नई दिल्ली: नेशनल पेंशन स्कीम के खाताधारकों को नई सुविधा मिली है। इस सुविधा के तहत जो अपने खाते में नॉमिनी को बदलना चाहते हैं, वे यह काम ऑनलाइन कर सकते हैं। सब्सक्राइबर्स के फायदे के लिए पेंशन फंड रेगुलेटर पीएफआरडीए ने नॉमिनी में बदलाव के लिए ई-साइन की सुविधा दी है। तो अब नॉमिनी को बदलने के लिए फिजिकली नॉमिनेशन फॉर्म जमा करने की जरूरत नहीं होगी। खुशखबरी : गांव में भी मिलेगी PPF और SSY में निवेश की सुविधा ये भी पढ़ें
बता दें एनपीएस एक पेंशन सह निवेश योजना है, जिसे भारत सरकार ने भारत के नागरिकों को वृद्धावस्था में सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया है। मौजूदा व्यवस्था में अगर एनपीएस के सब्सक्राइबर्स जो अपने स्थायी सेवानिवृत्ति खाता संख्या (पीआरएएन) में अपना नॉमिनी बदलना चाहते हैं, उन्हें संबंधित नोडल अधिकारियों, कॉरपोरेट्स या प्वॉइंट आफ प्रेजेंस (पीओपी) के पास फिजिकली S2 फॉर्म जमा करने की आवश्यकता होती है। बता दें कि एनपीएस सरकार की एक पेंशन योजना है जिसका लाभ कोई भी भारतीय नागरिक उठा सकता है।
- नॉमिनी में ऑनलाइन बदलाव के लिए एनपीएस सब्सक्राइबर्स लॉगिन क्रेडेंशियल के साथ अपने सीआरए सिस्टम तक पहुंच सकते हैं। उसके बाद डेमोग्राफिक चेंजेज मेनू के तहत अपडेट पर्सनल डिटेल्स विकल्प चुनें।
- सब्सक्राइबर को फिर नॉमिनी डिटेल एड/अपडेट करने के विकल्प का चयन करना होगा। उसके बाद एनपीएस सब्सक्राइबर को नॉमिनी का नाम, नॉमिनी के साथ रिलेशनशिप और फीसदी शेयर जैसे डिटेल सबमिट करने होंगे।
- एक बार डिटेल सेव और कंफर्म होने के बाद, सब्सक्राइबर्स को रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी (ओटीपी) आएगा।
- इस वन-टाइम पासवर्ड (ओटीपी) को सबमिट करें। इसके बाद सब्सक्राइबर को ई-साइन विकल्प का चयन करके परिवर्तनों को प्रमाणित करने की आवश्यकता होगी। ग्राहक को ई-साइन के लिए e-signature सर्विस प्रोवाइडर पर ले जाया जाएगा जहां उसे आधार / वर्चुअल आईडी दर्ज करना होगा और सेंड ओटीपी पर क्लिक करना होगा।
- ओटीपी को यूआईडीएआई के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर भेजा जाएगा। सब्सक्राइबर को ओटीपी सबमिट करना होगा और वेरिफाइड ओटीपी पर क्लिक करना होगा। वेरिफिकेशन के बाद, नॉमिनी डिटेल्स एनपीएस रिकॉर्ड में अपडेट किया जाएगा। अगर वह ई-साइन फेल हो जाता है, तो सब्सक्राइबर को मौजूदा फिजिकल प्रॉसेस के अनुसार ही नॉमिनेशन को अपडेट करने का विकल्प होगा।
नेशनल पेंशन सिस्टम (एनपीएस) में 2 तरह के खाते खोलने की सुविधा मिलती है। इसमें टियर-1 अकाउंट पेंशन अकाउंट होता है। वहीं, टियर-2 अकाउंट वॉलंटियरी सेविंग्स अकाउंट है। जिन एनपीएस सब्सक्राइबर का टियर-1 अकाउंट है, वे टियर-2 अकाउंट खोल सकते हैं। इसके लिए ऑफलाइन या एनपीएस पोर्टल का इस्तेमाल किया जा सकता है। एनपीएस में जमा रकम को निवेश करने का जिम्मा पीएफआरडीए रजिस्टर्ड पेंशन फंड मैनेजर्स को देता है। ये आपके निवेश को इक्विटी, गवर्नमेंट सिक्युरिटीज और नॉन गवर्नमेंट सिक्युरिटीज के अलावा फिक्स्ड इनकम इंस्ट्रूमेंट में निवेश करते हैं।
केंद्र सरकार ने 2004 में नेशनल पेंशन स्कीम (एनपीएस) की शुरुआत की थी। राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली एक पेंशन सह निवेश योजना है जिसे भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों को वृद्धावस्था सुरक्षा प्रदान करने के लिए शुरू किया गया है। भारत का कोई भी नागरिक (आवासीय और प्रवासी दोनों) जिसकी आयु 18 से 65 वर्ष की आयु (एनपीएस आवेदन जमा कराने की तिथि के अनुसार) है, एनपीएस में शामिल हो सकता है। यह योजना सुरक्षित और विनियमित बाजार आधारित रिर्टन के जरिए प्रभावशाली रूप से आपकी सेवानिवृत्ति की योजना बनाने हेतु एक आकर्षक दीर्घकालिक बचत मार्ग से प्रारंभ होती है। इस योजना का विनियमन पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) द्वारा किया जाता है। पीएफआरडीए द्वारा स्थापित राष्ट्रीय पेंशन प्रणाली न्यास एनपीएस के अंतर्गत सभी आस्तियों का पंजीकृत मालिक है।
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