंग नहीं हुई हो।
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