नई दिल्ली: अगर आपके पास कार है तो ये खबर आपके लिए है। आपके कार का बीमा खत्म हो गया है तो उसे रिन्यू कराना जरूरी है। समय रहते कार बीमा को रिन्यू करा लेना आपको राहत देगा। अगर बीमा के होते अगर आपकी कार चोरी या क्षतिग्रस्त हो जाती है तो बीमा कवर आपको मदद कर सकता है। कार इंश्योरेंस पॉलिसी लैप्स होती ही रिन्यू कराने से आप आर्थिक नुकसान से बच सकते है। थर्ड पार्टी इंश्योरेंस : कैसे मिलता है क्लेम, जान लें आप भी
ग्रेस पीरियड का करें उपयोग
इंश्योरेंस कंपनियां अपने ग्राहकों को आमतौर पर तय तारीख से 15 से 30 दिन का ग्रेस पीरियड देती हैं। आप इस दौरान अपना प्रीमियम भर सकते हैं। अगर आप ग्रेस पीरियड में भी ऐसा नहीं करते हैं तो नई कार इंश्योरेंस पॉलिसी खरीदनी पड़ती है।
- इंश्योरेंस एजेंसी की वेबसाइट में लॉग-इन करें।
- उसके बाद मौजूदा पॉलिसी रिन्यू करने का ऑप्शन चुनें।
- फिर मौजूदा पॉलिसी नंबर और ईमेल आईडी डालकर ऑनलाइन फॉर्म भरें।
- नई पॉलिसी के प्रीमियम का कोटेशन दिखाई देगा।
- कोटेशन से आप सहमत हैं तो रिन्यूअल के लिए आगे बढ़ें। नहीं तो दूसरी इंश्योरेंस एजेंसी में स्विच करें और बेहतर विकल्प देखें।
- कोटेशन स्वीकार करने पर प्रीमियम की पेमेंट तुरंत हो सकती है। डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग या अन्य ऑनलाइन वॉलेट से पेंमेंट की जा सकती है।
- पेमेंट के बाद आपके ईमेल पर एक एकनॉलेजमेंट आएगा। आपको ईमेल आईडी पर रिन्यू किए गए पॉलिसी डॉक्यूमेंट प्राप्त होंगे।
दूसरे विकल्पों की तुलना अवश्य करें
बीमा रिन्यू करने से पहले ऑनलाइन उपलब्ध तमाम विकल्पों की तुलना कर लें। क्या दूसरी बीमा कंपनी बेहतर ऑफर दे रही है इसे जरुर जांच लें। पॉलिसी फीचर, प्रीमियम, इंश्योर्ड डेक्लेयर्स वैल्यू (आईडीवी) इत्यादि की जांच करें।
पॉलिसी कवरेज
थर्ड पार्टी मोटर इंश्योरेंस को खरीदना अनिवार्य है। यह आपकी कार से दूसरे व्यक्ति को हुए जान-माल के नुकसान को कवर करता है। अगर किसी के पास थर्ड पार्टी इंश्योरेंस प्लान है तो कॉम्प्रिहेंसिव प्लान का विकल्प देखना चाहिए। इसमें थर्ड पार्टी के साथ ओन डैमेज दोनों कवर होते हैं। इस तरह एक ही प्लान में दोहरा बेनिफिट मिलता है।
कार इंश्योरेंस प्लान को रिन्यू कराते वक्त एड-ऑन कवर रिव्यू जरुर करें। इस दौरान पॉलिसीधारक को सभी आवश्यक एडजस्टमेंट कर लेने चाहिए और अपना प्लान अपने अनुकूल बना लेना चाहिए। यह उन्हें अपनी जरूरत के अनुसार मौजूदा एड-ऑन कवर बढ़ाने में मदद करेगा। बता दें कि कई बार बीमा कंपनियां नियम-शर्तों या फीचरों को बदलती हैं। अगर आप इन नए बदलावों से संतुष्ट नहीं हैं तो वे अलग प्लान चुन सकते हैं।
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