नई दिल्ली: कार खरीदना किसी के लिए भी बहुत बड़ी बात होती है। वहीं आज के समय में कार खरीदना जरुरत भी बन गई है। इसके बाद भी महंगी कीमत के कारण कार खरीदना संभव नहीं होता है। कुछ लोग नई कार खरीदते हैं तो कुछ लोग पैसे की कमी के चलते पुरानी कार खरीदकर ही अपना शौक पूरा कर लेते हैं। Bullet की कीमत पर खरीदें ये शानदार Car ये भी पढ़ें
सेकेंड हैंड गाड़ियों की तरफ भी लोगों का रुझान बढ़ता जा रहा है। इन सब के बाद भी आपको पुरानी कार खरीदने से पहले कई बातों को ध्यान में रखना चाहिए। अच्छी बात तो यह है कि सेकेंड हैंड कार खरीदने के लिए भी लोन लिया जा सकता है। हालांकि, ऐसा लोन लेने से पहले आपको कुछ चीजों का ध्यान रखने की जरूरत है। सेकेंड हैंड कार को खरीदने के लिए उसे लोन के लिए पात्र होना चाहिए। क्योंकि कई बार बैंक तीन साल से ज्यादा पुरानी कार खरीदने के लिए लोन नहीं देते हैं।
- आप कार लोन के लिए आवेदन ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों तरीके से कर सकते है। सबसे पहले आपको जानकारी दें कि ऑनलाइन के लिए बैंक की वेबसाइट पर जाना होगा। वहीं, ऑफलाइन के लिए बैंक की ब्रांच में जाना होगा।
- उसके बाद जिस बैंक से लोन लेना है उसकी प्री ओन्ड कार लोन सेक्शन पर जाकर पूरी डिटेल चेक करें।
- एचडीएफसी, एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक की वेबसाइट पर भी इनके बारे में देख सकते हैं। कुछ बैंक आपसे पुरानी कार खरीदने के लिए लोन लेने के लिए 20 से 30 फीसदी डाउनपेमेंट करने को कह सकते हैं। उसके बाद आपको 100 फीसदी तक लोन मिल जाता है। उसके बाद लोन देने वाले बैंक से आप कितनी राशि के पात्र हैं, ब्याज की दर, प्रोसेसिंग फीस, कितने टाइम के लिए चाहिए और ईएमआई के बारे में जान लें।
- अगर आप लोन को प्रीपे या फोरक्लोज करना चाहते हैं तो आपको कर्जदाता से प्रीपेमेंट चार्ज के बारे में पूछना चाहिए। सेकेंड हैंड कार के लिए लोन की अवधि 5 साल हो सकती है। यह कार की उम्र पर निर्भर करेगी।
जानकारी के लिए बता दें कि आपको कार लोन के लिए फोटो आईडी जैसे पैन कार्ड, आधार कार्ड, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस की जरुरत पड़ेगी। इसके साथ ही आप 3 पासपोर्ट साइज फोटो के साथ साइन किया हुआ एप्लीकेशन फॉर्म, एड्रेस प्रूफ, और अपडेटेड पासबुक या बैंक अकाउंट स्टेटमेंट, रजिस्टर्ड रेंट एग्रीमेंट अपने साथ अवश्य रख लें। मालूम हो कि बैंक सैलरीड वाले आवेदक से पिछले 3 महीने की सैलरी स्लिप मांगते है। इसके साथ ही फॉर्म 16 या इनकम टैक्स रिटर्न के दस्तावेज मांगते है।
अगर कार लोन लेने जा रहे है आप और सेल्फ इम्प्लॉयड है तो आपको पिछले दो साल की बैलेंसशीट, पिछले दो साल के आईटीआर डॉक्यूमेंट, बिजनेस प्रूफ के लिए रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट, सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन, आईटी असेसमेंट/क्लीयरेंस सर्टिफिकेट, इनकम टैक्स चालान/टीडीएस सर्टिफिकेट/फॉर्म 26एएस की पूरी जानकारी देनी होगी।
अब आपको पुरानी कार खरीदने से पहले कई बातों को ध्यान में रखना चाहिए। कार डीलर्स अक्सर लोगों को सेकंड हैंड कार में चूना लगा देते हैं। वहीं अच्छा पेंट, एसी, म्यूजिक सिस्टम और इंटीरियर जैसी चीजों से कस्टमर को आकर्षित करने की कोशिश करते हैं। जिससे कार की दूसरी अहम चीजों तक ध्यान न जाए। कुछ ऐसी बेहद जरूरी बातें हैं जो आपको सेकंड हैंड कार खरीदते वक्त ध्यान रखनी है। बता दें कि ऑनलाइन की जगह ऑफलाइन कार खरीदें, मैकेनिक से अच्छे से चेक करा लें, ज्यादा डिस्काउंट या तारीफ की तरफ आकर्षित न हो, कार के लुक से ज्यादा उसे चला कर देखें, कार का एक्सीडेंट तो नहीं हुआ ऐसे पता करें और अंतिम बात पूरे पेपर्स मिलने पर ही कार खरीदें।
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